लोकसभा चुनाव से पहले सीएए लागू करना भाजपा की ‘वोट बैंक की गंदी राजनीति’: केजरीवाल

नयी दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले नागरिकता (संशोधन) अधिनियम को लागू करना भाजपा की ”वोट बैंक की गंदी राजनीति” है. उन्होंने कहा कि लोग चाहते हैं कि इस कानून को निरस्त किया जाए.

भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने केजरीवाल पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने देश में रहने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध और ईसाई शरणार्थियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. नागरिकता (संशोधन) अधिनियम का उद्देश्य पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए उन गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करना है, जिनके पास दस्तावेज नहीं है.

केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस कानून के जरिए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार ने पाकिस्तान और बांग्लादेश से बड़ी संख्या में गरीब अल्पसंख्यकों के भारत आने के द्वार खोल दिए हैं. उन्होंने दावा किया कि सीएए लागू होने के बाद अगर पड़ोसी देशों के 1.5 करोड़ अल्पसंख्यक भी भारत आ गए तो खतरनाक स्थिति पैदा हो जाएगी.

आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल ने कहा, “यह 1947 से भी बड़ा पलायन होगा… कानून-व्यवस्था चरमरा जाएगी. बलात्कार और डकैती के मामलों में वृद्धि हो सकती है.” आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा, “पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में 3.5 करोड़ अल्पसंख्यक हैं. भाजपा हमारे लोगों का पैसा पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए गरीब प्रवासियों को यहां नौकरी और घर देकर बसाने में खर्च करना चाहती है.” उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में भाजपा को फायदा होगा क्योंकि पड़ोसी देशों से भारत में बसने वाले गरीब अल्पसंख्यक उसके वोट बैंक बन जाएंगे.

केजरीवाल ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले सीएए लागू करना भाजपा की ”वोट बैंक की गंदी राजनीति” है. उन्होंने कहा कि देश चाहता है कि सीएए निरस्त हो. उन्होंने लोगों से कहा कि अगर कानून रद्द नहीं किया गया तो वे भाजपा के खिलाफ वोट करें. केजरीवाल ने कहा कि अगर केंद्र की भाजपा सरकार ने अपने 10 साल के शासनकाल में काम किया होता तो चुनाव से पहले सीएए लागू करने की जरूरत नहीं पड़ती.

‘आप’ नेता ने कहा, “भारत में लोग कमरतोड़ महंगाई का सामना कर रहे हैं… और युवा नौकरियों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं. एक तरफ देश में बेरोजगारों की बड़ी फौज है और हरियाणा की भाजपा सरकार युवाओं को युद्ध में मरने के लिए इजराइल भेज रही है. दूसरी ओर, भाजपा पाकिस्तानियों को भारत में बसाना और उनके बच्चों को रोजगार देना चाहती है.”

केजरीवाल ने आरोप लगाया, ”बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से लोगों को भारत लाना और उन्हें हमारे बच्चों का उचित रोजगार देना किस तरह की मूर्खता है.” उन्होंने कहा, ”पिछले 10 वर्षों में 11 लाख उद्योगपतियों और व्यापारियों ने भारत छोड़ दिया. अगर भाजपा को लोगों को देश में लाना ही है, तो उसे नौकरियां प्रदान करने के लिए उन्हें वापस लाना चाहिए.”

भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने केजरीवाल पर पलटवार करते हुए दावा किया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री “यह भी नहीं समझते हैं कि सीएए सभी सताए गए अल्पसंख्यकों (पड़ोसी देशों से) को आश्रय प्रदान करने के लिए एक कानून है, न कि किसी की नागरिकता छीनने के लिए.” उन्होंने कहा, ”केजरीवाल को यह समझने की जरूरत है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए शरणार्थी हमारे अपने हैं और रहेंगे.”

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