
लंदन/एडिनबर्ग. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बार फिर दावा किया कि यदि उन्होंने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया होता और सभी व्यापार वार्ता रोकने की धमकी नहीं दी होती, तो भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ गया होता. ट्रंप ने स्कॉटलैंड में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर के साथ आधिकारिक वार्ता से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने दुनिया भर में “छह बड़े युद्ध” को रोकने में हस्तक्षेप किया, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध भी शामिल है. वह गाजा में संघर्ष समाप्त करने के लिए इजराइल पर दबाव डालने के बारे में पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे.
स्कॉटलैंड के साउथ आयरशायर स्थित अपने टर्नबेरी गोल्फ रिसॉर्ट से मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, ”हमने कई युद्धविराम करवाए… अगर मैं नहीं होता, तो छह बड़े युद्ध चल रहे होते – भारत पाकिस्तान के साथ लड़ रहा होता.” ट्रंप ने कहा, ”हमारे पास कई ऐसे तनावपूर्ण क्षेत्र हैं जो युद्ध की स्थिति में थे. मेरा मानना है कि एक बहुत बड़ा मामला भारत और पाकिस्तान का था क्योंकि आप दो परमाणु राष्ट्रों की बात कर रहे हैं. वह एक बहुत बड़ा मामला था.” ट्रंप शुक्रवार से स्कॉटलैंड की निजी यात्रा पर हैं. ट्रंप ने कहा, ह्लमैं पाकिस्तान और भारत – दोनों देशों के नेताओं को जानता हूं और बहुत अच्छी तरह जानता हूं. वे एक व्यापार समझौते की प्रक्रिया में थे और उसी समय परमाणु हथियारों की बात कर रहे थे,ङ्घ यह बेतुका है.”
उन्होंने कहा, ”तो मैंने कहा, ‘यदि आप युद्ध करेंगे तो मैं आप लोगों के साथ कोई व्यापार समझौता नहीं करूंगा’ और वह ऐसा युद्ध होगा जो अन्य देशों तक फैल जाएगा. उसका परिणाम होता परमाणु प्रदूषण जो हम सभी को प्रभावित करता.” ट्रंप ने कहा, ”जब वे परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करना शुरू कर देते, तो वह चीज (विकिरण) हर जगह फैलती और वह बहुत बुरी स्थिति होती. तो हो सकता है कि जब हम युद्ध को रोकना चाहते हैं, तब हम थोड़े स्वार्थी हों. लेकिन हमने कई युद्ध को रोका और यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है.”
भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान किसी भी प्रकार की मध्यस्थता के दावों को बार-बार खारिज किया है. भारतीय सशस्त्र बलों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में पाकिस्तान सर्मिथत घातक आतंकी हमले के जवाब में सैन्य कार्रवाई की थी, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया था. ये हमले सात से 10 मई तक जारी रहे थे. भारत ने स्पष्ट किया है कि उसने पाकिस्तान को निशाना बनाकर की जा रही गोलीबारी भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच ”सीधी बातचीत” के बाद रोकी थी.
ट्रंप ने गाजा के नागरिकों तक ‘खाद्य सामग्री पहुंचाने’ को लेकर नेतन्याहू पर दबाव डाला
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को गाजा पट्टी पर अपने रुख में बदलाव करते हुए क्षेत्र में मानवीय स्थिति पर चिंता जताई और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू से कदम उठाने का आग्रह किया. गाटा पट्टी में इजराइल और हमास के बीच जारी युद्ध से क्षेत्र में खाद्य सामग्री सहित अन्य चीजों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे वहां लोगों पर भुखमरी का खतरा मंडराने लगा है.
ट्रंप ने सोमवार को स्कॉटलैंड में कहा कि अमेरिका और अन्य देश गाजा को धन और खाद्य सामग्री दे रहे हैं और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को इसका प्रबंधन करना होगा. ट्रंप ने कहा, ”मैं चाहता हूं कि वह (नेतन्याहू) सुनिश्चित करें कि उन्हें खाद्य सामग्री मिले. मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि उन्हें खाद्य सामग्री मिले.”
ट्रंप ने स्टार्मर से मुलाकात की, नेतन्याहू के गाजा में भुखमरी न होने के दावे से असहमति जताई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर के बीच सोमवार को स्कॉटलैंड में हुई मुलाकात से पहले इजराइली हमलों में कम से कम 34 फलस्तीनी मारे गए. दोनों नेताओं ने बैठक में गाजा पर चर्चा करने की योजना की पुष्टि की. बिगड़ते मानवीय संकट के कारण इजराइल द्वारा सहायता पाबंदियों में ढील दिए जाने के एक दिन बाद ट्रंप ने कहा कि वह इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के इस बयान से असहमत हैं कि गाजा में कोई भुखमरी नहीं है.
इजराइल ने रविवार को सहायता प्रवाह में सुधार के लिए कुछ क्षेत्रों में सैन्य अभियानों को प्रतिदिन 10 घंटे के लिए रोकने की घोषणा की. इन उपायों के साथ-साथ, सैन्य अभियान भी जारी रहे. इजराइल ने नवीनतम हमलों पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की, जो सुबह 10 बजे से रात 8 बजे के बीच घोषित संघर्ष विराम समय सीमा के बाहर हुए.
सहायता एजेंसियों ने नये उपायों का स्वागत किया है, लेकिन उनका कहना है कि ये नाकाफी हैं. दुर्बल बच्चों की तस्वीरों ने दुनिया भर में आक्रोश उत्पन्न कर दिया है. गाजा की अधिकांश आबादी अब सहायता पर निर्भर है और खाद्य सामग्री तक पहुंच लगातार खतरनाक होती जा रही है. जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विमानों ने गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाई.
जॉर्डन की सेना ने बताया कि जॉर्डन और यूएई वायुसेना के दो विमानों ने सोमवार को गाजा में 17 टन मानवीय सहायता पहुंचाई. ये सहायता पैकेज ऐसे समय में आए हैं जब गाजा पट्टी में भुखमरी लगातार बढ. रही है. गाजा में मानवीय संकट को लेकर इजराइल पर बढ.ते दबाव के बीच, विमानों से यह आपूर्ति लगातार दूसरे दिन हुई. हालांकि, फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के प्रमुख फिलिप लाज.ारिनी ने चेतावनी दी है कि हवाई आपूर्ति “महंगी, अप्रभावी हैं और भूखे नागरिकों की जान भी ले सकती हैं.” विश्व खाद्य कार्यक्रम की गणना के अनुसार, 17 टन हवाई सहायता गिराई गई जो अनाज ले जाने वाले एक ट्रक भी भार क्षमता (19 टन) से भी कम है.
मानवीय सहायता की देखरेख करने वाले इजराइली सैन्य निकाय के अनुसार, रविवार को सहायता ले जाने वाले 180 ट्रक गाजा में दाखिल हुए. इस बीच इजराइल के कब्जे वाले पश्चिमी तट के ईसाई गांव तैबेह के फलस्तीनी निवासियों का कहना है कि इजराइली निवासियों ने दो कारों को आग लगा दी.
स्टार्मर सोमवार को स्कॉटलैंड में ट्रंप के साथ गाजा के लिए ब्रिटेन के नेतृत्व वाली शांति योजना पर चर्चा करने की योजना बना रहे हैं.
स्टार्मर के प्रवक्ता डेव पेरेस ने कहा कि इजराइल-हमास युद्ध में युद्धविराम के ट्रंप के प्रयासों का ब्रिटेन समर्थन करता है और इस योजना का उद्देश्य “युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलना” है. इस योजना पर शुक्रवार को स्टार्मर, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने चर्चा की. पेरेस ने बताया कि स्टार्मर इस पर अपने सहयोगियों “अमेरिका और अरब देशों सहित” चर्चा करेंगे और इस सप्ताह के अंत में उनके मंत्रिमंडल की एक आपात बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी. योजना का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है.
स्टार्मर पर फ़्रांस की तरह फ.लस्तीन को मान्यता देने का दबाव बढ. रहा है, इस कदम की इजराइल और अमेरिका दोनों ने निंदा की है. ब्रिटिश नेता का कहना है कि ब्रिटेन फलस्तीनियों के लिए देश का दर्जा देने का समर्थन करता है, लेकिन यह इजराइल-फलस्तीनी संघर्ष के द्वि-राष्ट्र समाधान की व्यापक योजना का हिस्सा होना चाहिए. यह पूछे जाने पर कि क्या वह गाजा में भुखमरी के बारे में नेतन्याहू की टिप्पणी से सहमत हैं, ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं पता. मेरा मतलब है, टेलीविजन पर देखी गई बातों के आधार पर, मैं कहूंगा कि मैं इससे सहमत नहीं हूं, क्योंकि वे बच्चे बहुत भूखे दिख रहे हैं.” ट्रंप के बगल में खड़े स्टार्मर ने कहा, ”हमें गाजा में युद्धविराम लागू करना होगा.” ट्रंप ने पुष्टि की कि वह और स्टार्मर गाजा में मानवीय स्थिति पर बात करेंगे.



