फरवरी माह में भारत ने औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में दर्ज की 2.9% की बढ़ोतरी

इस वर्ष फरवरी माह में देश के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) ने 2.9% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की, जबकि जनवरी 2025 में यह वृद्धि दर 5.0% थी। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के मुताबिक फरवरी 2025 में IIP का सामान्य सूचकांक 151.3 रहा, जो फरवरी 2024 में 147.1 था। इस बार तीन प्रमुख क्षेत्रों में, खनन क्षेत्र में 1.6%, विनिर्माण क्षेत्र में 2.9% और बिजली क्षेत्र में 3.6% की वृद्धि दर्ज की गई।

विनिर्माण क्षेत्र के 23 उद्योग समूहों में से 14 में फरवरी 2025 के दौरान सकारात्मक वृद्धि देखी गई। इनमें प्रमुख योगदान ‘मूल धातुओं का निर्माण’ (5.8%), “मोटर वाहनों, ट्रेलर और अर्ध-ट्रेलर का निर्माण’ (8.9%) तथा ‘अन्य गैर-धात्विक खनिज उत्पादों का निर्माण (8.0%) ने दिया। फ्लैट स्टील प्रोडक्ट्स, स्टील पाइप्स और माइल्ड स्टील रॉड्स जैसे उत्पादों ने धातु क्षेत्र की वृद्धि में प्रमुख भूमिका निभाई। वहीं, ऑटो कंपोनेंट्स, एक्सल्स और कमर्शियल व्हीकल्स ने मोटर वाहन उद्योग की वृद्धि को रफ्तार दी। सीमेंट, क्लिंकर और प्री-फैब्रिकेटेड कंक्रीट ब्लॉक्स ने गैर-धात्विक उत्पादों के निर्माण को बढ़ाया।

उपयोग-आधारित वर्गीकरण के मुताबिक फरवरी 2025 में प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक 152.3, पूंजीगत वस्तुओं का 115.5, मध्यवर्ती वस्तुओं का 159.9, निर्माण/इन्फ्रास्ट्रक्चर वस्तुओं का 191.3, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं का 126.5 और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं का 146.7 रहा। इन वर्गों में वार्षिक वृद्धि दर क्रमशः 2.8%, 8.2%, 1.5%, 6.6%, 3.8% और -2.1% रही। सबसे अधिक योगदान इंफ्रास्ट्रक्चर/निर्माण वस्तुओं, प्राथमिक वस्तुओं और पूंजीगत वस्तुओं का रहा।

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