
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि उसने इस लोकसभा चुनाव में अपने प्रचार अभियान के दौरान सकारात्मक एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए ‘न्याय’ के आधार पर वोट मांगे, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मंदिर, मटन, मंगलसूत्र और मुजरे’ के नाम पर प्रचार किया और यही कारण है कि ‘इंडिया’ गठबंधन को स्पष्ट एवं निर्णायक जनादेश मिलने जा रहा है. पार्टी ने ‘भाग मोदी भाग’ शीर्षक वाली एक पुस्तिका भी जारी की, जिसमें उन 272 सवालों का उल्लेख है, जो उसने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से 72 दिनों में पूछे हैं. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी तरफ से 72 दिनों में 272 सवाल प्रधानमंत्री से किए गए, लेकिन एक सवाल का जवाब नहीं मिला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने सकारात्मक एजेंडे के साथ जनता का समर्थन हासिल करने में सफल रही.
रमेश ने कहा, ”कांग्रेस पार्टी का चुनाव प्रचार बहुत ही सकारात्मक था. ये ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का परिणाम था कि हम जनता के बीच पांच ‘न्याय’ और 25 ‘गारंटी’ के साथ गए. कांग्रेस ने इस यात्रा के दौरान 23 जनवरी से 16 मार्च तक देश के सामने 5 न्याय और 25 गारंटी रखी थी. इसके माध्यम से श्रमिक न्याय, युवा न्याय, किसान न्याय, हिस्सेदारी न्याय, नारी न्याय की बात की गई.” उनके अनुसार, ” इसके साथ ही हमने संविधान की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है. यही कारण है कि चार जून को ‘इंडिया’ गठबंधन को स्पष्ट और निर्णायक जनादेश मिलने जा रहा है.”
उन्होंने चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग की कार्यशैली को लेकर भी सवाल खड़े किए और कहा, ”हमने 77 दिनों में चुनाव आयोग से 117 शिकायतें कीं. ये शिकायतें आचार संहिता समेत कई अन्य उल्लंघनों के बारे में थीं. इनमें 14 शिकायतें नरेन्द्र मोदी, 8 शिकायतें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तीन शिकायतें गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ की गईं. लेकिन कई ऐसी शिकायतें हैं, जिनपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.” कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने दावा किया, ” कांग्रेस ने ‘न’ से न्याय के आधार पर अपनी बात रखी और अपना प्रचार किया. वहीं, नरेन्द्र मोदी और भाजपा ने ‘म’ से मंदिर, मंगलसूत्र, मटन, मुसलमान, मुजरा जैसे शब्दों के आधार पर अपना प्रचार किया. ”
खेड़ा ने कटाक्ष करते हुए कहा, ”इन सबके बाद अब प्रधानमंत्री ध्यान लगाने चले गए हैं. जिस आदमी ने पूरे 10 साल लोगों का ध्यान भटकाया, अब वह ध्यान लगा रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”जब हम ‘न्याय’ की बात कर रहे थे, तो नरेंद्र मोदी टोंटी और भैंस चोरी और मटन की बात कर रहे थे. कांग्रेस के प्रचार ने नरेंद्र मोदी के प्रचार को पटरी से उतार दिया. इस चुनाव में उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं था.
कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सोशल मीडिया की पहुंच के मामले में उनकी पार्टी भाजपा से बहुत आगे रही. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से युवाओं का बड़े पैमाने पर समर्थन देखने को मिला.
चुनाव नतीजे के बाद राजग के कई घटक ‘इंडिया’ गठबंधन में आने के लिए कतारबद्ध होंगे : कांग्रेस
कांग्रेस ने शुक्रवार को इस लोकसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन को ‘स्पष्ट एवं निर्णायक जनादेश’ मिलने का भरोसा जताया और कहा कि चार जून को नतीजे आने के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कई घटक दल ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल होने के लिए कतारबद्ध होंगे.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो पलटी मारना चाहते हैं उन्हें कोई नहीं रोक सकता, लेकिन सरकार गठन के लिए ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) गठबंधन को नीतीश की जरूरत नहीं पड़ेगी. रमेश ने राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के एक बयान से जुड़े सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की.
तेजस्वी ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से कहा था, ”जब से हमने कहा कि चार जून के बाद हमारे चाचा (नीतीश कुमार) अपनी पार्टी को बचाने के लिए कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं, तब से वह प्रचार में ही नहीं निकले हैं. प्रशासन का काम राज्यपाल देख रहे हैं एवं अधिकारियों को बुलाकर समीक्षा कर रहे हैं. जदयू और भाजपा अपनी-अपनी सीट पर लगी हुई हैं. उनके बीच कोई तालमेल नहीं है. यह जो अंतर है वह दिखाता है कि चार जून के बाद कुछ बड़ा होगा.”
कांग्रेस महासचिव रमेश ने तेजस्वी के इस बयान से जुड़े सवाल पर संवाददाताओं से कहा, ”पलटी मारने की उनकी पुरानी आदत है. चार जून को क्या करेंगे, मुझे जानकारी नहीं है. ‘इंडिया जनबंधन’ को जनादेश मिलने वाला है. जदयू की कोई जरूरत नहीं होगी. बिहार के नतीजे आश्चर्यजनक होंगे. पलटी की जरूरत नहीं पड़ेगी. मगर जो लोग पलटी मारना चाहते हैं उनको रोक नहीं सकते.” एक अन्य सवाल के जवाब में रमेश ने कहा, ” चुनाव के दो चरणों के बाद जो रुझान आए थे तो उनको देखते हुए मैंने कहा था कि ‘इंडिया जनबंधन’ को निर्णायक जनादेश मिलना तय है.
उनके मुताबिक, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, हरियाणा जैसे राज्यों में इस बार कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन करेगी.
रमेश ने कहा, ”इन राज्यों में पिछले चुनाव में हमारा सफाया हो गया था, लेकिन इस बार हमारी स्थिति मजबूत है… 2019 में बालाकोट (एयरस्ट्राइक) जैसा भावनात्मक मुद्दा था. इस बार कोई लहर नहीं है.” उनका कहना है कि कांग्रेस के आत्मविश्वास का एक और कारण यह भी है कि इस बार प्रधानमंत्री ‘बौखलाए’ हुए हैं और उनमें आत्मविश्वास नहीं दिख रहा है. रमेश ने कहा, ”मैं कोई आंकड़ा नहीं दूंगा. लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि हमें स्पष्ट और निर्णायक जनादेश मिलेगा. राजग के कई घटक दल ‘इंडिया’ में शामिल होने के लिए कतार में खड़े होंगे.”



