हिंडनबर्ग विवाद; कांग्रेस की दिलचस्पी अराजकता और विवादों में : सिंधिया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 11 Aug 2024 08:24 PM
हिंडनबर्ग विवाद; कांग्रेस की दिलचस्पी अराजकता और विवादों में : सिंधिया
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ग्वालियर/नयी दिल्ली. केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को कांग्रेस पर सेबी की अध्यक्ष माधवी पुरी बुच के खिलाफ हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों को लेकर अराजकता और विवाद फैलाने का आरोप लगाया.  सिंधिया ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर संवाददाताओं के सवाल का जवाब देते हुए कहा, “कांग्रेस का काम केवल अराजकता फैलाना और देश को विवादास्पद मामलों में उलझाना है.” गुना से सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता विकास व प्रगति की मशाल लेकर चल रहे हैं जबकि कांग्रेस वर्षों से देश को गुमराह करने तथा अंधेरे में रखने की कोशिश कर रही है.

विपक्ष भारत में वित्तीय अस्थिरता पैदा करने की साजिश का हिस्सा: भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की अध्यक्ष माधवी पुरी बीच के खिलाफ जारी रिपोर्ट को खारिज कर दिया और इसे देश के प्रतिभूति बाजार नियामक को बदनाम करने का प्रयास करार दिया. केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर भारत में वित्तीय अस्थिरता और अराजकता पैदा करने की साजिश का हिस्सा होने का आरोप भी लगाया.

भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पिछले साल अदाणी समूह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने वाली शॉर्ट सेलिंग कंपनी (हिंडनबर्ग) भारतीय जांच एजेंसियों की जांच का सामना कर रही है. उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि विपक्षी दल भी हिंडनबर्ग के आरोपों के साथ सुर मिला रहे हैं और साजिश अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है कि वे अराजकता और अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं, खासकर वित्तीय क्षेत्र में.

विदेशी धरती से आयी ऐसी कई आलोचनात्मक रिपोर्टों को संसद सत्रों के ठीक पहले जारी किये जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को पता था कि ये रिपोर्ट संसद सत्र के दौरान आने वाली है. संसद का मानसून सत्र पहले सोमवार को समाप्त होना था लेकिन इसे शुक्रवार को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया.

भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि शॉर्ट सेलिंग कंपनी ने कांग्रेस के साथ ‘स्पष्ट साझेदारी’ में बाजार नियामक सेबी पर हमला किया है और इसका एक मकसद और लक्ष्य है. उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह दुनिया की सबसे मजबूत वित्तीय प्रणालियों में से एक को अस्थिर और बदनाम करने और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में अराजकता पैदा करने के लिए है.

चंद्रशेखर ने कहा कि उन्होंने रिपोर्ट पढ़ी है. उन्होंने दावा किया कि इसमें ‘कांग्रेस शैली की मासूमियत और झूठ एक साथ’ झलकता है और इसका उद्देश्य नियामक को बदनाम करना और बाजारों में अराजकता और नुकसान पैदा करना है. उन्होंने आरोप लगाया, “मैं बार-बार कहता हूं कि कांग्रेस के परिवारवादियों की मदद से कई वैश्विक ताकतें भारत की प्रगति को धीमा करना चाहती हैं. हम उन्हें ऐसा नहीं करने देंगे.” सेबी अध्यक्ष और उनके पति ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है और जोर देकर कहा है कि उनका वित्त एक खुली किताब है.

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