
दोहा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए चेतावनी दी कि उसके परमाणु कार्यकम को लेकर उत्पन्न गतिरोध का समाधान करने के लिए दो ही विकल्प है, पहला या तो समझौता करे या संभावित हवाई हमले के लिए तैयार रहे.
ट्रंप ने कतर के शीर्ष कारोबारियों को संबोधित करते हुए कहा, ”हमे यह देखना चाहेंगे कि क्या हम ईरान की समस्या को बिना किसी ताकत के इस्तेमाल के समझदारी से हल कर सकते हैं. इसके केवल दो ही विकल्प हैं: बुद्धिमानी और ताकत.” ट्रंप ने यह भी कहा कि कतर के सत्तारूढ़ अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कूटनीतिक समझौते के लिए दबाव डाल रहे थे.
कतर ईरान के साथ एक विशाल अपतटीय तेल और गैस क्षेत्र साझा करता है जो उसकी संपन्नता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.
ट्रंप ने कहा, ”मैंने कल रात कहा कि ईरान बहुत भाग्यशाली है कि उसके पास अमीर है क्योंकि वह वास्तव में उनके लिए लड़ रहे हैं. वह नहीं चाहते कि हम ईरान पर घातक कार्रवाई करें. वे कहते हैं कि आप समझौता कर सकते हैं. वे वास्तव में लड़ रहे हैं. मेरा अभिप्राय है कि और मेरा मानना है कि ईरान को अमीर को बहुत-बहुत धन्यवाद कहना चाहिए.” एक अन्य बिंदु पर ट्रंप ने कहा, ” जहां तक ईरान का सवाल है तो वे अच्छा ड्रोन बनाते हैं.”
ट्रंप ने पुतिन के जेलेंस्की के साथ इस्तांबुल वार्ता में शामिल नहीं होने संबंधी निर्णय को तवज्जो नहीं दी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह इस बात से हैरान नहीं हैं कि इस हफ्ते तुर्किये में यूक्रेन के साथ होने वाली शांति वार्ता में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नहीं शामिल होंगे. ट्रंप ने पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बृहस्पतिवार को इस्तांबुल में मिलने पर जोर दिया था. उन्होंने अपेक्षित वार्ता में भाग न लेने के पुतिन के फैसले को तवज्जो नहीं दी.
पश्चिम एशिया की अपनी यात्रा के तीसरे दिन दोहा में अधिकारियों के साथ एक व्यापार गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, ”मुझे नहीं लगता कि पुतिन के लिए वहां जाना संभव है, अगर मैं वहां नहीं हूं.” इस सप्ताह की शुरुआत में ट्रंप ने संभावित रूप से खुद के भाग लेने की बात कही थी. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने बृहस्पतिवार को उल्लेख किया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो नाटो समकक्षों के साथ बैठकों के लिए पहले से ही देश में हैं.
ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ भी प्रत्याशित रूस-यूक्रेन वार्ता के लिए शुक्रवार को इस्तांबुल में रहने की योजना बना रहे हैं. जेलेंस्की और पुतिन के बीच सीधी बातचीत के लिए यह दबाव रूस और यूक्रेन के बीच युद्धविराम समझौता के उद्देश्य से कई वार्ता के बीच बनाया गया है. पुतिन ने बृहस्पतिवार को तुर्किये के शहर में यूक्रेन के साथ सीधी शांति वार्ता फिर से शुरू करने का प्रस्ताव सबसे पहले रखा. जेलेंस्की ने पुतिन को तुर्किये में व्यक्तिगत रूप से मिलने की चुनौती दी. लेकिन क्रेमलिन ने कहा है कि वार्ता में उसके प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पुतिन के सहयोगी व्लादिमीर मेडिंस्की करेंगे और इसमें तीन अन्य अधिकारी शामिल होंगे.
यूक्रेनी राष्ट्रपति के सलाहकार मिखाइलो पोडोल्याक ने कहा कि जेलेंस्की केवल रूसी नेता के साथ बैठेंगे. ट्रंप बृहस्पतिवार को बाद में पश्चिम एशिया में अमेरिकी भागीदारी के केंद्र कतर में एक अमेरिकी प्रतिष्ठान का दौरा करेंगे. उन्होंने खाड़ी देशों की अपनी चार दिवसीय यात्रा का उपयोग इस क्षेत्र में अमेरिका के अतीत के ‘हस्तक्षेपवाद’ को अस्वीकार करने के लिए किया है. ट्रंप कतर के अल-उदीद एयरबेस पर सैनिकों को संबोधित करेंगे, जो इराक और अफगानिस्तान में अमेरिकी युद्धों के दौरान एक प्रमुख पड़ाव था. इस एयरबेस का यमन के ईरान सर्मिथत हूती समूह के खिलाफ हाल ही में अमेरिकी हवाई अभियान में उपयोग किया गया था.
राष्ट्रपति ने सऊदी अरब और कतर जैसे खाड़ी देशों को संघर्ष ग्रस्त क्षेत्र में आर्थिक विकास के मॉडल के रूप में पेश किया क्योंकि वह ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए एक समझौते पर अपने प्रशासन के साथ आने के लिए प्रेरित करने का काम कर रहे हैं. सैनिकों को संबोधित करने से पहले ट्रंप ने व्यापारिक नेताओं के साथ एक गोलमेज बैठक में हिस्सा लिया. इस समूह में बोइंग, जीई एयरोस्पेस और अल रब्बन कैपिटल के शीर्ष अधिकारी शामिल थे.
अमेरिकी सैनिकों को संबोधित करने के बाद, वह अपने पश्चिम एशिया दौरे के अंतिम चरण के लिए संयुक्त अरब अमीरात में अबू धाबी की यात्रा करेंगे. वह देश की सबसे बड़ी मस्जिद शेख जायद ग्रैंड मस्जिद का दौरा करेंगे. यूएई के संस्थापक शेख जायद को मस्जिद के मुख्य प्रांगण में दफनाया गया है. यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान शाम को कसर अल वतन महल में राजकीय यात्रा पर आए ट्रंप की मेजबानी करेंगे.



