इसरो में 100 स्टार्ट-अप पंजीकृत हुए: एस सोमनाथ

बेंगलुरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस सोमनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि संगठन के साथ करीब 100 स्टार्ट-अप पंजीकृत हुए हैं और वे अंतरिक्ष से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं. ‘आर एंड डी आॅफ इंडिया – इनोवेशन फॉर ग्लोबल इम्पैक्ट’ पर बेंगलुरु टेक सम्मेलन 2022 के पूर्ण अधिवेशन को यहां बृहस्पतिवार को संबोधित करते हुए सोमनाथ ने कहा कि इसरो ने मिलकर काम करने के लिए कंपनियों के साथ समझौते किए हैं जिनका अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और निर्माण प्रक्रिया में शुरू से अंत तक का कुछ तजुर्बा है.

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में कंपनियां अंतरिक्ष क्षेत्र में अहम स्थान हासिल करने की क्षमता रखती हैं और इसरो सुविधा प्रदाता की भूमिका निभा रहा है तथा प्रौद्योगिकियों के निर्माण में मदद कर रहा है. इसरो प्रमुख ने कहा कि 100 स्टार्ट-अप में से कम से कम 10 स्टार्ट-अप उपग्रह और रॉकेट विकसित करने पर काम कर रहे हैं.

सोमनाथ ने घोषणा की कि चंद्रयान-3 मिशन कुछ महीनों में अंतरिक्ष की कक्षा में होगा और इसरो अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के साथ मिलकर काम कर रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि रॉकेट में इस्तेमाल किया गया कंप्यूटर भारत में बना है.

अपनी प्रस्तुति में, उन्होंने कहा कि दुनियाभर में अंतरिक्ष पर्यटन ने जÞोर पकड़ा है और स्टार्ट-अप ने विभिन्न ‘ऐप्लिकेशंस’ में रुचि दिखाई है जो प्रतिदिन की गतिविधियों को प्रभावित करता है. उनके अनुसार, इसरो स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और स्मार्ट निर्माण प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

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