सही रणनीतियों के बल पर आगे बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था: वित्त मंत्रालय

नयी दिल्ली. वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था सही रणनीतियों, लगातार घरेलू सुधारों और बुनियादी ढांचे के विकास तथा रोजगार सृजन पर पुरजोर ध्यान देकर आगे बढ़ेगी. वित्त मंत्रालय की एक रिपोर्ट में मंगलवार को यह जानकारी दी गई. आर्थिक मामलों के विभाग की मासिक आर्थिक समीक्षा के मार्च संस्करण में कहा गया कि भारत की दीर्घकालिक वृद्धि वृहद आर्थिक स्थिरता, लचीला बाहरी क्षेत्र, राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण, कम होती मुद्रास्फीति, बेहतर रोजगार संभावनाओं और उच्च उपभोग व्यय से प्रेरित है.

इसमें कहा गया कि इस स्थिरता की कुंजी निजी पूंजी निर्माण के पास है और नियामक उपाय निजी क्षेत्र को अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं. भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं भारत के लिए चुनौतियां पेश कर रही हैं, लेकिन साथ ही इस वजह से तुलनात्मक बढ़त का लाभ उठाकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विनिर्माण में अपनी स्थिति को मजबूत करने का मौका भी है. रिपोर्ट में कहा गया कि भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर लगातार ध्यान केंद्रित करने के साथ, भारत इन जोखिमों को कम कर सकता है. देश रणनीतिक व्यापार वार्ता, घरेलू सुधारों और विनिर्माण निवेशों में उभरते अवसरों का लाभ उठा सकता है.

मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक घटनाक्रमों से पैदा हुई अनिश्चितताएं वित्त वर्ष 2025-26 में वृद्धि के लिहाज से एक प्रमुख जोखिम हैं. निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं को इस जोखिम के प्रति सचेत रहना चाहिए और अनिश्चितता को खुद पर हावी होने से रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए.

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