गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: लूथरा बंधु थाईलैंड से प्रत्यर्पित, गिरफ्तार

गोवा क्लब अग्निकांड : गोवा पुलिस को लूथरा बंधुओं की दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली

नयी दिल्ली. गोवा के ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब के सह-मालिकों गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा को थाईलैंड से प्रर्त्यिपत किए जाने के बाद मंगलवार को दिल्ली पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया गया. उन्हें दो दिन की ‘ट्रांजिट रिमांड’ पर रखा गया है ताकि उन्हें गोवा की अदालत में पेश किया जा सके. नाइटक्लब में भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी. उत्तरी गोवा के अरपोरा में ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में आग लगने के 10 दिन बाद, दोनों भाई इंडिगो की उड़ान से दिल्ली लाए गए और उन्हें आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए तुरंत अधिकारियों के हवाले कर दिया गया. गोवा पुलिस के मुताबिक, लूथरा बंधुओं को बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे दिल्ली से गोवा लाया जाएगा.

गौरव और सौरभ अपने नाइटक्लब में आग लगने के कुछ घंटों बाद फुकेत भाग गए थे. कड़ी सुरक्षा के बीच, गौरव (44) और सौरभ (40) को पटियाला हाउस अदालत में न्यायिक मजिस्ट्रेट ंिट्वकल चावला के समक्ष पेश किया गया. न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गोवा पुलिस को लूथरा बंधुओं की दो दिन की ‘ट्रांजिट रिमांड’ प्रदान की. गोवा पुलिस के जांच अधिकारी ने तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड का अनुरोध किया और अदालत को सूचित किया कि उन्हें जल्द से जल्द उड़ान से गोवा ले जाया जाएगा. गोवा पुलिस के मुताबिक लूथरा बंधुओं को बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे दिल्ली से गोवा लाया जाएगा.

दोनों आरोपियों को भारी सुरक्षा के बीच दो अलग-अलग पुलिस वाहनों में अदालत लाया गया था. दोनों को चिकित्सा जांच के लिए सफदरजंग अस्पताल भी ले जाया गया था. आग की घटना के बाद लूथरा बंधुओं के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं. जांचकर्ताओं का आरोप है कि नाइटक्लब द्वारा अनिवार्य अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के कारण यह घटना और भी गंभीर हो गई. इस घटना ने प्रबंधन द्वारा कथित अग्नि सुरक्षा उल्लंघनों और चूक पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
गौरव और सौरभ अपने नाइटक्लब में आग लगने के कुछ घंटों बाद, सात दिसंबर को तड़के फुकेत भाग गए, जिसके चलते इंटरपोल का ‘ब्लू कॉर्नर’ नोटिस जारी किया गया और उनके पासपोर्ट रद्द कर दिए गए.

भारत सरकार के अनुरोध के बाद 11 दिसंबर को थाईलैंड के अधिकारियों ने फुकेत में दोनों को हिरासत में ले लिया. भारत सरकार ने दोनों देशों के बीच कानूनी संधियों के तहत उन्हें निर्वासित करने के लिए थाईलैंड के अधिकारियों के साथ समन्वय किया. पणजी में, गोवा पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, “नयी दिल्ली में लूथरा भाइयों को हिरासत में लेने और ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद, गोवा पुलिस दोनों आरोपियों को गोवा ला रही है.” दिल्ली की एक अदालत ने 11 दिसंबर को लूथरा बंधुओं की ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं थी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वंदना ने लूथरा बंधुओं के खिलाफ लगे आरोपों को “प्रथम दृष्टया गंभीर” बताया और उनके “आचरण” की कड़ी आलोचना की.

अदालत ने पुलिस जांच पर गौर किया कि लूथरा बंधुओं ने आग लगने के एक घंटे बाद फुकेट के लिए टिकट बुक कर लिए थे. शुरुआत में इस तथ्य को उनके वकील ने गिरफ्तारी से संरक्षण का अनुरोध करते समय छिपाया था. न्यायाधीश ने कहा कि घटना के तुरंत बाद वहां से चले जाना “कानूनी प्रक्रिया से बचने” का स्पष्ट प्रयास था.

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