इजराइल ने लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी संगठन के रूप में सूचीबद्ध करने की घोषणा दोहराई

यरूशलम. इजराइल ने 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों की 15वीं बरसी से पहले पाकिस्तान से संचालित लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी संगठन घोषित करने का अपना फैसला मंगलवार को दोहराया. मुंबई में 26 नवंबर 2008 को कई जगहों पर हुए आतंकी हमलों में 166 लोग मारे गए थे जिनमें कुछ इजराइली नागरिक भी शामिल थे.

इजराइल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लियोर हैयात ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”हां, मैं इसकी पुष्टि कर सकता हूं. यह नई बात नहीं हैं और दरअसल यह 2013 से है. इसे हाल में एक प्रशासनिक चूक की वजह से दोबारा प्रकाशित कर दिया गया था लेकिन यह कोई नई बात नहीं है.” इससे पहले भारत में इजराइल के दूतावास ने आज एक बयान जारी कर कहा था, ”मुंबई आतंकी हमलों की 15वीं बरसी पर इजराइल ने लश्कर-ए-तैयबा को आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया है.” कुछ सप्ताह पहले ही इजराइल ने कहा था कि समय आ गया है जब भारत को हमास को आतंकी संगठन घोषित कर देना चाहिए.

हमास ने सात अक्टूबर को इजराइली क्षेत्रों पर जमीनी, समुद्री और हवाई मार्गों से हमले कर दिए थे जिनमें 1200 से अधिक लोग मारे गए थे. कुछ इसी तरह दक्षिण मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को पाकिस्तान से समुद्री मार्ग से आए 10 आतंकवादियों ने यहूदियों के केंद्र चाबाड हाउस समेत कई जगहों पर हमला कर दिया था और अंधाधुंध गोलीबारी कर 18 सुरक्षार्किमयों समेत 166 लोगों की जान ले ली थी. इन हमलों में चाबाड हाउस के नाम से मशहूर नरीमन हाउस में छह यहूदी मारे गए थे.

बयान में कहा गया, ”भारत सरकार ने हमसे ऐसा करने का अनुरोध नहीं किया था, लेकिन इजराइल ने सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं और लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी संगठनों की इजराइल की सूची में शामिल करने के लिए सभी जरूरी नियमों का पालन किया है.”

विज्ञप्ति के अनुसार, ”इजराइल केवल उन आतंकी संगठनों को सूचीबद्ध करता है जो उसकी सीमाओं के भीतर या उसके आसपास या उसी तरह सक्रियता से गतिविधियां चला रहे हैं जिस तरह भारत में चलाते हैं जिन्हें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद या अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा वैश्विक रूप से सूचीबद्ध किया गया है. वहीं, इजरायल के रक्षा और विदेश मंत्रालयों ने संयुक्त रूप से पिछले कुछ महीनों में इस तिथि पर लश्कर-ए-तैयबा संगठन को त्वरित और असाधारण तरीके से सूचीबद्ध करने की दिशा में काम किया है. ताकि आतंकवाद से लड़ने में एक एकीकृत वैश्विक मोर्चे के महत्व को रेखांकित किया जा सके.”

बयान में कहा गया है, ”लश्कर-ए-तैयबा एक घातक और निंदनीय आतंकवादी संगठन है जो सैकड़ों भारतीयों एवं अन्य लोगों की हत्या के लिए जिम्मेदार है. 26 नवंबर, 2008 को किए गए उसके जघन्य कृत्य आज भी शांति चाहने वाले सभी देशों और समाजों को पीड़ा पहुंचा रहे हैं.” उसने कहा, ”मुंबई हमलों में आतंकवाद के शिकार इजराइली समेत सभी लोगों, जीवित बचे लोगों और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहन संवेदनाएं.” बयान के अनुसार, ”हम एक बेहतर शांतिपूर्ण भविष्य की उम्मीद में आपके साथ एकजुट खड़े हैं.” इजराइल के नेता और अधिकारी बार-बार इस जघन्य हमले को अंजाम देने वालों को ‘न्याय के कठघरे’ में लाये जाने की बात करते रहे हैं.

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