शिवमोगा/चंडीगढ़. कर्नाटक के शिवमोगा में इस सप्ताह की शुरुआत में गिरफ्तार किये गये इस्लामिक स्टेट (आईएस) से प्रेरित संदिग्ध आतंकवादी देश में खलीफा शासन की स्थापना और शरिया कानून लागू करना चाहते थे क्योंकि उनका मानना था कि भारत ने अभी तक अपनी स्वतंत्रता हासिल नहीं की है. एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. शिवमोगा के पुलिस अधीक्षक बी. एम. लक्ष्मी प्रसाद ने कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति देश में इन विचारों को पूरा करने की दिशा में काम कर रहे थे.
पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘उनकी (आरोपियों की) विचारधारा थी कि भारत ने अभी तक अपनी आजादी हासिल नहीं की है और देश को जो आजादी मिली है वह ब्रिटिश शासन से है. असली आजादी तब मिलेगी जब खलीफा शासन और उसके बाद शरिया कानून लागू होगा.’’ उनके अनुसार इंजीनियर सैयद यासीन (21), इंजीनियंिरग के छात्र माजÞ मुनीर अहमद (22) और शरीक (24) के खिलाफ 19 सितंबर को भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था.
शरीक फरार है जबकि अन्य दो को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि संदिग्ध आतंकवादी आईएस द्वारा अपनाई गई विचारधारा को मानते हैं. पुलिस ने 15 अगस्त को एक युवक को चाकू मारने के आरोप में जिले में हिंसा के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था. उन्होंने कहा कि उससे पूछताछ में आईएस के इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) शिवमोगा पुलिस के साथ इस मामले की जांच कर रही है.
पंजाब पुलिस ने आईएसआई सर्मिथत आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, दो गिरफ्तार
पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को कनाडा के गैंगस्टर लखबीर सिंह उर्फ लांडा और पाकिस्तान के गैंगस्टर हरंिवदर सिंह ंिरडा द्वारा संयुक्त रूप से संचालित पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई सर्मिथत एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा किया है.
पंजाब पुलिस के एक बयान में कहा गया है कि लखबीर सिंह को हरंिवदर सिंह का करीबी माना जाता है, जिसने बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के साथ हाथ मिलाया था और दोनों के आईएसआई के साथ घनिष्ठ संबंध हैं. लखबीर सिंह ने मई में मोहाली में पंजाब पुलिस खुफिया मुख्यालय पर रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) से हमले की साजिश रचने में अहम भूमिका निभाई थी और अमृतसर में सब इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह की कार के नीचे एक आईईडी भी लगाया था.
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान जोगेवाल गांव के बलजीत सिंह मल्ही (25) और फिरोजपुर के बुह गुजरां गांव के गुरबख्श सिंह उर्फ गोरा संधू के रूप में हुई है. पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने कहा कि अतिरिक्त महानिरीक्षक (काउंटर इंटेलिजेंस), जालंधर, नवजोत सिंह महल के नेतृत्व में पुलिस की कई टीम ने दोनों को गिरफ्तार किया और गुरुबख्श सिंह के बयान पर उसके गांव से एक एके-56 राइफल के साथ दो मैगजीन, 90 कारतूस और दो गोली जब्त की.