
नोएडा/नीमच. देश में इस समय अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का आकार आठ अरब अमेरिकी डॉलर है, और इसके 2040 तक बढ.कर 40 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को यहां यह बात कही. उन्होंने कहा कि 2014 में भारत में सिर्फ चार अंतरिक्ष स्टार्टअप थे और 2023 में यह संख्या बढ.कर 150 से अधिक हो गई है.
विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने यहां एमिटी विश्वविद्यालय में जी20 के तत्वावधान में एस20 सम्मेलन का उद्घाटन भी किया. उन्होंने कहा कि भारत को जी20 की अध्यक्षता मिलना बेहद गर्व की बात है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं.
सिंह ने कहा, ”2014 तक देश में 350 स्टार्टअप थे, लेकिन आज हमारे पास 1.25 लाख से अधिक स्टार्टअप और 130 यूनिकॉर्न हैं. इन्होंने देश में नवाचार के परिदृश्य को बदल दिया है.” विश्वविद्यालय ने एक बयान में सिंह के हवाले से कहा कि वैश्विक नवाचार सूचकांक में भी भारत 81वें से 40वें स्थान पर पहुंच गया है.
भारत को 2047 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का इरादा : राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि वर्ष 2047 आते-आते अर्थव्यवस्था के मामले में हम भारत को दुनिया में सबसे बड़ा देश बनाना चाहते हैं. भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा नीमच से शुरू करने आये सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ”जो भारत पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था के आकार में 10 नंबर पर था, वह आज पांचवें स्थान पर खड़ा हो गया है.”’
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ये करिश्मा हुआ है. सिंह ने कहा कि अगले तीन साल के बाद ही अर्थव्यवस्था के मामले में भारत विश्व में शीर्ष तीन देशों में आ जाएगा. उन्होंने आगे कहा, ”2047 आते-आते अर्थव्यवस्था के मामले में हम भारत को दुनिया में सबसे बड़ा देश बनाना चाहते हैं.”



