‘जय अनुसंधान’ मंत्र आत्मनिर्भर भारत तथा आर्थिक विकास का आधार बनेगा : प्रधान

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 24 Aug 2022 07:58 PM
‘जय अनुसंधान’ मंत्र आत्मनिर्भर भारत तथा आर्थिक विकास का आधार बनेगा : प्रधान
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नयी दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जय अनुसंधान’ के मंत्र को रेखांकित करते हुए बुधवार को कहा कि यह भारत को आत्मनिर्भर बनाने तथा आने वाले दशक एवं उसके बाद भी देश के आर्थिक विकास का आधार बनेगा.

आॅस्ट्रेलिया की यात्रा पर गए प्रधान ने उच्च शिक्षा, शोध और कौशल विकास को गति प्रदान करने के उद्देश्य से आॅस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों को भारत में परिसर स्थापित करने के लिये आमंत्रित किया है . उन्होंने कहा कि इससे न केवल दोनों देशों को लाभ होगा बल्कि लोगों के बीच सम्पर्क भी मजबूत बनेगा.

शिक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, प्रधान ने आॅस्ट्रेलिया-भारत चैम्बर और मोनाश विश्वविद्यालय द्वारा ‘‘ शिक्षा, शोध एवं कौशल क्षेत्र में गठजोड़ के उभरते अवसर’ विषय पर आयोजित परिचर्चा में हिस्सा लिया . उन्होंने आॅस्ट्रेलिया के शीर्ष ‘ग्रुप आॅफ 8’ विश्वविद्यालयों के अकादमिक नेतृत्व के साथ भी चर्चा की. उन्होंने उच्च शिक्षा, शोध और कौशल को गति प्रदान करने के उद्देश्य से आॅस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों को भारत में परिसर स्थापित करने के लिये आमंत्रित किया.

प्रधान ने कहा, ‘‘ मैं एक बार फिर से आॅस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा, शोध एवं कौशल विकास के लिये भारत में अपने परिसर स्थापित करने का निमंत्रण देता हूं. इससे दोनों देशों को फायदा होगा, साथ ही लोगों के बीच सम्पर्क भी मजबूत होगा. ’’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साक्ष्य आधारित शोध तथा ‘लैब टू लैंड’ और ‘लैंड टू लैब’ के मंत्र को दोहराया और कहा कि यह मानवता के कल्याण एवं प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है.

शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री ने कहा कि भारत सभी स्तरों पर उत्सुकता आधारित शोध एवं नवाचार की व्यवस्था बनाने की दिशा में सघन प्रयास कर रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 76वें स्वतंत्रता दिवस भाषण में ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान’ के नारे में ‘जय अनुसंधान’ को जोड़ा था.

प्रधान ने कहा, ‘‘ ये बेहद महत्वपूर्ण होगा और आने वाले दशक एवं उसके बाद भी भारत के आर्थिक विकास का आधार बनेगा.’’ उन्होंने कहा कि इस दशक को भारत का ‘टेकेड’ यानी प्रौद्योगिकी शिक्षा दशक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपने हर संसाधन जुटाने का निश्चय किया गया है.

उन्होंने कहा कि भारत के साथ अनुसंधान सहयोग को मजबूत करना सभी के लिए फायदे का सौदा है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत में डिजिटल विश्वविद्यालय और गति शक्ति विश्वविद्यालय स्थापित किये जा रहे हैं, जिसके लिए दोनों देश पाठ्यक्रम और अन्य पहलुओं को मिलकर विकसित कर सकते हैं.

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