
नयी दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश की जनता चार जून को वैकल्पिक सरकार का जनादेश देगी और ‘इंडिया’ गठबंधन पूर्ण बहुमत हासिल करते हुए देश को एक समावेशी और राष्ट्रवादी सरकार देगा. उन्होंने संवाददाताओं से यह भी कहा कि जीत के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों से बातचीत के आधार पर प्रधानमंत्री का फैसला होगा. खरगे ने कहा कि जनता ने विपक्ष एवं कांग्रेस की इस बात पर मुहर लगा दी है कि अगर मोदी सरकार फिर से आई, तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा.
उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में भाजपा ने बांटने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने असली मुद्दों को चुना. खरगे ने कहा, ”हमें विश्वास है कि चार जून, 2024 को देश में जनता एक नई वैकल्पिक सरकार को जनादेश देगी. ‘इंडिया’ गठबंधन पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगा.” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”हम सभी मिलकर संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) की तर्ज पर इस देश को एक समावेशी, राष्ट्रवादी और विकासोन्मुखी सरकार देंगे और सभी को साथ लेकर आगे बढ.ेंगे.” लोकसभा चुनाव के नतीजे चार जून को घोषित होंगे.
यह पूछे जाने पर कि विपक्षी गठबंधन की जीत की स्थिति में प्रधानमंत्री का फैसला कब तक होगा, तो उन्होंने कहा, ”हम सबको बुलाएंगे, सबकी राय लेंगे. गठबंधन के लोग जो कहेंगे, उसके आधार पर प्रधानमंत्री के बारे में तय करेंगे.” खरगे ने ‘दलित प्रधानमंत्री’ से जुड़े सवाल पर कहा, ”मैंने कभी भी यह नहीं कहा कि मैं दलित हूं, इसलिए दो. सबकुछ पार्टी ने दिया है. सोनिया गांधी जी की देन है.
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष बनाया और एआईसीसी (अध्यक्ष) भी बनाया. हमारी पार्टी में जो भी निर्णय लिया जाता है, उसी के हिसाब से काम करेंगे. ऐसा नहीं है कि सिर्फ दलित हूं, इसलिए मांगने वाला हूं. अब तक भी नहीं मांगा.” खरगे ने महात्मा गांधी के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधा और कहा कि या तो प्रधानमंत्री अनजान हैं या फिर उन्होंने पढ.ा नहीं है.
उन्होंने कहा, ”सारी दुनिया महात्मा गांधी को जानती है. संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने उनकी प्रतिमा लगी है. दुनिया के बहुत सारे देशों में महात्मा गांधी की प्रतिमाएं स्थापित हैं.” उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि महात्मा गांधी, उनके काम के बारे में पता नहीं है, तो शायद संविधान के बारे में भी पता नहीं होगा.
उन्होंने कहा कि चार जून के बाद खाली समय में प्रधानमंत्री को महात्मा गांधी की जीवनी ‘माई एक्सपेरीमेंट्स विथ ट्रूथ’ पढ़नी चाहिए.
खरगे ने कहा, ”महात्मा गांधी जी अहिंसा में विश्वास करते थे, उन्होंने कभी किसी से नफरत नहीं की. लेकिन नरेंद्र मोदी सिर्फ नफरत की बातें करते हैं, उनकी हर बात में नफरत झलकती है.” प्रधानमंत्री मोदी ने समाचार चैनल ‘एबीपी न्यूज’ को दिए साक्षात्कार में कहा था कि रिचर्ड एटनबरो की 1982 में आई फिल्म ‘गांधी’ के बनने तक दुनिया को महात्मा गांधी के बारे में ज्यादा पता नहीं था.
खरगे ने दावा किया, “प्रधानमंत्री ने पिछले 15 दिनों में अपनी जनसभाओं में 232 बार कांग्रेस का नाम लिया, 758 बार अपना नाम लिया, 573 बार ‘इंडिया’ गठबंधन और विपक्ष का नाम लिया, लेकिन बेरोजगारी के बारे में एक बार भी बात नहीं की.” उन्होंने यह दावा भी किया, ”प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान 421 बार मंदिर-मस्जिद और समाज को बांटने की बात की. उन्होंने 224 बार मुस्लिम, अल्पसंख्यक जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया. लेकिन चुनाव आयोग ने इसपर कोई कार्रवाई नहीं की.”
खरगे ने कहा, ”कांग्रेस हमेशा जनता की समस्याओं को ध्यान में रखकर काम करती है. जब डॉ. मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी जी संप्रग की प्रमुख थीं, तब हम गरीबों के लिए ऐसी योजनाएं लेकर आए, जिनसे गरीबों का फायदा हुआ. लेकिन नरेन्द्र मोदी ने बेरोजगारी, महंगाई, आर्थिक असमानता, संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग जैसे मुद्दों को बढ.ावा दिया.” उन्होंने कहा, ”हमने इन्हीं मुद्दों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, जिसमें जनता का पूरा समर्थन मिला. इसलिए मैं अपने सभी साथियों को बधाई देता हूं, जो निडर होकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़े हैं.”
खरगे ने आरोप लगाया, ”संसद में विपक्ष को नहीं बोलने देना, विपक्षी सांसदों को निलंबित करना, बिना चर्चा के विधेयक पारित करना, ये सब पिछली सरकार के लिए काले अक्षरों में लिखा जाएगा.” उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को खत्म कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, ”प्रधानमंत्री जी खुद को भगवान का अवतार मानते हैं. भाजपा के नेता भी उन्हें भगवान का स्वरूप बता रहे हैं.” कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि एक जून को होनी वाली ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में सिर्फ मतगणना की तैयारियों के संदर्भ में चर्चा की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा, ”हमने पहले ही अपनी राज्य इकाइयों को फॉर्म 17सी के बारे में सजग कर दिया है.” वेणुगोपाल ने कहा कि इस बैठक में ‘इंडिया’ गठबंधन के अधिकतर घटक दल शामिल होंगे तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी असमर्थता के बारे में सूचित किया है.



