
नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले जल्द ही संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों के नाम, पते और मोबाइल नंबर सहित आवश्यक विवरण प्राप्त कर सकेंगे. सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम में कहा कि इस कदम का मकसद न केवल देश में राजमार्ग परियोजनाओं का प्रबंधन करने वालों, बल्कि संबंधित अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय करना है.
गडकरी का यह बयान एनएचएआई की तीन अक्टूबर की घोषणा के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि वह यात्रियों को प्रासंगिक जानकारी और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर बताने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के विभिन्न हिस्सों पर त्वरित प्रतिक्रिया (क्यूआर) कोड वाले साइनबोर्ड लगाएगा.
उन्होंने पुराने कचरे के उपयोग के लिए 2027 तक की एक व्यापक योजना के बारे में भी बताया. इस योजना में सड़क निर्माण में 80 लाख टन पृथक प्लास्टिक कचरे का उपयोग किया जाएगा. इसमें सड़क निर्माण के लिए शोधन संयंत्रों से उपचारित जल का पुन: उपयोग जैसी टिकाऊ पहल भी शामिल हैं.
गडकरी ने कहा कि एक ऐसी प्रणाली लागू की जाएगी, जिसके स्कैन से परियोजना से संबंधित सभी जानकारी आसानी से मिलेगी, किसी भी असुविधा की स्थिति में पता चल सके कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है. मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सड़क परियोजनाओं का निष्पादन ऑडिट कर रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि मंत्रालय का वार्षिक राजस्व इस समय 55,000 करोड़ रुपये है, और दो वर्षों के भीतर इसके बढ़कर 1.4 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है.



