
नांदेड़/भुज. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि अगर शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे जीवित होते, तो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गले लगाते. उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) की आलोचना करते हुए कहा कि इसने आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने के भारत का संदेश पहुंचाने के लिए साझेदार देशों का दौरा करने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों को ”बारात” कहकर मजाक उड़ाया.
महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ”अगर बालासाहेब ठाकरे जीवित होते, तो वह ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गले लगाते.” केंद्र ने पाकिस्तान की साजिशों और आतंकवाद के प्रति भारत की प्रतिक्रिया के बारे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक संदेश पहुंचाने के लिए सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजे हैं. महाराष्ट्र के दो दिवसीय दौरे पर आए शाह ने कहा, ”मुझे नहीं पता कि ‘उद्धव सेना’ को क्या हो गया है. वे प्रतिनिधिमंडल को बारात कह रहे हैं, जबकि उनके अपने सदस्य इसका हिस्सा हैं.”
‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने साबित किया कि कोई सेना, जनता और सीमा के साथ छेड़खानी नहीं कर सकता: शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता ने न केवल पाकिस्तान बल्कि दुनिया को भी यह संदेश दिया है कि कोई भी भारत की सेना, जनता और सीमा के साथ छेड़खानी नहीं कर सकता. शाह महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक ‘शंखनाद रैली’ को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, ”ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल पाकिस्तान बल्कि दुनिया को यह संदेश दिया है कि कोई भी भारत की सेना, भारत की जनता और भारत की सीमा के साथ छेड़खानी नहीं कर सकता, अन्यथा नतीजे भुगतने होंगे.” पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों द्वारा किए गए पहलगाम हमले को कायराना कृत्य बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पटना में कहा था कि आतंकी कहीं भी छिपे हों, उन्हें खोजकर मिट्टी में मिला दिया जाएगा.
गृह मंत्री ने कहा, ”पाकिस्तान भूल गया कि 11 साल पहले कांग्रेस की सरकार थी, जो अब बदल गई है. हमने उरी, पुलवामा और पहलगाम हमलों का जवाब दिया और आतंकी ठिकानों पर हमला किया.” ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि 6-7 मई की रात को 22 मिनट में नौ आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया गया, वहीं भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सुनिश्चित किया कि पाकिस्तान की मिसाइलें और ड्रोन देश की धरती को छू न सकें. उन्होंने कहा कि 9 मई को भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट कर दिया.
उन्होंने कहा, ”मोदीजी ने घोषणा की है कि अगर निर्दोष भारतीय नागरिकों का खून बहाया गया तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी. अगर हमारी महिलाओं के सिंदूर को नुकसान पहुंचाया गया, तो जवाब और भी जोरदार होगा.” शाह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की सीमाओं की रक्षा की सरकार की प्रतिबद्धता को साबित किया. उन्होंने यह भी दोहराया कि 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद का सफाया हो जाएगा.
उन्होंने कहा, ”जब ऑपरेशन सिंदूर चल रहा था, तब सीआरपीएफ, छत्तीसगढ़ पुलिस और बीएसएफ द्वारा ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ के तहत कई नक्सलियों को मार गिराया गया. कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी किया गया और कई ने आत्मसमर्पण कर दिया.” केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है, जिस पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने हस्ताक्षर किए थे और इस तरह भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी तरह के व्यापार को भी खत्म कर दिया है.
उन्होंने कहा, ”मोदी ने कहा है कि व्यापार और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते.” शाह ने उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (उबाठा) की आलोचना करते हुए कहा कि उसने विदेश जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों को ‘बारात’ कहकर उनका मजाक उड़ाया.
उन्होंने कहा, ”अगर बालासाहेब ठाकरे जीवित होते, तो वह मोदी को गले लगाते. लेकिन एक शिवसेना (उबाठा) नेता ने प्रतिनिधिमंडलों को बारात कहा. मुझे नहीं पता कि उद्धव सेना को क्या हो गया है. वे प्रतिनिधिमंडलों को बारात कह रहे हैं, जबकि उनके अपने सदस्य इसका हिस्सा हैं.” शाह ने मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की मांग पर ‘कुछ नहीं’ करने के लिए राकांपा (एसपी) नेता शरद पवार की भी आलोचना की और कहा कि इस मांग को प्रधानमंत्री मोदी ने पूरा किया.
पाकिस्तान के लोगों को आतंकवाद को खत्म करने के लिए आगे आना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान के लोगों को यह समझना चाहिए कि उनकी सरकार और सेना अपने फायदे के लिए आतंकवाद का समर्थन कर रही हैं, इसलिए उन्हें इस खतरे को खत्म करने के लिए आगे आना चाहिए, जो उनके जीवन को बर्बाद कर रहा है. गत 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार की सैन्य प्रतिक्रिया के रूप में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद गुजरात की अपनी पहली यात्रा पर आए मोदी ने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान के लोग शांति का रास्ता नहीं चुनते हैं, तो उन्हें भारतीय सेना की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.
सोमवार (26 मई) को प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के 11 साल पूरे करने वाले मोदी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी नागरिकों को सोचना चाहिए कि उनका देश कहां खड़ा है.
मोदी ने जोर देकर कहा, ”भारत जहां पर्यटन में विश्वास रखता है, वहीं पाकिस्तान आतंकवाद को पर्यटन मानता है, जो दुनिया के लिए बहुत खतरनाक है. मैं पाकिस्तान के लोगों से पूछना चाहता हूं – उन्होंने क्या हासिल किया है? आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. लेकिन आपकी स्थिति क्या है? आतंकवाद को बढ.ावा देने वालों ने आपका भविष्य बर्बाद कर दिया.” वह गुजरात में कच्छ जिले के भुज शहर में 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को शुरू करने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे, जिसकी पाकिस्तान के साथ भूमि सीमा और समुद्री सीमा दोनों लगती हैं.
प्रधानमंत्री ने सीमा पार के लोगों को संदेश देते हुए कहा, ”आतंकवाद आपकी (पाकिस्तान) सरकार और सेना के लिए पैसा कमाने का एक जरिया है. पाकिस्तान के लोगों को आतंकवाद को खत्म करने के लिए आगे आना चाहिए. सुख-चैन की जिंदगी जियो, रोटी खाओ, वरना मेरी गोली तो है ही.” उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ”पहलगाम हमले के बाद, मैंने 15 दिन तक इस उम्मीद में इंतजार किया कि पाकिस्तान आतंकवाद पर कार्रवाई करेगा, लेकिन ऐसा लगता है कि यह उनकी रोजी-रोटी है. नौ मई की रात को जब पाकिस्तान ने नागरिकों पर हमला करने की कोशिश की, तो हमारी सेना ने दोगुनी ताकत से हमला किया और उनके हवाई ठिकानों को तबाह कर दिया.”



