जम्मू कश्मीर ने अनुच्छेद 370 हटने के बाद हुए बदलावों को स्वीकार कर लिया है: शाह

जी20 की सफल बैठक ने कश्मीर में शांति कायम रहने की बात साबित की: अमित शाह

श्रीनगर. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को यहां कहा कि जम्मू कश्मीर ने अगस्त 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के बाद हुए बदलावों को स्वीकार कर लिया है. उन्होंने कहा कि जो लोग केवल पिछले 40 वर्ष में कश्मीर के इतिहास के बारे में जानते हैं वे इसे एक विवादित क्षेत्र मानते हैं.

शाह ने यहां ”वितस्ता सांस्कृतिक महोत्सव” को संबोधित करते हुए कहा, ”जम्मू-कश्मीर ने अनुच्छेद 370 हटने के बाद हुए बदलावों को स्वीकार कर लिया है.” उन्होंने कहा, ”कुछ लोग जो कश्मीर के पिछले 30-40 वर्ष के इतिहास को जानते हैं, सोचते हैं कि यह एक विवादित क्षेत्र है. इसने पूर्व में कई संघर्ष देखे हैं. वही कश्मीर वितस्ता का जश्न मना रहा है.” शाह ने कहा कि इस कार्यक्रम में बाहर से 150 और जम्मू कश्मीर से 1,500 कलाकार भाग ले रहे हैं. उन्होंने कहा, ”सांस्कृतिक आदान-प्रदान होगा.” गृह मंत्री ने कहा कि जो लोग कश्मीर में बंदूकें लेकर आये, वे यहां के लोगों के शुभचिंतक नहीं हैं.

जी20 की सफल बैठक ने कश्मीर में शांति कायम रहने की बात साबित की: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में अब हालात शांतिपूर्ण हैं और श्रीनगर में जी20 बैठक के सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया है. कश्मीर घाटी में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास करने के बाद शाह ने कहा कि पहले विकास का पैसा चंद लोगों की जेब में जाता था, लेकिन अब विकास का लाभ उन सभी लोगों को मिल रहा है, जो इसके हकदार हैं.

उन्होंने कहा कि जब श्रीनगर में जी20 की बैठक करने का फैसला किया गया, तब कई लोगों ने विभिन्न टिप्पणियां कीं और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती समेत कुछ लोगों ने कई अनुमान जताये. शाह ने कहा, ”लेकिन ये सभी अनुमान गलत साबित हुए क्योंकि श्रीनगर में जी20 की बैठक सफलतापूर्वक आयोजित हुई.” उन्होंने इसके लिए उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व वाले जम्मू कश्मीर प्रशासन की सराहना की.

शाह ने यह भी कहा कि जी20 बैठक के सफल आयोजन से कश्मीर में पर्यटन उद्योग को बढ.ावा मिलेगा. गृह मंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकारों में गरीबों और किसानों को भेजा जाने वाला धन कुछ लोगों की जेब में जाता था. उन्होंने कहा, ”जम्मू कश्मीर के कई लोगों के पास विदेश में बड़े घर हैं और कई लोग विदेश में 45-60 दिन की छुट्टी बिताने जाते थे. यह पैसा कहां से आया? यह गरीबों का पैसा था.” उन्होंने कहा कि अब विकास का धन ‘प्रत्यक्ष लाभ अंतरण’ (डीबीटी) के जरिये वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच रहा है. केंद्रीय गृह मंत्री ने लोगों से आगे आने और विकास की राह पर चलने के लिए एकजुट होने की तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शांतिपूर्ण और समृद्ध जम्मू-कश्मीर के सपने को पूरा करने की भी अपील की.

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