केरल : मलयालम सिनेमा में चार और अभिनेताओं पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए

लैंगिक भेदभाव पर अभिनेत्री पावर्ती ने कहा, सभी फिल्म उद्योग में एक 'कीड़ा' है

तिरुवनंतपुरम/मुंबई. न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में महिलाओं के उत्पीड़न के चौंकाने वाले खुलासों का सामना कर रहे मलयालम फिल्म उद्योग में सोमवार को उस समय और खलबली मच गयी, जब अन्य महिला कलाकार भी यौन उत्पीड़न के आरोपों के साथ सामने आईं. कुछ फिल्मों में नजर आ चुकीं अभिनेत्री मीनू मुनीर ने अभिनेता से विधायक बने एम. मुकेश, जयसूर्या, मणियांपिल्ला राजू और इदावेला बाबू के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाए. वहीं, एक अन्य प्रसिद्ध अभिनेत्री ने भी एक प्रसिद्ध फिल्म निर्माता पर कई साल पहले दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया. फिल्म निर्माता ने आरोपों से इनकार किया है.

मीनू मुनीर ने फेसबुक पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, ”मैं मलयालम फिल्म उद्योग में मुकेश, मणियांपिल्ला राजू, इदावेला बाबू, जयसूर्या, चंद्रशेखरन, ??प्रोडक्शन सहायक नोबल और विचू द्वारा मेरे साथ किए गए शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार की घटनाओं के बारे में (पुलिस को) बयान देने को तैयार हूं.” उन्होंने दावा किया, ”वर्ष 2013 में, एक फिल्म पर काम करते समय मुझे इन व्यक्तियों द्वारा शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा था.” मणियांपिल्ला राजू को छोड़कर किसी भी अभिनेता ने मुनीर के आरोपों का जवाब नहीं दिया है.

इसके अलावा, आज एक जूनियर कलाकार ने अभिनेता बाबूराज पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया. ‘मलयालम मूवी आर्टस्टि एसोसिएशन’ (एएमएमए) के पदाधिकारी बाबूराज ने आरोपों को खारिज करते हुए संदेह जताया कि फिल्म उद्योग में निहित स्वार्थ इसके पीछे हैं. उन्होंने दावा किया कि यह आरोप उन्हें एएमएमए का महासचिव बनने से रोकने का एक प्रयास था.

अभिनेत्री द्वारा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक मुकेश के खिलाफ आरोप लगाए जाने के कुछ घंटों बाद युवा मोर्चा और महिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कोल्लम में अभिनेता के आवास की ओर अलग-अलग मार्च निकाले और उनके खिलाफ मामला दर्ज किए जाने तथा उनसे इस्तीफा देने की मांग की.

बहरहाल, कोल्लम के विधायक ने अभी इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता वी.डी.सतीसन ने सोमवार को आरोप लगाया कि राज्य की वाम सरकार मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने वालों को बचाने की कोशिश कर रही है और इसलिए न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट पर जांच की पहल नहीं कर रही.

मुकेश के खिलाफ खुलासे पर प्रतिक्रिया देते हुए केरल की उच्च शिक्षा मंत्री आर. बिन्दु ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ किसी भी आरोप की तथ्यात्मक आधार पर जांच होनी चाहिए. इस बीच, अभिनेता मणियांपिल्ला राजू ने मलयालम फिल्म उद्योग में सामने आ रहे आरोपों की जांच कराने की मांग की है. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि कई और खुलासे होंगे और उनके पीछे कई हित शामिल होंगे.

राजू ने कहा, ”कुछ लोग स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे. आरोपियों में निर्दोष और दोषी दोनों होंगे. इसलिए एक विस्तृत जांच जरूरी है.” इससे एक दिन पहले, यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद फिल्म निर्माता रंजीत ने केरल चलचित्र अकादमी के अध्यक्ष पद से और अभिनेता सिद्दीक ने ‘एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्ट्ट्सिस’ (एएमएमए) के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था.

फिल्म उद्योग में यौन उत्पीड़न के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार पर बढ.ते दबाव के बीच मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रविवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की और महिला कलाकारों के यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए एक सात सदस्यीय विशेष बल गठित करने की घोषणा की. वर्ष 2017 में एक अभिनेत्री पर हमले के बाद केरल सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं के उत्पीड़न व शोषण के मामलों का खुलासा किया गया है, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है.

लैंगिक भेदभाव पर अभिनेत्री पावर्ती ने कहा, सभी फिल्म उद्योग में एक ‘कीड़ा’ है
मलयालम फिल्मों की अभिनेत्री पार्वती थिरुवोथु ने सोमवार को कहा कि सभी फिल्म उद्योग एक ही ‘कीड़े’ से त्रस्त हैं और उद्योग के लोगों को इसकी सफाई करनी होगी. मलयालम सिनेमा में यौन शोषण पर न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट के निष्कर्षों से उथल-पुथल मची हुई है और कई लोग अपनी आवाज मुखर कर रहे हैं.

फिलहाल अपनी तमिल फिल्म ‘थंगालान’ का प्रचार कर रही हैं. ‘वुमेन इन सिनेमा कलेक्टिव’ (डब्ल्यूसीसी) की सदस्य पार्वती ने कहा, ”जब हम अपने लिए बोलते हैं, तो हम बाकी सभी के लिए खड़े होते हैं. हमें सहयोगियों की आवश्यकता है.” डब्ल्यूसीसी के प्रयासों के बाद केरल सरकार ने न्यायमूर्ति हेमा समिति का गठन किया था.

पार्वती ने एक संवाददाता सम्मेलन में, जिसमें ‘पीटीआई-भाषा’ के प्रतिनिधि भी शामिल थे, कहा, ”सभी उद्योगों में एक ‘कीड़ा’ है और हमें इसे खुद ही साफ करना होगा… लेकिन मेरा मानना ??है कि चीजें अब बदल रही हैं. जब हम अपने लिए बोलते हैं, तो हम बाकी सभी के लिए खड़े होते हैं. हमें सहयोगियों की जरूरत है.” न्यायमूर्ति हेमा समिति की 19 अगस्त को जारी विस्तृत रिपोर्ट में मलयालम सिनेमा उद्योग में सत्ता के गठजोड़ और महिलाओं के शोषण का जिक्र है.

पार्वती वर्ष 2017 में अपनी पहली हिंदी फिल्म ‘करीब करीब सिंगल’ में अभिनेता इरफान खान के साथ काम कर चुकी हैं. पार्वती ने अपनी नयी फिल्म ‘थंगालान’ के सह अभिनेता विक्रम की तुलना इरफान से करते हुए कहा कि दोनों के बीच कई समानताएं हैं.
पार्वती ने दोनों अभिनेताओं को उदार इंसान बताया.

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