गुजरात एटीएस ने अल-कायदा के भारत विरोधी प्रोपेगैंडा के आरोप में एक महिला को पकड़ा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 30 Jul 2025 09:13 PM
गुजरात एटीएस ने अल-कायदा के भारत विरोधी प्रोपेगैंडा के आरोप में एक महिला को पकड़ा

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अहमदाबाद. गुजरात के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ‘भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा’ (एक्यूआईएस) के राष्ट्र विरोधी प्रोपेगैंडा का प्रचार करने के आरोप में बेंगलुरु की एक महिला को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि मंगलवार को बेंगलुरु से पकड़ी गई आरोपी शमा परवीन अंसारी फोन और ईमेल के ज़रिए पाकिस्तानी संगठनों के संपर्क में थी. उन्होंने बताया कि वह सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट करती थी, भारत सरकार के खिलाफ ”सशस्त्र क्रांति या जिहाद” छेड़ने का आह्वान करती थी और देश में वैमनस्य फैलाती थी. एटीएस की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि अंसारी एक्यूआईएस और कुछ अन्य कट्टरपंथी प्रचारकों की भड़काऊ और भारत विरोधी सामग्री साझा करने के लिए दो फेसबुक पेज तथा एक इंस्टाग्राम हैंडल चलाती थी, जिसके 10,000 से अधिक फॉलोअर हैं.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि अंसारी को बेंगलुरु के आरटी नगर इलाके में उसके आवास से गिरफ्तार किया गया. वह उन चार लोगों में से एक से जुड़ी हुई थी जिन्हें एक हफ्ते पहले एटीएस ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए ऐसी सामग्री साझा करने के आरोप में पकड़ा था. इसमें बताया गया है कि एटीएस ने 23 जुलाई को दिल्ली, नोएडा, अहमदाबाद और गुजरात के मोडासा शहर से चार लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्यूआईएस के जिहादी प्रचार वीडियो सहित कट्टरपंथी और उत्तेजक सामग्री साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन वीडियो के ज़रिए चारों लोग मुस्लिम युवाओं को भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को उखाड़ फेंकने और सशस्त्र विद्रोह के ज़रिए देश में ‘शरिया’ (इस्लामी कानून) लागू करने के लिए उकसाते थे. एटीएस के पुलिस उप महानिरीक्षक सुनील जोशी ने कहा, ”गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक, दिल्ली निवासी मोहम्मद फैक ने भारत में जिहाद और आतंकी हमलों का आह्वान करते हुए भड़काऊ वीडियो पोस्ट किए थे. पता चला है कि उसने दो फेसबुक और एक इंस्टाग्राम अकाउंट से यह सामग्री डाउनलोड की थी और कुछ काटछांट के बाद इसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दोबारा पोस्ट किया था.” जोशी ने बताया कि यह भी पता चला है कि फैक उन तीन अकाउंट के वास्तविक उपयोगकर्ता के संपर्क में था, जिनके 10,000 से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स थे.

इसके बाद, एटीएस को पता चला कि ये तीनों पेज बेंगलुरु के आरटी नगर में रहने वाली शमा परवीन अंसारी द्वारा संचालित किए जा रहे थे. अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को एटीएस गुजरात की एक टीम ने केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस के सहयोग से अंसारी को गिरफ्तार किया और बुधवार को ट्रांजिट रिमांड पर उसे यहां लाया गया. उन्होंने बताया कि अंसारी, एक्यूआईएस के नेता मौलाना असीम उमर और अल-कायदा के मारे जा चुके नेता अनवर अल-अवलाकी के भड़काऊ भाषण पोस्ट करती थी.

जोशी ने बताया, ”इसमें भारत सरकार के ख़िलाफ सशस्त्र क्रांति या जिहाद, ग.ज़वा-ए-हिंद, आतंकवादी हमलों और भारतीय मुस्लिम युवाओं को काफिरों या नास्तिकों पर हिंसा करने के लिए उकसाने का आह्वान किया गया था.” उन्होंने बताया कि अंसारी फ़ोन और ईमेल के जरिए पाकिस्तानी संस्थाओं के संपर्क में थी.

जोशी ने कहा, ”अंसारी ने लाहौर की लाल मस्जिद के मौलाना अब्दुल अज़ीज़ का एक वीडियो भी पोस्ट किया था. वीडियो में, वह मुसलमानों को भारत सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए सशस्त्र संघर्ष छेड़ने और देश में धार्मिक और जातिगत विभाजन के आधार पर वैमनस्य फैलाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए दिखाई दे रहे थे.”

By Yogesh Kumar Sahu