
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मतगणना से पहले सोमवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन और कांग्रेस को लोकतंत्र की गरिमा को ‘कमतर करने’ की बजाय लोकसभा चुनाव में मिलने वाली ‘अपरिहार्य’ हार को शालीनता से स्वीकार करने के लिए तैयार रहना चाहिए.
भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतगणना से पहले समाज में ‘अशांति’ पैदा करने के लिए देश की चुनाव प्रक्रिया पर ‘आधारहीन’ सवाल उठा रहे हैं.
उन्होंने कहा, “हल्के फुल्के अंदाज में मैं उनसे कहूंगा कि पूरे देश को ‘पप्पू’ न समझें. भारत के लोगों की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश मत कीजिए. लोग बुद्धिमान हैं और यह समझते हैं कि आप अपने अहंकार को संतुष्ट करने के लिए इस तरह के आरोप लगा रहे हैं.” उन्होंने कहा, “चुनाव के नतीजों का इंतजार कीजिए. लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने के बजाय हार को शालीनता से स्वीकार करने के लिए तैयार रहें.” एग्जिट पोल में अनुमान जताया गया है कि भाजपा नीत राजग लोकसभा चुनाव में बड़े बहुमत से जीत हासिल कर सकता है और प्रधानमंत्री मोदी लगातार तीसरी बार सत्ता में बने रहेंगे.
कांग्रेस ने इन अनुमानों को ‘फर्जी’ करार दिया और कहा कि ये चुनाव में धांधली को ‘जानबूझकर सही ठहराने का प्रयास’ है और ‘इंडिया’ गठबंधन के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने के लिए मोदी द्वारा खेला जा रहा ‘मनोवैज्ञानिक खेल’ का हिस्सा है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एग्जिट पोल को ‘मोदी मीडिया पोल’ बताया. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी समेत विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाया और चार जून को मतगणना के दिन ईवीएम परिणाम घोषित करने से पहले डाक मतपत्रों की गिनती करने सहित सभी दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया.
त्रिवेदी ने आरोप लगाया, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है. चुनाव होते रहते हैं और सरकारें आती और जाती रहती हैं. लेकिन लोकतंत्र की अखंडता और लोकतांत्रिक प्रणालियों पर सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए.” भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य घटक दलों ने ‘संतुलन खो दिया है” और लोकसभा चुनावों में अपनी ‘अपरिहार्य’ हार को भांपकर वे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगे हैं.
त्रिवेदी ने कहा, ”उन्होंने हमारे नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कायरतापूर्ण शब्दों का इस्तेमाल किया. हमने इसे स्वीकार किया. उन्होंने भाजपा को गाली दी, इसका भी स्वागत है क्योंकि यह लोकतंत्र है. वे हमारी सरकार की आलोचना कर सकते हैं. हम इसे स्वीकार करेंगे.” उन्होंने कहा, ”लेकिन आप लोकतंत्र की मूल भावना की आलोचना नहीं कर सकते. आपको केवल राजनीतिक लाभ के लिए देश की गरिमा को नीचा दिखाने और लोकतंत्र का अनादर करने की अनुमति नहीं है. यह स्वीकार्य नहीं है.”



