भारत में ‘हिंदू इतिहास’ या ‘मुस्लिम इतिहास’ नहीं, सिर्फ भारतीय इतिहास होना चाहिए : TMC सांसद

नयी दिल्ली. तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने मंगलवार को सरकार पर इतिहास बदलने और इसे तोड़ने-मरोड़ने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए लोकसभा में कहा कि भारत में ‘हिंदू इतिहास’ या ‘मुस्लिम इतिहास’ नहीं, सिर्फ भारतीय इतिहास होना चाहिए.
उन्होंने सदन में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए विनायक दामोदर सावरकर और गुरू गोलवलकर के संदर्भ में कुछ दावे भी किए जिस पर सत्तापक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई.

रॉय ने कहा, ‘‘इतिहास को बदलने और तोड़ने-मरोड़ने का प्रयास हो रहा है. गृह मंत्री ने कहा है कि इतिहास को फिर से लिखने की जरूरत है. उन्होंने मुगल काल की बात की, जबकि मुगलों ने 200 साल तक स्थिर सरकार दी. हमारा मानना है कि देश की संस्कृति हिंदू संस्कृति नहीं है और समावेशी संस्कृति है.’’

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘यहां हिंदू इतिहास या मुस्लिम इतिहास नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास है.’’ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ‘‘शून्यकाल में अविलंब महत्व के मुद्दों को उठाया जाता है. बिना तथ्यों और सबूतों के आरोप नहीं लगाएं और शून्यकाल में ऐसे विषय नहीं उठाएं.’’ शून्यकाल में आईयूएमएल के अब्दुस्समद समदानी ने कहा कि अल्पसंख्यक छात्रों के लिए मैट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति और मौलाना आजाद फेलोशिप को फिर से शुरू किया जाना चाहिए.

भाजपा के बालकनाथ ने कहा कि जेईई की तरह नीट की परीक्षा का आयोजन भी साल में दो बार किया जाए. बहुजन समाज पार्टी के कुंवर दानिश अली ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कोर्ट का चुनाव कराया जाए ताकि नए कुलपति की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो सके. तृणमूल कांग्रेस के प्रसून बनर्जी ने कहा कि देशभर में जिले के स्तर पर फुटबाल को बढ़ावा देने की जरूरत है.

भाजपा के तेजस्वी सूर्या ने आयकर नियमों में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता की तरह बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे महानगरों में भी आवास किराया भत्ते को वेतन का 50 प्रतिशत माना जाना चाहिए. कांग्रेस के एंटो एंटनी, भाजपा की रमा देवी और कुछ अन्य सदस्यों ने भी लोक महत्व के अलग-अलग विषय उठाए.

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