अगर इतने सारे लोग एक साथ आ जाएं, तो मैं क्या कर सकता हूं: भगदड़ पर आंध्र के मंदिर के संस्थापक

पुलिस ने नौ लोगों की मौत के बाद काशीबुग्गा मंदिर में प्रवेश पर लगाई रोक

कासिबुग्गा. आंध्र प्रदेश के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के 94 वर्षीय संस्थापक ने दावा किया कि वह मंदिर में मची भगदड़ के लिए जिम्मेदार नहीं हैं, जिसमें नौ श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी. मंदिर के संस्थापक ने कहा कि उन्होंने पुलिस को सूचित नहीं किया, क्योंकि उन्हें लगा था कि अन्य दिनों की तरह ही सब कुछ सामान्य होगा और शनिवार को इतनी अधिक भीड़ की उम्मीद नहीं थी.

श्रीकाकुलम जिले में मुकुंद पांडा द्वारा अपनी जमीन पर निर्मित मंदिर में शनिवार को मची भगदड़ में आठ महिलाओं समेत नौ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. मंदिर के पुजारी मुकुंद पांडा ने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया, “अगर इतने सारे लोग एक साथ आ जाएं, तो मैं क्या कर सकता हूं? मैं आमतौर पर सभी को लाइन में लगाता हूं, लेकिन कल बहुत सारे लोग थे. मुझे नहीं पता कि क्या हुआ, मैंने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी.”

पांडा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैंने पुलिस को सूचित नहीं किया. मुझमें हिम्मत है, मैंने सभी को कतार में जाने को कहा. लोग दर्शन के लिए आए थे. अगर वे जल्दी में थे और स्थिति ऐसी हो गई, तो मैं क्या कर सकता हूं?” उन्होंने कहा कि वह अपराह्न तीन बजे तक वहां रहे और दोपहर का भोजन नहीं किया, जबकि पुलिस ने आकर भीड़ को नियंत्रित किया.

श्रीकाकुलम जिले के पुलिस अधीक्षक (एसी) केवी महेश्वर रेड्डी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुजारी मुकुंद पांडा के स्वामित्व वाले इस मंदिर को न तो गैर-कृषि उपयोग के लिए परिर्वितत किया गया था और न ही यह धर्मादा विभाग में पंजीकृत था. उन्होंने बताया कि आयोजकों ने कार्यक्रम आयोजित करने से पहले स्थानीय पुलिस को सूचित भी नहीं किया था. एसपी ने कहा कि आयोजकों ने कार्यक्रम आयोजित करने से पहले न तो अनिवार्य अनुमति ली और न ही पुलिस सुरक्षा के लिए आवेदन किया. एसपी के अनुसार, भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर एक निजी प्रतिष्ठान है और बिना उचित अनुमति के चल रहा था. उन्होंने कहा कि आयोजकों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है.

पुलिस ने नौ लोगों की मौत के बाद काशीबुग्गा मंदिर में प्रवेश पर लगाई रोक

आंध्र प्रदेश पुलिस ने श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा में स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में धार्मिक समारोह के दौरान नौ लोगों की मौत होने के एक दिन बाद रविवार को मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी. शनिवार को इस मंदिर में हुई दुर्घटना में आठ महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए थे. कई श्रद्धालुओं को हड्डियां टूटने और सांस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया.

प्रत्यक्षर्दिशयों के अनुसार, मंदिर का एकमात्र द्वार बंद था और जिन श्रद्धालुओं को पहले दर्शन के लिए अंदर जाने दिया गया था, वे ग्रिल टूटने के कारण सीढि.यों के नीचे इंतजार कर रहे लोगों पर गिर गए और यह भीषण हादसा हुआ. श्रीकाकुलम जिले के पुलिस अधीक्षक के.वी. महेश्वर रेड्डी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “हमने इस त्रासदी को देखते हुए मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है.” उन्होंने कहा कि नौ शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया गया है. गंभीर रूप से घायल दो लोग अब स्थिर अवस्था में हैं और अन्य को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.

रेड्डी ने बताया कि मंदिर आयोजकों ने कार्यक्रम से पहले न तो अनिवार्य अनुमति ली थी और न ही पुलिस सुरक्षा के लिए आवेदन किया था. उन्होंने कहा, “मंदिरों या धार्मिक संस्थानों में भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस को पहले से सूचित करना अनिवार्य है, चाहे श्रद्धालुओं की संख्या कितनी भी हो.” रेड्डी के अनुसार, श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर एक निजी मंदिर है और बिना उचित अनुमोदन के संचालित किया जा रहा था. उन्होंने कहा कि प्रबंधकों ने सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया, जिसके कारण यह हादसा हुआ.

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