
इंदौर. पुलिस जांच में सुराग मिले हैं कि इंदौर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में रैगिंग के दौरान कुछ वरिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा कनिष्ठ छात्रों को कथित रूप से अश्लील कार्य करने को भी कहा जाता था और उसने मामले के 10 आरोपियों की पहचान कर ली है. पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
संयोगितागंज पुलिस थाने के प्रभारी तहजीब काजी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि विस्तृत जांच में इस आरोप के समर्थन में सुराग मिले हैं कि रैगिंग के दौरान कुछ वरिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा कनिष्ठ छात्रों को अलग-अलग फरमान सुनाने के अलावा अश्लील कार्य करने को भी कहा जाता था.
उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने कथित रैगिंग के नाम पर अलग-अलग तरीकों से कनिष्ठ छात्रों को परेशान करने के आरोपी 10 वरिष्ठ विद्यार्थियों की पहचान की है जिनमें से कुछ लोग अभी इंदौर से बाहर हैं और अभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है.
थाना प्रभारी ने बताया,”हमने रैंिगग के मामले में 15 दिसंबर तक अदालत में आरोप पत्र पेश करने का लक्ष्य तय किया है.”
उन्होंने बताया कि एक पीड़ित छात्र द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की हेल्पलाइन पर की गई शिकायत के बाद हरकत में आए महाविद्यालय प्रबंधन ने अज्ञात वरिष्ठ विद्यार्थियों के खिलाफ 24 जुलाई की देर रात आपराधिक मामला दर्ज कराया था.
उधर, चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. संजय दीक्षित ने बताया,”पुलिस ने हमें अब तक रैगिंग के आरोपी वरिष्ठ विद्यार्थियों की सूची नहीं सौंपी है. जैसे ही हमें यह सूची मिलेगी, हम संबंधित विद्यार्थियों पर अपने स्तर पर कार्रवाई करेंगे.” गौरतलब है कि रैगिंग का मामला सामने आने के बाद चिकित्सा महाविद्यालय के डीन ने दावा किया था कि यह घटना महाविद्यालय और इसके छात्रावास के परिसरों के बाहर की है.



