नयी दिल्ली. वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे के आधिकारिक रूप से कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को हैरानी जताई कि यदि गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों में विपक्षी पार्टी का प्रदर्शन खराब होता है तो क्या वह उन्हें बलि का बकरा बनाएगी.
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने यहां पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वैसे तो खरगे का अध्यक्ष बनना कांग्रेस का आंतरिक मामला है लेकिन जिस प्रकार कार्यभार संभालने के वक्त पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी उनके दोनों ओर खड़े थे, इससे संकेत साफ है कि पार्टी में परिवार का ही राज रहेगा. खरगे ने आज कांग्रेस अध्यक्ष का औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करने के बाद कहा कि पार्टी मौजूदा सरकार की ‘‘झूठ एवं नफरत की व्यवस्था’’ को ध्वस्त करेगी.
दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 80 वर्षीय खरगे ने 17 अक्टूबर को हुए ऐतिहासिक चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी 66 वर्षीय शशि थरूर को मात दी थी. पार्टी के 137 साल के इतिहास में छठी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ था. इसमें 24 साल बाद गांधी परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया. बतौर कांग्रेस अध्यक्ष उनकी पहली परीक्षा गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों में होगी. दोनों ही राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं.