अभिभाषण से लगा कि प्रधानमंत्री जनादेश को नकारने के प्रयास में हैं : खरगे

राष्ट्रपति ने पढ़ी 'सरकार की पटकथा', आज है 'अघोषित आपातकाल' : विपक्ष

नयी दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के, ”मोदी सरकार लिखित” अभिभाषण को सुनकर ऐसा लगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2024 के लोकसभा चुनाव के जनादेश को नकारने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति से ‘झूठ बुलवाकर’ अपनी वाहवाही करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि देश की जनता उन्हें नकार चुकी है.

खरगे ने यह भी कहा कि अभिभाषण में महंगाई, बेरोजगारी, मणिपुर में हिंसा और जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों जैसे प्रमुख मुद्दों का उल्लेख नहीं था. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अठारहवीं लोकसभा में पहली बार संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को बृहस्पतिवार को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि दुनिया देख रही है कि भारत के लोगों ने लगातार तीसरी बार स्थिर और स्पष्ट बहुमत की सरकार बनाई है और छह दशक बाद ऐसा हुआ है.

खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”राष्ट्रपति के, मोदी सरकार द्वारा लिखित अभिभाषण को सुनकर ऐसा लगा जैसे मोदी जी जनादेश को नकारने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं. जनादेश उनके ख.लिाफ. था, क्योंकि देश की जनता ने ह्ल400 पारह्व के उनके नारे को ठुकरा दिया और भाजपा को 272 के आंकड़े से दूर रखा. मोदी जी इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं. वह ऐसा बर्ताव कर रहे हैं जैसे कुछ बदला ही नहीं, जबकि सच्चाई यह है कि देश की जनता ने बदलाव मांगा था.”

उन्होंने कहा, ”मैं राज्यसभा में अपने भाषण में विस्तृत प्रतिक्रिया दूंगा, पर प्रथमदृष्टया मैं कुछ बातें कहना चाहता हूं. नीट घोटाले में लीपापोती नहीं चलेगी.” कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया, ”पिछले पांच वर्षों में एनटीए द्वारा कराई गईं 66 भर्ती परीक्षाओं में कम से कम 12 में पेपर लीक और धांधली हुई है, जिससे 75 लाख से अधिक युवा प्रभावित हुए हैं. मोदी सरकार केवल यह कहकर कि “दलगत राजनीति से ऊपर उठना चाहिए”, अपनी जवाबदेही से भाग नहीं सकती.” उन्होंने कहा कि युवा न्याय मांग रहा है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इसकी ज.म्मिेदारी लेनी होगी.

खरगे ने कहा, ”देश का हर दूसरा युवा बेरोजग़ार है और भाषण में बेरोजग़ारी दूर करने की कोई ठोस नीति सामने नहीं आई है. सिफ.र् बातें करने से समस्या का हल नहीं निकलता, इसके लिए निर्णायक कदम उठाने होते हैं.” उन्होंने कहा कि देश के समक्ष खड़े पांच प्रमुख मुद्दों- कमरतोड़ महँगाई, मणिपुर की हिंसा, रेल दुर्घटना एवं यात्री ट्रेनों की दुर्दशा, जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले और दलितों, आदिवासियों व अल्पसंख्यकों पर भाजपा शासित राज्यों में बढ़ते अत्याचार को लेकर अभिभाषण में कुछ नहीं कहा गया. खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान नरेन्द्र मोदी जी के भाषणों ने इस तथ्य पर कई बार मोहर लगाई कि भाजपा एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सोच केवल समाज को बांटने की है.

उन्होंने दावा किया, ” ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, असम व उत्तर प्रदेश जैसे भाजपा शासित राज्यों में मोदी सरकार के आते ही मॉब लिंचिंग, भीड़तंत्र, सांप्रदायिक हिंसा और ग.रीबों के घरों पर ग.ैरकानूनी तरीके से बुलडोज.र चलाए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं. पर सत्ताधारी दल पूरी तरह मौन धारण किए हुए है.” कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया, ”कुल मिलाकर, मोदी जी, महामहिम राष्ट्रपति जी से झूठ बुलवाकर, वाहवाही लूटने का ओछा प्रयास कर रहे हैं, जबकि उन्हें 2024 के चुनाव में भारत की जनता नकार चुकी है.”

राष्ट्रपति ने पढ़ी ‘सरकार की पटकथा’, आज है ‘अघोषित आपातकाल’ : विपक्ष

विपक्षी नेताओं ने बृहस्पतिवार को संसद की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिए गए अभिभाषण को ”सरकार द्वारा दी गई और झूठ पर आधारित पटकथा’ करार दिया और कहा कि सरकार को 1975 के आपातकाल के बजाय आज के ‘अघोषित आपातकाल’ पर जवाब देना चाहिए. उन्होंने यह दावा भी किया कि मोदी सरकार में लोकतंत्र एवं संविधान पर हमला किया जा रहा है.
राष्ट्रपति मुर्मू ने बृहस्पतिवार को अपने अभिभाषण में 1975 में लागू आपातकाल का उल्लेख किया और इसे ‘संविधान पर सीधे हमले का सबसे बड़ा एवं काला अध्याय’ करार देते हुए कहा कि ऐसे अनेक हमलों के बावजूद देश ने असंवैधानिक ताकतों पर विजय प्राप्त करके दिखाई.

राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के, ”मोदी सरकार लिखित” अभिभाषण को सुनकर ऐसा लगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2024 के लोकसभा चुनाव के जनादेश को नकारने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति से ‘झूठ बुलवाकर’ अपनी वाहवाही करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि देश की जनता उन्हें नकार चुकी है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारत के दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के सरकार के दावे पर निशाना साधा.

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ”भारत के पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की कहानी बताई जा रही है… क्या उसने हमारे किसानों को समृद्ध बनाया है? अगर हम पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं, तो इतने सारे युवा बेरोजगार क्यों हैं? अग्निवीर जैसी योजना क्यों है? महंगाई पर नियंत्रण क्यों नहीं किया जा सकता?ह्व मुर्मू द्वारा आपातकाल का जिक्र किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ”भाजपा ने आपातकाल के दौरान जेल में बंद लोगों के लिए क्या किया? सपा ने उन्हें सम्मान और पेंशन दी.” तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि राष्ट्रपति ने ”सरकार द्वारा दी गई पटकथा’ पढ़ी और भाजपा को अभी तक यह एहसास नहीं हुआ है कि उसके पास अपने दम पर बहुमत नहीं है.

उन्होंने कहा, ”सरकार की समस्या यह है कि वे अभी तक यह नहीं समझ पा रहे हैं कि वे 303 से 240 पर आ गए हैं. उन्होंने 303 के बहुमत के आधार पर भाषण तैयार किया.” उन्होंने कहा कि हो सकता है कि उन्होंने पिछले साल के भाषण से कुछ अंश लिए हों.
राष्ट्रपति द्वारा आपातकाल की बात करने पर भाकपा (माले) लिबरेशन के सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा, ”वह घोषित आपातकाल था और आज का आपातकाल घोषित नहीं किया गया है.”

उन्होंने कहा, ”उन्होंने कल भी आपातकाल का जिक्र किया था. यह सही नहीं है. वे आपातकाल का जिक्र कर रहे हैं लेकिन हम इस समय एक महा-आपातकाल का सामना कर रहे हैं. संविधान पर हमला किया जा रहा है, लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की जा रही है और लोगों को चुप कराया जा रहा है.” कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि राष्ट्रपति के भाषण में कुछ भी नया नहीं था. उन्होंने कहा, ”पुराने भाषणों में बस कुछ बदलाव किए गए हैं. आज संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण में कुछ भी नया नहीं था.” अनवर ने कहा, ”आपातकाल के बाद से कई चुनाव हुए हैं जिनमें भाजपा हार गई. उनके पास कहने के लिए कुछ नया नहीं है.” भाषा हक हक मनीषा

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