यह सोचना गलत है कि ‘मोदी इज इंडिया’, इंडिया इज नरेन्द्र मोदी’: कांग्रेस

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने राहुल गांधी के बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हमले के बाद बुधवार को पलटवार किया और कहा कि सत्तापक्ष की यह सोच गलत है कि ”नरेन्द्र मोदी भारत हैं और भारत नरेन्द्र मोदी है.” पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह दावा भी किया कि मौजूदा सरकार की विदेश नीति ‘सरेंडर नीति’ बन गई है.

भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में ”सरेंडर” (आत्मसर्मण) संबंधी टिप्पणी कर सशस्त्र बलों का अपमान करने का बुधवार को आरोप लगाया और कहा कि यह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को कमतर आंकने के समान है.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस नेता ने पड़ोसी देश के समर्थन में बोलने के मामले में पाकिस्तानी सेना प्रमुख, उसके प्रधानमंत्री और वहां के आतंकवादी सरगनाओं को भी पीछे छोड़ दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कटाक्ष एक ”बीमार और खतरनाक मानसिकता” को दर्शाते हैं.

खेड़ा ने संवाददाताओं से बातचीत में भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, ”भाजपा के लोग पिछले 11 साल से ‘मुकद्दर का सिकंदर’ फिल्म बना रहे थे, लेकिन जब फिल्म बनकर तैयार हुई तो वह निकली ‘नरेंदर का सरेंडर’.” उन्होंने दावा किया, ”बहादुरी का कोई इंजेक्शन नहीं होता, बल्कि वह इंसान के चरित्र में होती है. भाजपा-आरएसएस के लोगों का इतिहास ही कायरता का रहा है. जब ऐसा व्यक्ति देश की बागडोर संभालता है तो देश का भविष्य खतरे में आ जाता है, जो हम वर्तमान में देख भी रहे हैं.”

खेड़ा ने कहा, ”जब बहादुर भारतीय सेना ने पाकिस्तान की गर्दन दबोच रखी थी, तभी ट्रंप का एक फोन आया और नरेन्द्र मोदी ‘सरेंडर’ कर गए. ट्रंप ने कई बार कहा कि हमने व्यापार की धमकी देकर सीजफायर कराया, लेकिन नरेंद्र मोदी ने आज तक ट्रंप का जवाब नहीं दिया. ये जवाब देंगे भी नहीं, क्योंकि ‘नाम नरेन्द्र, काम सरेंडर’, यह असलियत है.” उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा, ”जो लोग कह रहे हैं कि नरेन्द्र मोदी के सरेंडर का मतलब है, भारत का सरेंडर करना… वो ठीक से समझ लें, यह देश 140 करोड़ लोगों का है, ये सबका उतना ही है, जितना नरेन्द्र मोदी का है.

खेड़ा ने कहा, ”यह सोच गलत है कि ‘मोदी इज इंडिया’, इंडिया इज नरेन्द्र मोदी’ (नरेन्द्र मोदी भारत हैं और भारत नरेन्द्र मोदी है)” उन्होंने कहा, ”हम पिछले एक महीने से पूछ रहे हैं कि देश के आत्मसम्मान के साथ यह सौदा क्यों हुआ, संघर्षविराम आखिर किन शर्तों पर किया गया और हाफिज सईद, अजहर मसूद जैसे आतंकी कहां हैं?” लेकिन हमें पिछले एक महीने से जवाबों की जगह सिर्फ सस्ते डायलॉग सुनने को मिल रहे हैं.” काग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह देश और सेना मजबूत हैं, लेकिन प्रधानमंत्री और उनकी सरकार ”कायर” हैं. खेड़ा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के 11 साल के कार्यकाल में हर बार उनका ‘सरेंडर’ ही देखने को मिला है.

उन्होंने कहा, ”वह कहते थे कि काला धन लाएंगे, बेरोजगारी हटाएंगे, किसानों की आमदनी दोगुनी कर देंगे, चीन को लाल आंखें दिखाएंगे, लेकिन सरेंडर कर बैठे. चीन के नाम पर ऐसा हाल हो जाता है कि मुंह खोलते ही क्लीनचिट दे देते हैं. चीन का नाम ले नहीं पाते और पूर्वोत्तर के लोगों के रंग -रूप का मजाक उड़ाते हैं, गणेश जी का अपमान करते हैं.” उन्होंने कहा, ”हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र बनें, सरेंडर न करें.”

अमेरिका के कदमों से भारतीय छात्र प्रभावित, प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री पूरी तरह चुप: कांग्रेस

कांग्रेस ने बुधवार को दावा किया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों के कारण बड़ी संख्या में भारतीय छात्र प्रभावित हुए हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं विदेश मंत्री एस जयशंकर इस मामले में ”पूरी तरह चुप” हैं जो आश्चर्य की बात नहीं हैं.

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2024 में लगभग 3,37,630 भारतीय छात्र उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए. अमेरिकी शैक्षणिक परिसरों में लगभग एक तिहाई विदेशी छात्र भारत से हैं.” उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि लगभग साढ.े तीन लाख भारतीय परिवारों ने अपने बच्चों की शिक्षा के लिए अपनी मेहनत की कमाई अमेरिका में निवेश की या इसके लिए उधार लिया.

रमेश ने कहा कि अमेरिका गए छात्र अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे हैं तथा 2025 में वहां जाने की योजना बना रहे बड़ी संख्या में छात्रों की आकांक्षाएं शायद कभी पूरी न हो पाएं. उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिये हैं. चीनी छात्रों को लेकर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है लेकिन यह आश्चर्य की बात नहीं है कि हमारे प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री पूरी तरह से चुप हैं.” रमेश ने कहा, ”वे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को केवल चार दिनों के बाद बंद करने के राष्ट्रपति ट्रंप के दावों पर पूरी तरह से चुप हैं और उन्होंने इस बात पर चिंता का एक शब्द भी नहीं कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यों से भारतीय छात्रों और उनके परिवारों पर कितना बुरा प्रभाव पड़ रहा है.”

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