
सिलीगुड़ी/नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर देशभर में नफरत और हिंसा फैलाने तथा गरीबों और युवाओं के हितों को नजरअंदाज करके बड़े कॉरपोरेट घरानों के लिए काम करने का आरोप लगाया. गांधी उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, ”केंद्र सरकार ने सशस्त्र बलों के लिए एक अल्पकालिक भर्ती योजना ‘अग्निवीर’ को शुरू करके उन युवाओं का मखौल उड़ाया है जो सशस्त्र बलों में शामिल होना चाहते थे.”
उन्होंने कहा, “देशभर में नफरत और हिंसा फैलायी जा रही है. इससे कोई फायदा नहीं होगा. नफरत फैलाने के बजाय, हमें प्यार का प्रसार करने और अपने युवाओं को न्याय दिलाने की दिशा में काम करना होगा. केंद्र सरकार केवल बड़े कॉरपोरेट घरानों के लिए काम कर रही है, गरीबों और युवाओं के लिए नहीं.”
गांधी ने पश्चिम बंगाल में अपने स्वागत के लिए आभार जताते हुए कहा, “बंगाल एक विशेष स्थान रखता है. इसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वैचारिक लड़ाई का नेतृत्व किया था. यह बंगाल और बंगालियों का कर्तव्य है कि वे नफरत के खिलाफ लड़ने का एक रास्ता दिखाएं और वर्तमान परिस्थितियों में देश को एकसाथ बांधकर रखें.ह्व उन्होंने कहा, ”यदि आप मौके पर नहीं खड़े हुए तो लोग आपको कभी माफ नहीं करेंगे.”
जाति आधारित गणना कराने की घोषणा न्याय की दिशा में पहला कदम : राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए.रेवंत रेड्डी और उनकी सरकार को जाति आधारित गणना कराने की घोषणा करने के लिए बधाई दी और इसे ‘न्याय की ओर पहला कदम’ करार दिया. गांधी ने कहा कि देश की समृद्धि में समाज के हर वर्ग की समान भागीदारी सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका जाति आधारित गणना है.
कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”जातिगत जनगणना न्याय की पहली सीढ़ी है! क्योंकि किसी भी समाज की सामाजिक और आर्थिक सेहत जाने बिना, उसके लिए सही योजनाएं बना पाना असंभव है. और जातिगत जनगणना ही देश की समृद्धि में समाज के हर तबके की न्यायपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने का उपाय है.” उन्होंने कहा, ”मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और तेलंगाना सरकार को न्याय की दिशा में पहला कदम बढ़ाने पर बधाई.” रेड्डी ने शनिवार को कहा था कि तेलंगाना सरकार चुनाव से पहले लोगों से किए गए वादे के मुताबिक जल्द ही जाति आधारित गणना कराएगी.
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि रेड्डी ने अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्गों और आदिवासी कल्याण विभागों से संबंधित मुद्दों पर बैठक की और अधिकारियों को जाति आधारित गणना करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवारों की लड़कियों को उनकी शादी के समय एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता के अलावा एक तोला सोना देने की ‘कल्याणमस्तु’ योजना को लागू करने के लिए बजट अनुमान तैयार करने को भी कहा.



