गहलोत के वफादार विधायकों का समानांतर बैठक करना अनुशासनहीनता : माकन

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 26 Sep 2022 05:52 PM
गहलोत के वफादार विधायकों का समानांतर बैठक करना अनुशासनहीनता : माकन
ऑडियो सुनें

जयपुर. कांग्रेस के राजस्­थान प्रभारी अजय माकन ने मुख्­यमंत्री अशोक गहलोत के वफादार विधायकों द्वारा व­धिायक दल की बैठक में ल­एि जाने वाले प्रस्­ताव के लिए शर्तें रखने की आलोचना की. उन्होंने कहा कि इन विधायकों का व­धिायक दल की आध­किार­कि बैठक में शामिल न होकर उसके समानांतर अन्य बैठक करना ‘‘अनुशासनहीनता’’ है.

माकन ने कहा कि विधायकों का एक समूह सशर्त प्रस्­ताव पारित कराने पर जोर दे रहा था, जिसे उन्­होंने स्वीकार नहीं किया. विधायक दल की बैठक के लिए जयपुर आए पार्टी पर्यवेक्षक माकन एवं मल्लिकार्जुन खड़गे सोमवार को दिल्­ली लौट गए. वे राज्य में मौजूदा राजनीति­क घटनाक्रम पर अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्­यक्ष सोनिया गांधी को सौंपेंगे.

उल्­लेखनीय है कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक रविवार रात मुख्­यमंत्री आवास पर होनी थी, लेकिन गहलोत के वफादार कई विधायक बैठक में नहीं आए. उन्होंने संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल के बंगले पर बैठक की और फिर वहां से वे विधानसभा अध्­यक्ष डॉ. सीपी जोशी से म­लिने गए.

इस बारे में पूछे जाने पर माकन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि जब विधायक दल की कोई आधिकारिक बैठक बुलाई गई हो और यदि कोई उसी के समानांतर एक अनाधिकारिक बैठक बुलाए, तो यह प्रथमदृष्टया ‘‘अनुशासनहीनता’’ है. माकन ने कहा, ‘‘आगे देखेंगे कि इस पर क्­या कार्रवाई होती है.’’ उन्­होंने कहा कि अभी यह जानकारी नहीं है कि कितने विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा दिया है.

उन्होंने कहा कि इन विधायकों के प्रतिनिधि के रूप में धारीवाल, मुख्­य सचेतक महेश जोशी एवं मंत्री प्रताप सिंह खाचर­यिावास उनसे मिलने आए थे और उन्होंने कहा था कि व­धिायक सशर्त प्रस्­ताव पारित कराना चाहते हैं. माकन ने कहा, ‘‘जो विधायक (बैठक में) नहीं आए, उन्हें हम लगातार कहते रहे कि हम एक-एक करके सबकी बात सुनने के लिए यहां आए हैं.’’ उन्होंने बताया कि उन्होंने विधायकों से कहा कि ‘‘जो बात आप कहेंगे, वह हम दिल्­ली जाकर बताएंगे. कांग्रेस अध्­यक्ष सोनिया गांधी ने हमें सबसे अलग-अलग आमने-सामने बात करने के निर्देश द­एि हैं.’’

माकन ने कहा, ‘‘संसदीय कार्यमंत्री शांत­ िधारीवाल, मुख्­य सचेतक महेश जोशी एवं मंत्री प्रताप सिंह खाचर­यिावास उनके प्रतिनिधियों के तौर पर हमारे पास आए और उन्­होंने तीन शर्तें रखीं. सबसे पहले तो उन्­होंने कहा कि यदि कांग्रेस अध्­यक्ष को निर्णय लेने का अधिकार देने का प्रस्­ताव पारित करना है तो बेशक ऐसा किया जाए, लेकिन उस पर फैसला 19 अक्टूबर के बाद होना चाहिए.’’ कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी ने कहा कि उन्होंने गहलोत समर्थक विधायकों से कहा कि गहलोत अगर यह प्रस्­ताव पेश करते हैं क­ िकांग्रेस अध्­यक्ष पर सब निर्णय छोड़ दिए जाएं, तो इससे ‘‘हितों का टकराव’’ पैदा हो सकता है.

उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि अब गहलोत खुद कह चुके हैं कि वह कांग्रेस अध्­यक्ष का चुनाव लड़ेंगे, तो 19 अक्­टूबर के बाद यदि वह खुद अध्­यक्ष बन जाते हैं और अपने ही प्रस्­ताव पर खुद को ही अधिकार देते हैं, तो इससे बड़ा ‘‘हितों का टकराव’’ नहीं हो सकता.’’ माकन ने कहा, ‘‘हमने (गहलोत समर्थक विधायकों से) उनसे कहा कि आप यह मत कर­एि, लेकिन उन्­होंने कहा कि आपको यह सार्वजनिक तौर पर कहना पड़ेगा और इसे प्रस्­ताव का हि­स्­सा बनाना पड़ेगा क­ िप्रस्­ताव भले ही आज पारित हो जाए, लेकिन उसे लागू 19 अक्­टूबर के बाद किया जाएगा.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने कहा कि हम (विधायकों से) सबसे एक-एक करके बात करेंगे तो उन्­होंने कहा कि नहीं हम समूहों में आएंगे. हमने कहा कि कांग्रेस की हमेशा से प्रथा रही है कि हम सबसे एक-एक करके बात करते हैं ताकि व­धिायक बिना किसी दबाव के अपनी बात कह सकें, तो उन्­होंने कहा कि वे समूह में आकर अपनी बात कहेंगे और यह भी आपको सार्वजनिक तौर पर कहना होगा.’’ माकन ने कहा, ‘‘तीसरी बात उन्होंने यह कही कि जो 102 विधायक 2020 के राजनीतिक संकट में गहलोत के साथ खड़े थे, उनमें से ही किसी को मुख्­यमंत्री बनाया जाना चाहिए, सचिन पायलट या उनके समर्थकों में से किसी को नहीं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने (गहलोत समर्थक विधायकों का) इंतजार किया, लेकिन वे नहीं आए. अब मैं और खड़गे जी वापस दिल्­ली जा रहे हैं और हम अपनी पूरी रिपोर्ट कांग्रेस अध्­यक्ष को सौंपेंगे.’’ माकन ने उम्­मीद जताई क­ िपार्टी नेता विधायकों के साथ बातचीत कर आगे का रास्­ता निकाल लेंगे. खड़गे और माकन के दिल्­ली रवाना होने से पहले मुख्­यमंत्री गहलोत व प्रदेश अध्­यक्ष गोव­ंिद सिंह डोटासरा ने खड़गे से मुलाकात की. खड़गे ने इस मुलाकात को ‘श­ष्­िटाचार भेंट’ बताया.

राजधानी जयपुर में यह सारा घटनाक्रम विधायक दल की बैठक में गहलोत का उत्तराधिकारी चुनने की संभावनाओं के बीच हुआ. इस स्थिति से मुख्यमंत्री और सचिन पायलट के बीच सत्ता को लेकर संघर्ष गहराने का संकेत मिल रहा है. गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे, इसलिए उनका उत्तराधिकारी चुने जाने की चर्चा है.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu