
नयी दिल्ली. भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) को उम्मीद है कि बुनियादी ढांचे की वृद्धि पर सरकार के निरंतर ध्यान देने और कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने से देश की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष 2023-24 में 6.8 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी और 2024-25 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सात प्रतिशत पर पहुंच जाएगी.
सीआईआई के अध्यक्ष आर दिनेश ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि 6.8 प्रतिशत की वृद्धि दर उद्योग निकाय के पहले के अनुमान 6.5-6.7 प्रतिशत से अधिक होगी. दिनेश टीवीएस सप्लाई चेन सॉल्यूशंस के कार्यकारी वाइस चेयरमैन भी हैं. सीआईआई के अध्यक्ष ने वृद्धि अनुमान साझा करते हुए कहा, ” शुरुआत में हमने 6.5-6.7 प्रतिशत कहा था. अब हम कह रहे हैं कि इस वर्ष यह 6.8 प्रतिशत होने जा रही है और अगले साल हम इसके सात प्रतिशत होने की उम्मीद कर रहे हैं. पहली छमाही में यह 6.8 प्रतिशत रही. वास्तव में मैं कहूंगा कि यह एक रुढि.वादी आकंड़ा है क्योंकि यदि आप देखें कि पहली छमाही में क्या हुआ है, तो हम यहां रुढि.वादी हो रहे हैं.”
हाल के राज्यों के विधानसभा चुनाव पर उन्होंने कहा कि शेयर बाजार और उद्योग नीति में निरंतरता के पक्ष में हैं. विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीन राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जीत हासिल की, जबकि तेलंगाना में कांग्रेस ने जीत दर्ज की.
दिनेश ने कहा, ” हम नीति में निरंतरता का स्वागत करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि आम सहमति देश में वृद्धि के लिए हो… हमारे लिए नीति में निरंतरता बहुत महत्वपूर्ण है. यह ऐसी चीज है कि जो भी पार्टी सत्ता में हो हम यह सुनिश्चित करते हैं कि हम इसपर कायम रहें…शेयर बाजार इस बात से खुश है कि निरंतरता कायम है.” सितंबर में समाप्त चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में भारत की अर्थव्यवस्था ने 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है.



