उच्च न्यायालय तीन सप्ताह में सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी की जमानत याचिका पर फैसला करे

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को निर्देश दिया कि वह 200 करोड़ रुपये के जबरन वसूली मामले में कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना पॉलोज की जमानत याचिका पर तीन सप्ताह के भीतर फैसला ले। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर ंिसह की पीठ ने पॉलोज की ओर से पेश वकील की इस दलील पर गौर किया कि जमानत याचिका उच्च न्यायालय में एक वर्ष से अधिक समय से लंबित है।

शीर्ष अदालत पॉलोज की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें जमानत अर्जी पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया गया है। दिल्ली पुलिस ने चंद्रशेखर पर रैनबैक्सी के पूर्व प्रवर्तकों शिंिवदर ंिसह और मालंिवदर ंिसह की पत्नियों से कथित तौर पर 200 करोड़ रुपये की ठगी करने का मामला दर्ज किया है।

देशभर में उसके खिलाफ कई अलग-अलग जांच भी जारी हैं। चंद्रशेखर और पॉलोज को दिल्ली पुलिस ने इस जबरन वसूली प्रकरण में गिरफ्तार किया था। ये दोनों प्रवर्तन निदेशालय के धनशोधन मामले में भी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) की धाराएं भी जोड़ी हैं। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि पॉलोज, चंद्रशेखर और अन्य आरोपियों ने हवाला रास्तों का इस्तेमाल किया और अपराध से अर्जित धन छिपाने के लिए फर्जी कंपनियां बनाईं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button