तिरुनवंतरपुरम. केरल सरकार ने बुधवार को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी एम. आर. अजित कुमार को पदोन्नति दे कर उन्हें एडीजीपी से डीजीपी स्तर का अधिकारी बनाने का फैसला किया. अजित कुमार हाल में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) नेताओं के साथ ‘विवादित बैठकें’ करने की वजह से सुर्खियों में आए थे.
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के करीबी माने जाने वाले अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) स्तर के अधिकारी कुमार को विवादों और आरोपों के बाद अक्टूबर में राज्य की कानून व्यवस्था संबंधी जिम्मेदारियों से हटाकर सशस्त्र पुलिस बटालियन में तैनात कर दिया गया था. मुख्यमंत्री विजयन की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हालांकि उनकी पदोन्नति को मंजूरी देने का फैसला किया गया. कुमार 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी है और उन्हें शीर्ष पद पर पदोन्नत किया जाएगा.
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि मंत्रिमंडल ने समीक्षा समिति द्वारा प्रस्तुत सिफारिशों को मंजूरी दे दी है. बयान के मुताबिक अजित कुमार के अलावा 1995 बैच के एक अन्य अधिकारी एस सुरेश को भी डीजीपी के पद पर पदोन्नत किया जाएगा.
अजित कुमार पिछले साल संघ के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों तथा त्रिशूर पूरम में व्यवधान उत्पन्न करने में अपनी कथित भूमिका के कारण विपक्ष और सत्तारूढ. गठबंधन में सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के निशाने पर आए थे. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मध्य केरल से लोकसभा सीट जीतने में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)की मदद करने के लिए उत्सव में बाधा डाली. हाल ही में सत्तारूढ. वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) से नाता तोड़ने वाले निर्दलीय विधायक पी वी अनवर ने भी अजित कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे. हालांकि, कुमार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था.
इस बीच, विपक्षी कांग्रेस ने अजित कुमार की पदोन्नति को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत एलडीएफ सरकार की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि ”मुख्यमंत्री विजयन ने आरएसएस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था.” केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) अध्यक्ष के. सुधाकरन ने आरोप लगाया कि अजित कुमार के खिलाफ अवैध रूप से धन एकत्र करने, सोने की तस्करी करने वाले गिरोह से संबंध रखने और त्रिशूर पूरम उत्सव में व्यवधान डालने सहित कई आरोप भी उनकी पदो्न्तित रोक नहीं सकी. उन्होंने दावा किया कि जल्द ही अजित कुमार के खिलाफ सभी मामले बंद कर दिये जाएंगे.