बेटे के मुख्यमंत्री बनने की खबर सुन मां ने खुश होकर कहा- ’छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा का सौभाग्य मिला है’

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 11 Dec 2023 06:21 PM
बेटे के मुख्यमंत्री बनने की खबर सुन मां ने खुश होकर कहा- ’छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा का सौभाग्य मिला है’
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रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की माता जसमनी देवी ने जब बेटे को मुख्यमंत्री बनाए जाने की खबर सुनी तो खुश होकर उन्होंने कहा- मेरे बेटे को छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा का सौभाग्य मिला है, इससे अच्छी बात भला और क्या हो सकती है. उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लोगों के दुलार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आशीर्वाद का परिणाम है.

10 दिसंबर को रायपुर में विधायक-दल का नेता चुने जाने के लिए आयोजित बैठक में शामिल होने के लिए साय अपने गृहग्राम बगिया से अपनी मां का आशीर्वाद लेकर रवाना हुए थे. अपनी लंबी राजनीतिक पारी में मिली सभी सफलताओं का श्रेय वे अपनी मां के आशीर्वाद को देते हैं. किसान परिवार से जुड़े साय की राजनीतिक यात्रा बड़ी रोचक और संघर्षपूर्ण रही.

उन्होंने तत्कालीन अविभाजित मध्यप्रदेश में सन् 1989 में बगिया ग्राम पंचायत के पंच के रूप में अपने राजनीतिक जीवन शुरुआत की. साय सन् 1990 में ग्राम पंचायत बगिया के निर्विरोध सरपंच चुने गए. साय सन् 1990 में ही पहली बार तपकरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने. सन् 1999 से रायगढ़ से सांसद बने और इसके बाद लगातार 3 बार और सांसद चुने गए. उन्होंने लोकसभा क्षेत्र रायगढ़ से सन् 1999 में 13 वीं लोकसभा, 2004 में 14वीं लोकसभा, सन् 2009 में 15 वीं लोकसभा और 2014 में 16वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में उल्लेखनीय कार्य किए. विष्णुदेव साय ने 27 मई 2014 से 2019 तक केन्द्रीय राज्य मंत्री के रूप में इस्पात, खान, श्रम व रोजगार मंत्रालय का दायित्व संभाला.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जन्म 21 फरवरी सन् 1964 को छत्तीसगढ़ के जशुपर जिले के फरसाबहार विकासखण्ड के ग्राम बगिया में हुआ. उनके पिता स्वर्गीय राम प्रसाद साय और माता जसमनी देवी साय हैं. विष्णुदेव साय का विवाह 27 मई 1991 को श्रीमती कौशल्या देवी साय से हुआ. उनके एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं. विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के कुनकुरी से अपनी हायर सेकेण्डरी की शिक्षा पूरी की. उन्हें परिवार के राजनीतिक अनुभव का लाभ मिला. उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि प्रसाद साय, स्वर्गीय केदारनाथ साय लंबे समय से राजनीति में रहे. स्वर्गीय नरहरि प्रसाद लैलूंगा और बगीचा से विधायक और बाद में सांसद चुने गए. केंद्र में संचार राज्यमंत्री के रूप में भी उन्होंने काम किया. स्वर्गीय केदारनाथ साय तपकरा से विधायक रहे. विष्णुदेव साय के दादा स्वर्गीय बुधनाथ साय भी सन् 1947-1952 तक विधायक रहे.

छत्तीसगढ़ के मनोनीत मुख्यमंत्री साय ने रायपुर में राम मंदिर में पूजा-अर्चना की

छत्तीसगढ़ के मनोनीत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को राजधानी रायपुर में राम मंदिर में दर्शन किया और राज्य के विकास और समृद्धि के लिए प्रार्थना की. राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख आदिवासी चेहरा साय को रविवार को यहां नवनिर्वाचित 54 भाजपा विधायकों की बैठक के दौरान विधायक दल का नेता चुना गया.

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने रविवार शाम को 59 वर्षीय साय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया और भाजपा द्वारा औपचारिक रूप से दावा पेश करने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति से संबंधित एक पत्र सौंपा.
राज्य के जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों ने बताया, ”साय ने सोमवार को वीआईपी रोड में भगवान श्री राम मंदिर का दौरा किया और प्रार्थना की.” अधिकारियों ने बताया कि साय ने राज्य के सर्वांगीण विकास और लोगों की सुख-समृद्धि की कामना की.

इस अवसर पर साय ने कहा, ”भगवान श्री राम का आशीर्वाद इसी तरह हम सब पर बना रहे. छत्तीसगढ़ के सभी वर्गों का समुचित विकास हो और छत्तीसगढ़ प्रदेश विकास के क्षेत्र में देश में अपना महत्वपूर्ण स्थान स्थापित करें, यही भगवान से हमारी कामना है.” अधिकारियों ने बताया कि नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 13 दिसंबर को यहां साइंस कॉलेज मैदान में होने की संभावना है.
राज्य में हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में 90 सीटों में से भाजपा ने 54 सीटें जीती हैं. 2018 में 68 सीटें जीतने वाली कांग्रेस इस बार 35 सीटों पर सिमट गई. राज्य में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एक सीट जीतने में कामयाब रही.

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