कर्नाटक दुर्घटना: ”ट्रक को आता देख बस को नियंत्रित करने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहा”- बस चालक

चित्रदुर्ग/नयी दिल्ली. कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में बुधवार देर रात एक ट्रक के बस से टकराने की घटना के संबंध में बस चालक ने बताया कि विपरीत दिशा से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक को देखकर उसने अपने वाहन को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुधवार देर रात लगभग दो बजे हिरियूर के निकट एक तेज रफ्तार कंटेनर ट्रक ने एक निजी बस को टक्कर मार दी, जिससे बस में आग लग गई और कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई. इस दुर्घटना में बस चालक रफीक घायल हो गया जिसका इलाज किया जा रहा है.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”ट्रक डिवाइडर को पार कर सामने से आ रही बस से टकरा गया. ट्रक की रफ्तार बहुत तेज थी. उस समय मैं 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बस चला रहा था. मैंने सामने से वाहन को आ

ते देखा. मुझे केवल इतना याद है कि ट्रक बस से टकराया, उसके बाद क्या हुआ और मुझे कैसे बाहर निकाला गया, यह मुझे नहीं पता.” रफीक ने कहा, ”सामने से वाहन को आते देख मैंने बस को नियंत्रित करने की कोशिश की. मेरी बस बगल से जा रहे एक अन्य वाहन से भी छू गई थी. मुझे नहीं पता वह कौन सा वाहन था लेकिन मैं नियंत्रण नहीं कर सका.” बस के खलासी मोहम्मद सादिक को हादसे में मामूली चोट आई है और उनका भी इलाज किया जा रहा है. सादिक ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह बस से बाहर जा गिरे.

उन्होंने कहा, ”सामने से आ रहे ट्रक ने टक्कर मारी. मैं बस के अगले हिस्से में था और हादसे के समय सो रहा था. टक्कर के कारण बस का शीशा टूट गया और मैं बाहर जा गिरा.” पुलिस ने शुरू में प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए कहा था कि हादसे में नौ लोग मारे गए थे, लेकिन बाद में उन्होंने पुष्टि की कि केवल पांच लोगों की मौत हुई थी.

चश्मदीदों ने हादसे के बाद का मंजर बयां किया
कर्नाटक के चित्रदुर्ग में बुधवार देर रात को हुए बस हादसे में जीवित बचे व्यक्ति ने इस पूरे घटनाक्रम का आंखो देखा हाल सुनाते हुए कहा, ”पूरी बस में आग लग चुकी थी और दरवाजा खोला नहीं जा सकता था.” आदित्य ने अफरा-तफरी के उस दृश्य को याद किया जब आग की लपटों ने वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और दरवाजे नहीं खुल पा रहे थे. एक तेज रफ्तार ट्रक से टक्कर के बाद स्लीपर बस में आग लग जाने से कम से कम पांच लोगों की जान चली गई थी.

चश्मदीद ने बताया, ”टक्कर इतनी जोरदार थी कि मैं गिर पड़ा और कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैलने लगी, लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे.” दुर्घटना में बचे आदित्य ने यहां पत्रकारों को बताया, ”हमने शीशा तोड़ दिया और भागने की कोशिश की. उस वक्त लोग चीख रहे थे. कुछ लोगों ने दूसरों को बचाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैल रही थी, जिससे बचाव कार्य मुश्किल हो रहा था.” पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुधवार देर रात करीब दो बजे हिरियूर के पास एक तेज रफ्तार कंटेनर ट्रक ने एक निजी ‘लक्जरी स्लीपर’ बस को टक्कर मार दी, जिससे बस में आग लग गई और कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई.

बेंगलुरु से गोकर्ण जा रही बस में 32 लोग थे और कंटेनर ट्रक डिवाइडर को पार कर सामने से आ रही बस से टकरा गया. एक व्यक्ति ने खुद को घटना का प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा करते हुए बताया कि कैसे ट्रक चालक ने कथित तौर पर नियंत्रण खो दिया और बस को टक्कर मार दी.

उन्होंने कहा, ”ट्रक चालक ने नियंत्रण खो दिया, शायद नींद के कारण. विपरीत दिशा से दो बसें आ रही थीं. ट्रक ने एक बस को टक्कर मार दी (जिसमें आग लग गई), स्कूली बच्चों से भरी दूसरी बस तुरंत दूसरी तरफ मुड़ गई. अगर ऐसा नहीं होता तो उस बस में भी आग लग जाती.” प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि टैंकर से डीजल के रिसाव के कारण बस में आग लगी. उन्होंने कहा, ”अगर रिसाव नहीं होता तो आग नहीं लगती.” उन्होंने उस भावुक दृश्य को याद किया जिसमें महिला अपने बच्चे को बचाने के लिए जलती हुई बस में घुसने की कोशिश कर रही थी, जो अंदर फंसा हुआ था.

व्यक्ति ने बताया, ”बस से उतरने में कामयाब हुए एक दंपति अपने बच्चे को ढूंढ रहे थे. मां जलती हुई बस में घुसने की कोशिश कर रही थी और बच्चे के लिए चिल्ला रही थी. हमने उसे रोका और थोड़ा पानी दिया. बच्चा बच नहीं पाया.” स्कूली बच्चों को लेकर एक स्कूल बस बेंगलुरु से दांदेली जा रही थी. यह बस दुर्घटनाग्रस्त बस के पीछे चल रही थी. बस के चालक ने बताया कि ट्रक डिवाइडर को पार कर हमारी ओर सड़क पर आ गया था. उन्होंने कहा, ”वह दृश्य अब भी मेरी आंखों के सामने है, जिसे मैं भूल नहीं पा रहा हूं.” उन्होंने बताया, ”ट्रक ने बस के डीजल टैंक को सीधे टक्कर मार दी. इसलिए मैंने तुरंत अपनी बस की गति धीमी कर दी और उसे बाईं ओर मोड़ दिया… डीजल रिसाव के कारण उस बस में आग लग गई. लोगों के चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर हमने यथासंभव अधिक से अधिक लोगों को बचाने की कोशिश की.”

चालक ने दावा किया, ”मैंने खुद सात लोगों को बाहर निकाला और उनकी जान बचाई. फिर एक तरह का धमाका हुआ जिसके बाद मैं पास नहीं जा सका… एक मां अपने बच्चे के लिए जोर जोर से रो रही थी, लेकिन मैं कुछ नहीं कर सका.” उस समय घटनास्थल से गुजर रहे एक अन्य ट्रक के चालक ने बताया कि कैसे बस पूरी तरह से आग की चपेट में आ गई थी और लोग मदद के लिए चीख पुकार मचा रहे थे.

उन्होंने कहा, ”हादसा देर रात करीब दो बजकर पांच मिनट पर हुआ और हम कुछ ही मिनटों में यहां पहुंच गए. तब तक बस पूरी तरह आग की चपेट में आ चुकी थी. आग इतनी भीषण थी कि हम बस के पास नहीं जा सके. एक महिला और एक पुरुष अपने बच्चे के लिए रो रहे थे. कुछ अन्य लोग भी चिल्ला रहे थे. ट्रक चालक का शरीर बुरी तरह झुलस चुका था और हमने शव को बाहर निकाला.” एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने जलती हुई बस में फंसे यात्रियों द्वारा अपनी जान बचाने के लिए वाहन से कूदने के दृश्यों को बयां किया.
उन्होंने कहा, ”हमने कुछ लोगों को आग से धू-धू करती बस से कूदते देखा. चालक और खलासी बच गए… हमने लोगों को, खासकर बच्चे को, बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन हम नाकाम रहे.”

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मौत पर शोक जताया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के चित्रदुर्ग और तमिलनाडु के कुड्डालोर में सड़क हादसों में लोगों की मौत पर बृहस्पतिवार को शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की. चित्रदुर्ग जिले में बुधवार देर रात को एक तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से स्लीपर बस में आग लग गई, जिसमें कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और उनमें से अधिकतर जिंदा जल गए. पुलिस के मुताबिक बस में 30 यात्री सवार थे. तमिलनाडु में बुधवार को कुड्डालोर के पास एक सरकारी बस के विपरीत दिशा में मुड़ने और दो वाहनों से टकराने के बाद नौ लोगों की मौत हो गई.

मुर्मू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”कर्नाटक के चित्रदुर्ग में बस में आग लगने की घटना से मैं अत्यंत व्यथित हूं, जिसमें कई लोगों की जान चली गई. मेरी संवेदनाएं पीडि़त परिवारों के साथ हैं. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं.” उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने दोनों हादसों में हुई जानमाल की हानि पर दुख व्यक्त किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने भी चित्रदुर्ग में हुए सड़क हादसे में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की.
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में दुर्घटना में लोगों की मौत से गहरा दु?ख हुआ है. अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.” पोस्ट में कहा गया है, ”प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. हादसे में घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.”

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