
रफह. गाजा शहर में राहत सामग्री का इंतजार कर रही फलस्तीनी भीड़ पर बृहस्पतिवार को इजराइली सैनिकों के हमले में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गयी. इसके साथ ही करीब पांच महीने पहले शुरू हुए इजराइल-हमास युद्ध में मरने वाले लोगों की संख्या 30 हजार से ज्यादा हो गयी. गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
इजराइली अधिकारियों ने स्वीकार किया कि सैनिकों ने गोलीबारी की. उन्होंने कहा कि भीड़ से धमकी मिलने के बाद सैनिकों ने गोलीबारी की. सात अक्टूबर को हमास के हमले के जवाब में इजराइल के हवाई, समुद्री और जमीनी हमलों में गाजा शहर और पूरे उत्तरी गाजा को निशाना बनाया गया है. ये इलाके पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं और कई महीनों से क्षेत्र से कट गए हैं, जहां न के बराबर सहायता पहुंच पा रही है.
सहायता समूहों का कहना है कि गाजा के अधिकांश हिस्सों में मानवीय सहायता पहुंचाना लगभग असंभव हो गया है, जिसके पीछे एक बड़ा कारण हताश लोगों की भीड़ है, जो सहायता काफिलों पर हावी हो जाती है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि गाजा के 23 लाख फलस्तीनियों की एक चौथाई आबादी भुखमरी का सामना करने को मजबूर है. स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल किदरा ने बताया कि बृहस्पतिवार को हुए हमले में कम से कम 104 लोग मारे गए जबकि करीब 760 लोग घायल हुए हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, युद्ध में मरने वाले फलस्तीनियों की संख्या 30,035 हो गई है, जबकि 70,457 लोग घायल हुए हैं हालांकि आंकड़ों में नागरिकों और सैनिकों की संख्या का विवरण नहीं दिया गया है लेकिन मारे गए लोगों में महिलाओं और बच्चों की संख्या लगभग दो-तिहाई है.



