मैंने प्रियंका गांधी से फिल्म ‘इमरजेंसी’ देखने के लिए कहा, उन्होंने ठीक है कहा: कंगना रनौत

मुंबई. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने संसद के सत्र के दौरान अभिनेत्री एवं सासंद कंगना रनौत के काम और उनके बालों की तारीफ की थी और इस दौरान जब रनौत ने उनसे (प्रियंका गांधी) कहा कि उन्हें उनकी नयी फिल्म ‘इमरजेंसी’ देखनी चाहिए तो उन्होंने जवाब में कहा था, ”ठीक है, हो सकता है.” इस र्चिचत फिल्म में रनौत प्रियंका गांधी की दादी दिवंगत इंदिरा गांधी की भूमिका निभा रही हैं. कंगना रनौत ने इस फिल्म का निर्देशन और निर्माण किया है. इस फिल्म की कहानी 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए 21 महीने के आपातकाल पर आधारित है.

रनौत ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए वीडियो साक्षात्कार में वायनाड की सांसद के साथ हुई बातचीत के बारे में बताया, ”मैं संसद में प्रियंका गांधी से मिली थी और उन्होंने मेरे काम और मेरे बालों की तारीफ की. तो मैंने उनसे कहा कि आप जानती हैं कि मैंने फिल्म इमरजेंसी बनाई है और मुझे लगता है कि आपको यह फिल्म देखनी चाहिए. उनका (प्रियंका गांधी) का जवाब था, हां, हो सकता है. मुझे लगता है कि अगर उनमें जो कुछ हुआ है उसके प्रति थोड़ी भी स्वीकार्यता है तो वह जरूर फिल्म की तारीफ करेंगी.” सेंसर र्सिटफिकेट और सिख समुदाय को गलत तरीके से पेश करने के आरोपों को लेकर महीनों तक विवादों में रही फिल्म ‘इमरजेंसी’ 17 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

हिमाचल प्रदेश के मंडी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद रनौत ने कहा कि उन्होंने इंदिरा गांधी और आपातकाल के महीनों के चित्रण में ”बिल्कुल भी स्वतंत्रता नहीं ली है.” अपनी टिप्पणियों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाली अभिनेत्री ने कहा कि फिल्म ‘इमरजेंसी’ पर काम शुरू करने से पहले वह इंदिरा गांधी को ‘बहुत शक्तिशाली व्यक्ति’ समझती थीं.

कंगना ने कहा, ”लेकिन जब मैंने शोध किया तो मुझे समझ में आया कि वह बिल्कुल इसके विपरीत थीं. इससे मेरा यह विश्वास और भी मजबूत हो गया कि आप जितने कमजोर होंगे, आप उतना ही ज़्यादा नियंत्रण चाहेंगे. वह एक बहुत कमजोर व्यक्ति थीं और वह खुद के बारे में बहुत अनिश्चित थीं. वह वास्तव में कमजोर थीं.” उन्होंने कहा, ”…वह लगातार किसी न किसी तरह की मान्यता की तलाश में ही रहती थीं. वह कई लोगों पर बहुत ज्यादा निर्भर थीं, उनमें से एक थे संजय गांधी… फिल्म ‘इमरजेंसी’ से पहले मेरे मन में उनके प्रति ऐसी सहानुभूति नहीं थी.” रनौत ने पर्दे पर वास्तविक जीवन पर आधारित कई फिल्मों में अभिनय किया है. उन्होंने फिल्म ‘मणिर्किणका: द क्वीन ऑफ झांसी’ में स्वतंत्रता सेनानी झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और फिल्म ”थलाइवी” में तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री और अभिनेत्री जे. जयललिता का किरदार निभाया था.

पहली बार लोकसभा सदस्य बनीं रनौत के अनुसार, ”लोगों ने फिल्म ‘इमरजेंसी’ को रिलीज होने से रोकने की बहुत कोशिश की है.
अभिनेत्री ने बताया, ”मैं पूरी तरह से टूट गई थी. मुझे लगा कि शायद यह फिल्म कभी नहीं आ पाएगी. क्योंकि श्रीमती गांधी पर पहले एक फिल्म बनी थी जिसका नाम था ‘किस्सा कुर्सी का’.” उन्होंने कहा, ”मुझे लगा कि शायद यह अपशकुन है या कुछ और कि आप उन पर फिल्म नहीं बना सकते… और मैंने भी इसमें कुछ निवेश किया था. बहुत सारी समस्याएं थीं, जाहिर है मैं निराश हो गई थी.” केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से मंजूरी प्रमाण पत्र न प्राप्त होने के कारण फिल्म ‘इमरजेंसी’ 6 सितंबर, 2024 को रिलीज नहीं हो पाई थी. उन्होंने सीबीएफसी के निर्देश अनुसार फिल्म में लगाए गए कट की संख्या का खुलासा नहीं किया, लेकिन कहा कि वह चाहती थीं कि फिल्म उसी तरह रिलीज हो जिस तरह उन्होंने इसे बनाया है.

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