अडाणी समूह पर हिंडनबर्ग का पलटवार, कहा- धोखाधड़ी को राष्ट्रवाद से नहीं ढंक सकते

अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट; अडाणी ट्रांसमिशन तीन दिन में 41% टूटा

नयी दिल्ली/मुंबई. हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडाणी समूह की कंपनियों के शेयर भाव में गड़बड़ी संबंधी अपनी रिपोर्ट को ‘भारत पर सोचा-समझा हमला’ बताने वाले समूह के आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि एक धोखाधड़ी को ‘राष्ट्रवाद’ या ‘कुछ बढ़ा-चढ़ाकर प्रतिक्रिया’ से ढंका नहीं जा सकता है.

हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपनी एक रिपोर्ट में अडाणी समूह पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे. इसके बाद समूह की कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में भारी गिरावट आई है और तीन कारोबारी दिनों में ही इन कंपनियों का मूल्यांकन 70 अरब डॉलर तक घट चुका है.
अडाणी समूह ने हिंडनबर्ग रिसर्च के इन आरोपों के जवाब में रविवार शाम को 413 पृष्ठों का ‘स्पष्टीकरण’ जारी किया था. इसमें सारे आरोपों को नकारते हुए कहा गया था कि हिंडनबर्ग ने न सिर्फ एक कंपनी समूह बल्कि भारत पर भी सोचा-समझा हमला किया है.

अडाणी समूह की इस प्रतिक्रिया पर हिंडनबर्ग रिसर्च ने सोमवार को जवाब देते कहा कि उसकी रिपोर्ट को भारत पर हमला बताना गलत है. इस निवेश शोध फर्म ने कहा, ‘‘हमारा मत है कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र और उभरती महाशक्ति है जिसका भविष्य भी रोमांचित करने वाला है. इसी के साथ हमारी यह राय भी है कि खुद को भारतीय ध्वज में लपेटने वाले अडाणी समूह की ‘व्यवस्थित लूट’ से भारत के भविष्य को पीछे धकेला जा रहा है.’’

हिंडनबर्ग रिसर्च ने कहा, ‘‘एक धोखाधड़ी आखिर धोखाधड़ी ही है, भले ही इसे दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार शख्स ने ही किया हो. अडाणी ने यह दावा भी किया है कि हमने प्रतिभूति एवं विदेशी मुद्रा कानूनों का खुला उल्लंघन किया है. ऐसे किसी भी कानून के बारे में अडाणी समूह के न बता पाने के बावजूद हम इस गंभीर आरोप को सिरे से नकारते हैं.’’ इसके साथ ही उसने कहा कि विदेशों में फर्जी कंपनियां बनाकर अपने शेयरों के भाव चढ़ाने संबंधी आरोपों पर अडाणी समूह के पास सीधे एवं पारदर्शी जवाब नहीं हैं. इस तरह हिंडनबर्ग रिसर्च अपनी निवेश शोध रिपोर्ट में किए गए दावों पर कायम है.

गत बुधवार को आई इस रिपोर्ट में हिंडनबर्ग ने कहा था कि दो साल की जांच में पता चला है कि अडाणी समूह दशकों से शेयरों के भाव में गड़बड़ी और लेखे-जोखे की हेराफेरी में शामिल रहा है. इसके साथ ही उसने अडाणी समूह से 88 सवालों पर जवाब भी मांगे थे.
अडाणी समूह ने रविवार शाम को इन आरोपों के जवाब में कहा था कि यह हिंडनबर्ग द्वारा भारत पर सोच-समझकर किया गया हमला है. समूह ने कहा था कि ये आरोप और कुछ नहीं सिर्फ ‘झूठ’ हैं.

अडाणी समूह ने कहा था कि यह रिपोर्ट एक कृत्रिम बाजार बनाने की कोशिश है ताकि उसके शेयरों के दाम नीचे लाकर अमेरिका की कंपनियों को वित्तीय लाभ पहुंचाया जा सके. समूह ने यह भी कहा था कि यह रिपोर्ट गलत तथ्यों पर आधारित और गलत मंशा से जारी की गई है.

समूह ने कहा था, ‘‘यह केवल किसी विशिष्ट कंपनी पर एक अवांछित हमला नहीं है, बल्कि भारत, भारतीय संस्थाओं की स्वतंत्रता, अखंडता और गुणवत्ता, तथा भारत की विकास गाथा और महत्वाकांक्षाओं पर एक सुनियोजित हमला है.’’ हिंडनबर्ग रिसर्च ने कहा कि गौतम अडाणी समूह ने अपनी प्रतिक्रिया की शुरुआत उसे ‘मैनहटन का मैंडॉफ’ बताते हुए की है. अमेरिका के बर्नाड लॉरेंस मैडॉफ को एक पोंजी घोटाले के सिलसिले में वर्ष 2008 में गिरफ्तार कर 150 साल की सजा सुनाई गई थी.

हिंडनबर्ग ने कहा कि अडाणी समूह से 88 विशेष सवाल किए गए थे जिनमें से समूह 62 का सही तरीके से जवाब देने में विफल रहा है.
शॉर्ट सेंिलग में विशेषज्ञता रखने वाली न्यूयॉर्क की इस फर्म की रिपोर्ट के बाद सिर्फ तीन कारोबारी सत्रों में ही अडाणी समूह की कंपनियों का बाजार मूल्यांकन 70 अरब डॉलर से अधिक घट गया है. इसके अलावा खुद गौतम अडाणी दुनिया के सर्वाधिक धनी लोगों की सूची में कई पायदान नीचे आ गए हैं. हिंडनबर्ग की यह रिपोर्ट अडाणी एंटरप्राइजेज की तरफ से 20,000 करोड़ रुपये का अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) लाने के ऐन पहले आई. भारी बिकवाली होने से कंपनी के शेयरों के भाव निर्गम दायरे के नीचे आ चुके हैं.

अडाणी समूह से संबंधित गतिविधियों पर रखी जा रही नजर: पीएनबी

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने सोमवार को कहा कि अमेरिका की वित्तीय शोध कंपनी के गंभीर आरोप लगाने के बाद अडाणी समूह पर वह करीब से नजर बनाए हुए है. पीएनबी ने अडाणी समूह पर लगभग 7,000 करोड़ रुपये का कर्ज दिया हुआ है. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने अडाणी समूह की कंपनियों को लगभग 7,000 करोड़ रुपये का कर्ज दिया हुआ है, जिसमें से 2,500 करोड़ रुपये हवाईअड्डा व्यापार से संबंधित हैं.

पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक (एमडी) अतुल कुमार गोयल ने तिमाही परिणामों की घोषणा करते हुए कहा, ”हमने जो भी कर्ज दिया है वह नकदी में है. कुल कर्ज में 42 करोड़ रुपये का निवेश और शेष कर्ज है.” उन्होंने कहा कि आज की तारीख में ंिचता की कोई बात नहीं है क्योंकि बैंक के आकार के अनुपात में बैंक का निवेश बहुत ज्यादा नहीं है. हम आगामी समय में (अडाणी समूह की) गतिविधियों पर बारीक नजर रख रहे हैं.

अडाणी समूह की कंपनियों में एलआईसी के लगे हैं 36,475 करोड़ रुपये

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने सोमवार को कहा कि अडाणी समूह के बॉन्ड और इक्विटी में उसके 36,474.78 करोड़ रुपये लगे हैं और यह राशि बीमा कंपनी के कुल निवेश का एक फीसदी से भी कम है. एलआईसी की प्रबंधन के अधीन कुल परिसंपत्ति सितंबर 2022 तक 41.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक थी.

एलआईसी ने ट्वीट किया, ‘‘अडाणी समूह की कंपनियों में इक्विटी और बॉन्ड के तहत आज तक हमारा कुल निवेश 36,474.78 करोड़ रुपये है. यह 31 दिसंबर, 2022 तक 35,917.31 करोड़ रुपये था. समूह की कंपनियों में बीते कुछ वर्षों में खरीदी गई इन इक्विटी का कुल खरीद मूल्य 30,127 करोड़ रुपये है और 27 जनवरी 2023 को बाजार बंद होने के वक्त इनका बाजार मूल्य 56,142 करोड़ रुपये था.

अडाणी समूह की कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्यांकन तीन दिन में 5.56 लाख करोड़ रुपये घटा

अडाणी समूह की ज्यादातर कंपनियों के शेयरों में सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट आई. समूह की कंपनियों के शेयर पिछले मंगलवार के बाद से लगातार टूट रहे हैं. अमेरिका की वित्तीय शोध कंपनी ंिहडनबर्ग रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में अडाणी समूह पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है. यह रिपोर्ट आने के बाद से समूह की कंपनियों के शेयर नीचे आ रहे हैं.

अडाणी समूह ने अमेरिकी कंपनी ंिहडनबर्ग रिसर्च के आरोपों के जवाब में रविवार को 413 पृष्ठ की प्रतिक्रिया जारी की थी. इसके बाद सोमवार को ंिहडनबर्ग ने अपने आरोपों पर कायम रहते हुए कहा कि अडाणी समूह धोखाधड़ी को राष्ट्रवाद से ढक नहीं सकता.
पिछले हफ्ते मंगलवार से लेकर सोमवार तक समूह की कंपनियों का कुल बाजार मूल्यांकन 5.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया है. गणतंत्र दिवस के अवसर पर बृहस्पतिवार को शेयर बाजार बंद थे.

लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में समूह की ज्यादातर कंपनियों के शेयर टूटे हैं. अडाणी टोटल गैस में 20 प्रतिशत, अडाणी ग्रीन एनर्जी में 19.99 प्रतिशत, अडाणी ट्रांसमिशन में 14.91 प्रतिशत और अडाणी पॉवर में पांच प्रतिशत की गिरावट आई है. बीएसई पर अडाणी विल्मर में पांच प्रतिशत, एनडीटीवी में 4.99 प्रतिशत, अडानी पोर्ट्स में 0.29 प्रतिशत की गिरावट हुई. दूसरी ओर, अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 4.21 फीसदी चढ़ा. अंबुजा सीमेंट्स का 1.65 प्रतिशत और एसीसी के शेयर को 1.10 फीसदी लाभ हुआ. अडाणी समूह की कंपनियों के शेयर शुक्रवार को 20 प्रतिशत तक टूटे थे.

पिछले मंगलवार को कारोबार बंद होने के बाद से बीएसई पर अडाणी ट्रांसमिशन का शेयर 37.95 प्रतिशत टूटा है. अडाणी टोटल गैस में 39.57 प्रतिशत, अडाणी ग्रीन एनर्जी में 37.95 प्रतिशत और अडाणी पोर्ट्स में 21.55 प्रतिशत की गिरावट आई है. अंबुजा सीमेंट्स के शेयर में 22.28 प्रतिशत, एसीसी में 18.47 प्रतिशत, अडाणी एंटरप्राइजेज में 16.37 प्रतिशत, अडाणी विल्मर में 14.25 प्रतिशत, अडाणी पावर में 14.24 प्रतिशत और एनडीटीवी में 14.22 प्रतिशत की गिरावट आई है. तीन दिन में बैंक आॅफ बड़ौदा का शेयर 10.93 प्रतिशत, भारतीय स्टेट बैंक का शेयर 9.42 प्रतिशत और एलआईसी का 6.52 प्रतिशत टूटा है.

जियोजीत फाइनेंशियल र्सिवसेस में मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ‘‘अडाणी एंटरप्राइजेज का यह बयान महत्वपूर्ण है कि एफपीओ अपने तय समय पर आया है और मूल्य दायरे में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस बयान को प्रबंधन के भरोसे के रूप में देखा जा सकता है कि एफपीओ की सफलता को लेकर वह आशान्वित है.’’ ंिहडनबर्ग रिसर्च ने अडाणी समूह की कंपनियों के शेयर भाव में गड़बड़ी संबंधी अपनी रिपोर्ट को ‘भारत पर सोचा-समझा हमला’ बताने वाले समूह के आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि एक धोखाधड़ी को ‘राष्ट्रवाद’ से ढका नहीं जा सकता है.

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