राजभवन की महिला कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस के किसी भी समन को नजरअंदाज करें : सीवी बोस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 05 May 2024 07:11 PM
राजभवन की महिला कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस के किसी भी समन को नजरअंदाज करें : सीवी बोस
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने रविवार को राजभवन के सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे उनके खिलाफ एक महिला कर्मचारी की छेड़छाड़ की शिकायत के संबंध में कोलकाता पुलिस के किसी भी पत्राचार को नजरअंदाज करें.
यह निर्देश कोलकाता पुलिस द्वारा राज्यपाल के खिलाफ महिला के आरोप की जांच के लिए एक जांच दल गठित करने के बाद आया है.

बोस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “यह स्पष्ट है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 361(2) और (3) के मद्देनजर, राज्य पुलिस किसी भी तरह से माननीय राज्यपाल के खिलाफ पूछताछ/जांच/किसी भी प्रकार की कार्यवाही शुरू नहीं कर सकती है.” उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल के खिलाफ उनके कार्यकाल के दौरान किसी भी अदालत में कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जाएगी या जारी नहीं रखी जाएगी.

राजभवन के कर्मचारियों के लिए एक विज्ञप्ति के रूप में तैयार किए गए पोस्ट में राज्यपाल ने कहा, “उनके कार्यकाल के दौरान किसी भी अदालत से गिरफ्तारी या कारावास की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी.” उन्होंने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ‘एक्स’ पर कहा, यह स्पष्ट है कि राज्य मशीनरी राज्यपाल के खिलाफ किसी भी प्रकार की आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं कर सकती है.

बोस ने पोस्ट में कहा, “मीडिया की खबरों से संकेत मिलता है कि पुलिस ने घटना की जांच करने का प्रस्ताव रखा है और वे राजभवन के कर्मचारियों की जांच करेंगे. यह भी खबर है कि जांच टीम राजभवन से सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा करने का इरादा रखती है.” उन्होंने कहा, “सवाल यह उठता है कि क्या राज्यपाल को मिली छूट के मद्देनजर पुलिस जांच कर सकती है और सबूत इकट्ठा कर सकती है….” एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को कहा कि कोलकाता पुलिस की टीम अपनी जांच के तहत अगले कुछ दिनों में गवाहों से बात करेगी और उसने राजभवन से सीसीटीवी फुटेज, यदि उपलब्ध हो, साझा करने का अनुरोध किया है.

यह पूछे जाने पर कि राज्यपाल को संवैधानिक छूट मिलने के बावजूद पुलिस जांच कैसे शुरू कर सकती है, एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि खासकर एक महिला से शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू करना एक नियमित प्रक्रिया है. इसकी जांच के सिलसिले में राजभवन के तीन अधिकारियों और राज्यपाल आवास पर तैनात एक पुलिसकर्मी को हेयर स्ट्रीट पुलिस थाने के अधिकारियों ने तलब किया था.

पुलिस अधिकारी ने कहा, “राजभवन का कोई भी अधिकारी पूछताछ के लिए नहीं आया और केवल पुलिसकर्मी ही उपस्थित हुए. हम उनसे सोमवार को फिर से हेयर स्ट्रीट पुलिस थाने आने का अनुरोध करेंगे. तब तक पूछताछ की कोई अन्य योजना नहीं है.” राजभवन की एक संविदा महिला कर्मचारी ने शुक्रवार को राज्यपाल पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए कोलकाता पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई.

राज्यपाल ने आरोप को “बेतुका नाटक” बताया था और कहा था कि कोई भी उन्हें “भ्रष्टाचार को उजागर करने और हिंसा पर अंकुश लगाने के उनके दृढ़ प्रयासों” से नहीं रोक पाएगा. बोस ने “चुनाव के दौरान राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए अनधिकृत, नाजायज, दिखावटी और प्रेरित जांच करने की आड़ में” राजभवन में पुलिसर्किमयों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था.

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