पन्ना बाघ अभयारण्य के लिए गंभीर खतरा है केन-बेतवा परियोजना: कांग्रेस

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास करने जा रहे हैं, वह मध्य प्रदेश के पन्ना बाघ अभयारण्य के लिए गंभीर खतरा है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “पर्यावरण और वन को लेकर अपनी ‘कथनी’ और ‘करनी’ में अंतर का प्रधानमंत्री आज एक और सबूत दे रहे हैं. वह जिस केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास करने जा रहे हैं, वह मध्य प्रदेश के पन्ना बाघ अभ्यारण्य के लिए गंभीर खतरा है.”

उन्होंने कहा, “पन्ना की कहानी अपने आप में अद्भुत है. 2009 की शुरुआत तक वहां बाघों की आबादी पूरी तरह से खत्म हो गई थी, लेकिन उसी वर्ष शुरू किए गए सबसे सफल बाघ पुनरुद्धार कार्यक्रम की बदौलत, 15 साल बाद, वर्तमान में पन्ना टाइगर रिजर्व में छोटे-बड़े मिलाकर 90 से अधिक बाघ हैं. ये पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं.” रमेश ने दावा किया कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से उस बाघ अभयारण्य का 10 प्रतिशत से अधिक मुख्य क्षेत्र जलमग्न हो जाएगा.

रमेश का कहना है, “न सिर्फ बाघों के आवास बल्कि गिद्ध जैसी अन्य प्रजातियां भी नष्ट हो जाएंगी. पारिस्थितिकी तंत्र दो भागों में बंट जाएगा. 23 लाख से ज़्यादा पेड़ काटे जाने हैं. निर्माण गतिविधियों के कारण गंभीर रूप से व्यवधान उत्पन्न होगा. तीन सीमेंट कारखानों की योजना बनाई जा रही है, जिनमें से एक पार्क के आसपास पहले ही चालू हो चुका है.” कांग्रेस नेता ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि यह सब तब किया जा रहा है, जब इतनी अधिक पारिस्थितिकी क्षति पहुंचाए बिना भी परियोजना (जैसे बांध को नदी के ऊपरी हिस्से में स्थानांतरित करना) को क्रियान्वित करने के विकल्प मौजूद हैं.

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