
नयी दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पत्नी और पार्टी नेताओं के साथ रोहिणी के मंदिर में मंगलवार को आयोजित ‘सुंदरकांड’ पाठ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और भगवान राम से देश की प्रगति के लिये आशीर्वाद मांगा. दिल्ली की सभी 70 विधानसभाओं में आयोजित ‘सुंदरकांड’ पाठ में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों, पार्षदों और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय लोगों के साथ हिस्सा लिया.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सभी लोगों की खुशी, शांति और प्रगति के लिये आशीर्वाद मांगा है. रामचरितमानस के ‘सुंदरकांड’ पाठ के करीब डेढ़ घंटे के कार्यक्रम में केजरीवाल ने हिस्सा लिया और हवन किया. उन्होंने कहा, ”मैं भगवान राम और हनुमान से प्रार्थना करता हूं कि आपकी सभी इच्छाएं पूरी हों और वे आपको खुशी और समृद्धि का आशीर्वाद दें. साथ ही दिल्ली और देश की प्रगति और खुशी का आशीर्वाद दें.” ‘आप’ द्वारा दिल्ली में ‘सुंदरकांड’ पाठ का आयोजन कराने के फैसले की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन(एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा आलोचना किए जाने के बारे में पूछे जाने पर पार्टी ने कहा कि वह भगवान हनुमान से एआईएमआईएम अध्यक्ष के लिए भी प्रार्थना करेगी.
दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने चिराग दिल्ली में आयोजित ‘सुंदरकांड’ पाठ में हिस्सा लिया. भारद्वाज से ओवैसी की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ”मेरा मानना है कि ओवैसी को जवाब देने की जरूरत नहीं है. हम भगवान हनुमान से उनके लिये आशीर्वाद मांगेंगे और भगवान को उन्हें आशीर्वाद देना चाहिए.” इस बीच, ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने कहा कि उनकी पार्टी को किसी अन्य नेता से प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं है.
चड्ढा ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ओवैसी की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कहा, ”मैं ऐसी चीजों से दूर रहता हूं. मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि अरविंद केजरीवाल भगवान राम के बड़े भक्त हैं.” उन्होंने कहा, ”वह जब भी कुछ नया शुरू करते हैं, तो भगवान राम और हनुमान जी का आशीर्वाद लेते हैं. श्रवण कुमार की तरह उन्होंने हजारों बुजुर्गों को तीर्थयात्रा के लिए भेजा. मैं दूसरे नेताओं के बयान पर टिप्पणी करने की जरूरत महसूस नहीं करता. मुझे नहीं लगता कि हमें किसी अन्य नेता से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत है.”
हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ओवैसी ने संवाददाताओं से कहा था, ”आप (आम आदमी पार्टी) और भाजपा में तब क्या अंतर है? अब आप भाजपा और आरएसएस के एजेंडा का अनुकरण कर रहे हैं. वे कह रहे हैं कि हम दिल्ली में ‘सुंदरकांड पाठ’ का आयोजन करेंगे और हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे. उनमें और भाजपा में कोई अंतर नहीं है. अब वे भाजपा की विचारधारा का अनुसरण कर रहे हैं.”



