दुनिया के विकट हालात में भारत का लक्ष्य एक दूसरे का हाथ पकड़कर साथ चलना: राजनाथ

जोधपुर: रक्षा मंत्री राजनाथ ंिसह ने बृहस्पतिवार को कहा कि दुनिया के मौजूदा विकट हालात में भारत का लक्ष्य एक-दूसरे का हाथ पकड़कर एक साथ चलना है। उन्होंने सहयोगी देशों से अपनी भागीदारी और सहयोग को नयी ऊंचाई पर ले जाने का आह्वान किया।

वह यहां के वायुसेना ठिकाने पर भारतीय वायु सेना द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘आज के समय में जब दुनिया में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ लगी हुई है …कई स्थानों पर तो अलग-अलग देशों के बीच लगातार युद्ध चल रहे हैं …इन विकट परिस्थितियों में भारत का लक्ष्य यही है कि हम एक दूसरे का हाथ पकड़कर एक साथ चलें।’’

राजनाथ ने कहा, ‘‘पूरी दुनिया में जिस तरह से बदलाव हो रहे हैं और जिस तरह से पूरी दुनिया के समक्ष नयी-नयी चुनौतियां आ रही हैं, उसे देखते हुए हमें अपनी भागीदारी व सहयोग को नयी ऊंचाई तक ले जाने की जरूरत है।’’ ंिसह की टिप्पणी रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता को आगे बढ़ाने में भारत की संभावित भूमिका के आह्वान की पृष्ठभूमि में आई है क्योंकि भारत के दोनों देशों के साथ अच्छे संबंध हैं।

रक्षामंत्री ने कहा कि भारत कई उन्नत और उच्च प्रौद्योगिकी परियोजनाओं पर मित्र देशों के साथ सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि ‘तरंग शक्ति’ जैसे अभ्यासों का महत्वपूर्ण सामरिक महत्व है। ंिसह ने कहा, ‘‘आज हमारे बीच कई सारे मित्र विदेशी अतिथि भी उपस्थित हैं। मैं उनसे भी यह कहना चाहूंगा,कि आप लोग जब भारत आए हैं, तो भारत की ‘एयरोस्पेस इंडस्ट्री’ को अच्छे से देखिए, इसका अध्ययन करिए।

इस अभ्यास के दौरान आप सबको यह अवसर भी मिला है कि आप यात्राओं के माध्यम से भारतीय रक्षा विनिर्माण उद्योग का अनुभव भी लें। ये यात्राएं आपको भारत के रक्षा उद्योग के तीव्र विकास व भारत की क्षमताओं से अवगत कराएंगी।’’ उन्होंने कहा,‘‘ कैसे हम एक साथ आगे बढक़र रक्षा विनिर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं… इसकी संभावना को तलाश करने का यह एक अच्छा अवसर है।

भारत आपके साथ मिलकर काम करने को इच्छुक है। हम चाहते हैं कि हमारा सहयोग सिर्फ राजनीतिक या कहें कि केवल ‘टेक्नीक्ल सिनर्जी’ तक ही सीमित न रहे बल्कि ‘ हर्ट टु हर्ट सिनर्जी’ के रूप में बदले।’’ ंिसह ने कहा, ‘‘अनेक भविष्योन्मुखी व उच्च प्रौद्योगिकी परियोजनाओं पर हम अपने मित्र राष्ट्रों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

‘तरंग शक्ति’ जैसे अभ्यास का अपना एक तकनीकी महत्व तो होता ही पर इससे भी आगे बढक़र मैं इसे देशों के बीच के आपसी सहयोग, तालमेल व विश्वास में बढ़ोतरी के माध्यम के रूप में देखता हूं।’’ उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारे और हमारे भागीदार देशों के बीच भरोसा बढ़ाते हैं। उनके बीच यह भरोसा जगाते हैं कि जब कभी भी आवश्यकता होगी तो हम सब एक साथ खड़े रहेंगे। ‘तरंग शक्ति’ के माध्यम से हमने अपने साझेदार देशों अपने गठजोड़ को और भी मजबूत किया है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के नए संकल्प के साथ भारतीय रक्षा क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है और आज दुनिया भर के श्रेष्ठ और आधुनिक विमानों तथा अगली पीढ़ी के उपकरणों के साथ, भारतीय वायुसेना ने खुद का रूपांतरण किया है।

ंिसह ने कहा, ‘‘हमारी वायुसेना, और हमारा रक्षा क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के नए संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज हल्के लड़ाकू विमान, सेंसर, राडार और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर जैसी चीजों में हम बहुत हद तक आत्मनिर्भर हो चुके हैं और इन क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ने के लिए हम प्रयासरत हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना अपनी स्थापना के समय से ही,अपनी शक्ति और शौर्य के लिए जानी जाती रही है। देश को जब-जब भी जरूरत पड़ी, वायु सेना ने डटकर उस परिस्थिति का सामना किया, और अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र का मस्तक सारे विश्व में ऊंचा किया है।

ंिसह ने कहा कि हमारे देश भारत को आजाद हुए 75 वर्ष से अधिक हो गए हैं। आज का यह ‘लैंडमार्क इवेंट’ जहां एक ओर भारतीय वायुसेना की की अब तक की ‘शानदार उपलब्धियों’ का उत्सव मनाने का अवसर है, वहीं दूसरी ओर यह, हमारी वायुसेना की अब तक की यात्रा को भी याद करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा,‘‘ आज हम न केवल दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था हैं, बल्कि हमारी सशस्त्र सेनाएं दुनिया की सबसे ताकतवर सशस्त्र सेनाओं में से एक मानी जाती हैं।’’

उन्होंने कहा,‘‘कुछ समय पहले तक भारत को हथियार व उपकरण के मामले में सिर्फ एक आयातक देश के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज भारत लगभग 90 देशों को हथियार व उपकरण का निर्यात करता है। ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जो हमारी वायु सेना और हमारे रक्षा क्षेत्र के विकास इवोल्यूशन की र्स्विणम कहानी कहते हैं।’’ इससे पहले भारतीय वायुसेना की टीम के ‘एयर शो’ में सारंग हेलीकॉप्टर टीम, सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और हल्के लड़ाकू विमान प्रचंड ने भाग लिया। बाद में रक्षा मंत्री ने भारत रक्षा विमानन प्रदर्शनी (आईडीएएक्स)-2024 का उद्घाटन किया जो 14 सितंबर तक चलेगी।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र ंिसह शेखावत, प्रमुखा रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान,वायुसेना प्रमुख वी आर चौधरी, नौसेना प्रमुख एडमिरल डी के त्रिपाठी, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी कामत भी मौजूद थे।

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