
एंटवर्प. भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने आखिर में अपना जलवा दिखाकर रविवार को यहां एफआईएच प्रो लीग के यूरोपीय चरण में बेल्जियम को 4-3 से पराजित करके अपनी पहली जीत दर्ज की और इस तरह से लगातार सात मैच में हार का सिलसिला खत्म किया.
सुखजीत सिंह (21वें, 35वें), अमित रोहिदास (36वें) और हरमनप्रीत सिंह (59वें) के गोल की मदद से भारत ने अपने अभियान का जीत के साथ सकारात्मक अंत किया. भारत इस तरह से आयरलैंड से 14 अंक आगे रहते हुए आठवें स्थान पर रहा.
बेल्जियम के लिए आर्थर डी स्लोवर (8वें), थिब्यू स्टॉकब्रोक्स (34वें) और ‘ूगो लैबोचेरे (41वें) ने गोल किए. सुखजीत और दिलप्रीत सिंह के लिए यह यादगार मैच था, जिन्होंने अपने 100 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे किए. भारत को हालांकि इस मैच में भी संघर्ष करना पड़ा. जब अंतिम हूटर बजने में सिफ.र् दो मिनट बचे थे और स्कोर 3-3 से बराबर था तब भारत ने बेल्जियम के सर्कल के अंदर सेंध लगाई और फिर रेफरल मांगा. फ.ैसला भारत के पक्ष में गया और हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित की.
बेल्जियम ने हालांकि शुरू में भारत पर दबाव बनाया. आर्थर डी स्लोवर ने आठवें मिनट में उसकी तरफ से पहला गोल किया. इस तरह से बेल्जियम ने पहले क्वार्टर में शानदार प्रदर्शन करते हुए 1-0 से बढ़त हासिल की. कप्तान हरमनप्रीत की मौजूदगी से भारतीय टीम का मनोबल बढ़ा हुआ दिखा. उसने शुरू से आक्रमण पर ध्यान दिया तथा दूसरे क्वार्टर में अच्छा खेल दिखाया. भारत को 20वें मिनट में पहला पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन हार्दिक सिंह का शॉट रोक दिया गया. इसके एक मिनट बाद सुखजीत सिंह के पेनल्टी कॉर्नर पर किये गए गोल से बराबरी हासिल कर ली.
बेल्जियम ने तीसरे क्वार्टर के शुरू में आक्रामक खेल का नजारा पेश किया जिसका उसे फायदा भी मिला तथा थिब्यू स्टॉकब्रोक्स के गोल की मदद से उसने फिर से बढ़त हासिल कर ली. सुखजीत सिंह ने मैच के 35वें मिनट में अपना दूसरा गोल करके भारत को फिर से बराबरी दिलाई. इस बार उन्होंने अभिषेक की मदद से खूबसूरत मैदानी गोल किया.
अमित रोहिदास ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारत को मैच में पहली बार बढ़त दिला दी. रोहिदास ने शानदार शॉट लगाया जो गोल में जा लगा. भारतीय टीम की यह खुशी हालांकि ज्यादा देर तक नहीं रही. बेल्जियम ने पेनल्टी कार्नर हासिल किया जिस पर ‘ूगो लैबोचेरे ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल किया. लेकिन हरमनप्रीत ने आखिर में भारत की जीत सुनिश्चित की.



