
जम्मू/लखनऊ. जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में एक बस पर हुए हमले के लिए जिम्मेदार तीन विदेशी आतंकवादियों को पकड़ने के लिए व्यापक अभियान जारी है. घटना की जांच में शामिल अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. ये तीनों विदेशी आतंकवादी संभवत: लश्कर-ए-तैयबा के हैं. रविवार को हुए इस हमले में दो वर्षीय एक बच्चे सहित नौ लोगों की मौत हो गई और 41 अन्य घायल हैं.
हमले में घायल लोगों के बयानों के आधार पर अधिकारियों ने इस संभावना से इनकार नहीं किया है कि मौके पर एक चौथा व्यक्ति भी मौजूद था जिसने तीनों आतंकवादियों की मदद की. आतंकवादियों ने बस पर उस वक्त गोलीबारी की, जब यह शिव खोड़ी मंदिर से कटरा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर जा रही थी. हमले के चलते बस रियासी के पोनी इलाके में तेरयाथ गांव के निकट सड़क से फिसल कर गहरी खाई में गिर गई. बस में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के तीर्थयात्री सवार थे.
हमले के बाद, पुलिस, सेना, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने एक संयुक्त जांच अभियान शुरू किया. अधिकारियों ने बताया कि हमले में जीवित बचे यात्री अपने बयान दर्ज करा रहे हैं जबकि इस कृत्य को अंजाम देने वालों का पता लगाने के लिए खोजबीन अभियान जारी है.
प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध समूह ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने शुरूआत में हमले की जिम्मेदारी ली थी लेकिन अपने बयान को बाद में वापस ले लिया. हमले में जान गंवाने वालों में राजस्थान का टीटू साहनी (2) और उसकी मां पूजा भी हैं. वे हमले में जान गंवाने वाले राज्य के चार लोगों में शामिल हैं. मृतकों में तीन उत्तर प्रदेश से हैं. मृतकों में शामिल बस के चालक और संवाहक, दोनों रियासी से थे. अधिकारियों ने कहा कि हमले में नौ में से पांच लोगों को गोली लगी थी.
उन्होंने बताया कि हमले में 41 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 10 को गोली लगी है. घायलों में से कुछ का जम्मू और रियासी जिलों के अस्पतालों में इलाज चल रहा है. सुरक्षा बलों को संदेह है कि आतंकवादी राजौरी और रियासी के पर्वतीय इलाकों में छिपे हुए हैं और उन्होंने क्षेत्र में खोजबीन अभियान तेज कर दिया है.
रियासी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहित शर्मा ने कहा, ”इलाके में तलाश अभियान शुरू किया गया है.” जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अस्पतालों में भर्ती घायल यात्रियों से सोमवार को मुलाकात की और कहा कि यह आतंकी हमला जम्मू क्षेत्र में अशांति फैलाने की नापाक साजिश का हिस्सा है.
पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए प्रशासन ने प्रत्येक मृतक के परिजन को 10 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि मंजूर की है. सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह को स्थिति की जानकारी दी गई है. वहीं, अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने आतंकवादी हमले की निंदा की और कहा कि वह मानवता के खिलाफ सभी प्रकार की हिंसा की निंदा करता है और करता रहेगा.
इस बीच, कटरा, डोडा शहर और कठुआ जिले सहित पूरे जम्मू क्षेत्र में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन हुए. प्रदर्शन में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की गई. प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान पर जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को प्रायोजित करने का आरोप लगाते हुए पड़ोसी देश के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
जम्मू-कश्मीर बस हमला: उत्तर प्रदेश के दो लोगों की मौत, 22 घायल
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर रविवार देर शाम हुए आतंकवादी हमले में जान गंवाने वालों में उत्तर प्रदेश के दो लोग शामिल हैं. इसके अलावा, तीन जिलों के 22 अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी.
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार शाम कहा कि मृतकों के शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाने और घायलों के बेहतर उपचार के लिए सरकार कदम उठाये और सभी हताहतों को उचित मुआवजा दे. बलरामपुर के जिलाधिकारी (डीएम) अरविंद सिंह ने बताया कि जिले के श्रद्धालुओं का 12 लोगों का एक जत्था वैष्णो देवी दर्शन करने के लिए गया था जिसमें बलरामपुर तहसील के आठ और उतरौला तहसील के चार श्रद्धालु शामिल थे.
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में रविवार को आतंकवादियों ने तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर गोलीबारी की, जिसमें नौ लोग मारे गए और 41 घायल हो गए. लगभग 53 सीट वाली बस शिव खोड़ी मंदिर से कटरा जा रही थी, तभी गोलीबारी की वजह से बस सड़क से उतर गई और पोनी क्षेत्र के तेरयथ गांव के पास गहरी खाई में जा गिरी.
सिंह ने बताया कि मरने वालों में बलरामपुर जिले के कंधभरी गांव निवासी किशोरी रूबी (15) और अनुराग वर्मा (10) शामिल हैं जबकि घायलों में जिले के 10 लोग शामिल हैं, जिन्हें जम्मू के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही रात में ही उतरौला एवं बलरामपुर के उप जिलाधिकारियों को घायलों के परिजनों से संपर्क कर सहायता पहुंचाने के निर्देश दे दिए गए.
इससे पहले गोंडा की जिलाधिकारी (डीएम) नेहा शर्मा ने बताया कि हमले में घायल लोगों में गोंडा जिले के आठ श्रद्धालु भी शामिल हैं.
राहत एवं बचाव दल ने सभी को बचाकर अस्पतालों में भर्ती करा दिया है. डीएम ने कहा कि उन्होंने जीवित बचे लोगों के परिवार के सदस्यों से बात की है और उन्हें प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.
डीएम ने कहा, ”हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. कुछ घायलों को गोली लगी है, जबकि कई लोग बस के खाई में गिरने से गंभीर रूप से घायल हुए हैं कुछ को सर्जरी करानी पड़ी है. पीड़ितों की मदद के लिए जिले से एक मजिस्ट्रेट और एक पुलिस उपाधीक्षक रैंक के अधिकारी को आज ही जम्मू भेजा जा रहा है.” गोंडा जिले के छपिया थाना क्षेत्र के भिखारीपुर गांव के रहने वाले सूर्यनाथ गुप्ता ने बताया कि उनके परिवार के आठ सदस्य मां वैष्णो देवी का दर्शन करने के लिए गत चार जून को जम्मू गए थे.
उन्होंने बताया कि घायलों में उनके परिवार के भी आठ सदस्य देवी प्रसाद गुप्ता, नीलम गुप्ता, राजेश कुमार गुप्ता, बिट्टन गुप्ता, दीपक कुमार गुप्ता, दिनेश गुप्ता, पलक गुप्ता, प्रिंस गुप्ता शामिल हैं. गुप्ता ने बताया कि इनमें दिनेश का कटरा स्थित सरकारी अस्पताल में और बाकी परिजनों को जम्मू के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
सूर्यनाथ ने अपनी बहू नीलम गुप्ता के हवाले से बताया कि शिवखोड़ी से लौटते समय रास्ते में बस पर अचानक गोलीबारी होने लगी, जिसके परिणामस्वरूप बस अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई. एक अधिकारी ने बताया कि गोरखपुर से 17 लोग तीर्थयात्रा पर निकले थे, जिनमें से इस हमले में चार घायल हो गए. अधिकारी ने बताया कि घायलों में दो पुर्दिलपुर काली मंदिर गली के निवासी हैं, जबकि अन्य दो कुड़ाघाट क्षेत्र के भैरोपुर के हैं.
गोरखपुर में आपदा प्रबंधन कार्यालय के जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने बताया कि घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. अधिकारियों को रविवार रात को आतंकवादी हमले में गोरखपुर के लोगों के घायल होने की जानकारी मिली और उन्होंने तुरंत उनके परिवारों से संपर्क कर उन्हें सहायता प्रदान की. घायल तीर्थयात्रियों की पहचान गायत्री देवी, राजेश, रुकसोना देवी और सोनी देवी के रूप में हुई है.
इससे पहले पुलिस उपायुक्त (रियासी) विशेष पाल महाजन ने बताया कि बस के चालक और परिचालक समेत सभी नौ मृतकों की पहचान कर ली गयी. उन्होंने बताया कि बस चालक विजय कुमार दसानू राजबाग का रहने वाला था जबकि परिचालक अरुण कुमार कटरा के कान्देरा गांव का रहने वाला था. दोनों ही रियासी जिले के रहने वाले थे.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले अन्य लोगों में राजेंद्र प्रसाद पांडे साहनी, ममता साहनी, पूजा साहनी और उसका दो वर्षीय बेटा टीटू साहनी शामिल हैं, चारों राजस्थान के जयपुर के रहने वाले थे. उन्होंने बताया कि हमले में मारे गए तीन अन्य लोग शिवम गुप्ता, रूबी और 14 वर्षीय अनुराग वर्मा उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे. महाजन ने बताया कि जिला प्रशासन शवों को उनके संबंधित राज्यों में भेज रहा है. उन्होंने बताया कि हमले में तीन से 50 वर्ष की आयु के 41 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 10 को गोली लगी है और सर्जरी के बाद उनकी हालत स्थिर है. अधिकारियों ने बताया कि घायलों में 34 उत्तर प्रदेश, पांच दिल्ली और दो राजस्थान के रहने वाले हैं.
समाजवादी पार्टी के मुख्यालय से जारी एक बयान में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने जम्मू कश्मीर में तीर्थयात्रियों पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, ”देश में राजनीतिक रूप से अति संवेदनशील समय है. सुरक्षा-प्रबंधन की लापरवाही की वजह से हुए आतंकी हमले में लोगों के मारे जाने की खबर दुखद भी है और घोर निंदनीय भी.” यादव ने कहा, ”मृतकों में अधिकांश उत्तर प्रदेश के हैं और बस के खाई में गिरने की वजह से कई लोग घायल भी हैं. मृतकों के शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाने और घायलों को बेहतर उपचार देने के लिए सरकार कदम उठाये और सभी हताहतों को उचित मुआवजा दिया जाए.”



