केंद्र सरकार मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार व स्मारक का स्थान तय कर देती तो कोई विवाद नहीं होता: गहलोत

जयपुर. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार और उनके स्मारक का स्थान तय कर देती तो कोई विवाद नहीं होता. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने यह भी दावा किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व राजीव गांधी के समाधि स्थलों पर सिंह का दाह संस्कार कराने की केंद्र सरकार को पेशकश की थी, इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार ने विवाद पैदा कराया.

उन्होंने सिंह की श्रद्धांजलि सभा के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मनमोहन सिंह ऐसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री हैं जिनका दाह संस्कार दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया गया है. गहलोत ने कहा कि सिंह का व्यक्तित्व अलग तरह का था और वह महापुरुष के रूप में स्थापित हो गए थे. कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार से पूछा कि उसने क्या सोच कर पूर्व प्रधानमंत्री के दाह संस्कार के लिए निगम बोध घाट का चयन किया. उन्होंने कहा कि इस संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जब पत्र लिखा तो केन्द्र सरकार को सफाई देनी पड़ी.

गहलोत ने कहा जब पूर्व उपराष्ट्रपति भैंरोसिंह शेखावत का निधन हुआ था तो भाजपा की ओर से मांग आए बिना ही ह्लहमने उनके परिवार वालों से बातचीत कर अलग से जगह दी और उनका दाह संस्कार किया और स्मारक बनाया.ह्व उन्होंने राजस्थान की भजनलाल शर्मा की अगुवाई वाली सरकार को ‘नकारा’ बताते हुए आरोप लगाया कि इसने एक साल के अपने शासनकाल में कोई काम नहीं कराया, लेकिन उनके नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बनाए गए नौ जिलों को समाप्त कर दिया. इस अवसर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मनमोहन सिंह का देश दुनिया में जो नाम है वह उनके काम, स्वभाव और व्यक्तित्व की वजह से है तथा उन्होंने पूरे विश्व में भारत को नंबर वन बनाने का काम किया.

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