सैनिकों की गोलीबारी में इजराइली बंधकों की मौत, इजराइल पर बढ़ा संघर्ष विराम का दबाव

दीर अल-बलाह. गाजा पट्टी में इजराइली सैनिकों द्वारा गलती से तीन इजराइली बंधकों को गोली मारने की घटना के बाद इजराइल में सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए हैं जबकि सहयोगी यूरोपीय देश उससे संघर्ष विराम की अपील कर रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान सरकार से अपील की गई कि वह बंधकों को रिहा कराने के लिए एक बार फिर गाजा पर शासन कर रहे हमास से वार्ता करे. इजराइल ने जबकि हमास को खत्म करने का संकल्प लिया है.

अगले सप्ताह अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन इजराइल की यात्रा करेंगे और इस दौरान इजराइली सरकार पर गाजा में अपने अभियानों को धीमा करने का दबाव पड़ सकता है. इजराइली सेना के अधिकारियों ने शनिवार को कहा था कि गाजा सिटी के शिजइया इलाके में इजराइली सैनिकों ने गलती से तीन बंधकों को गोली मार दी थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी. सभी की आयु 20 वर्ष के आसपास थी. इस बीच, रविवार को इजराइल में फ्रांस की विदेश मंत्री कैथरीन कोलोना ने “तत्काल संघर्ष विराम” की अपील की.

उन्होंने कहा कि इसका मकसद बंधकों की रिहाई, गाजा में मदद भेजना और “राजनीतिक समाधान की शुरुआत” की ओर बढ़ना होना चाहिए. ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड कैमरन और जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक ने ब्रिटेन के ‘संडे टाइम्स’ में लिखा, “अगर इजराइल इस युद्ध में फलस्तीनियों के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की संभावना को नष्ट कर देता है, तो वह इस युद्ध को नहीं जीत पाएगा.”

इससे पहले शनिवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने तेल अवीव में रक्षा मंत्रालय के बाहर तंबू लगा दिए और कहा कि वे तब तक यहीं रहेंगे जब तक सरकार बंधकों की रिहाई को लेकर हमास से वार्ता शुरू नहीं करती. इससे पहले हुई बंधकों की रिहाई में रिहा हुए रज बेन-अमी ने कहा, “बंधक नरक का सामना कर रहे हैं. इजराइल को एक और बंधक-मुक्ति समझौते की पेशकश करनी चाहिए.” हमास ने कहा है कि युद्ध समाप्त होने तक किसी भी बंधक को रिहा नहीं किया जाएगा.

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