प्रधानमंत्री पर खरगे का प्रहार: लाल किले से महिला सम्मान पर ‘लेक्चर’, यौन शोषण के आरोपी को संरक्षण

पहलवानों का अपने पदक गंगा में बहाने का फैसला देश के लिए शर्मनाक : भगवंत मान

नयी दिल्ली/चंडीगढ. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महिला पहलवानों के अपने पदकों को गंगा में प्रवाहित करने की घोषणा करने के बाद मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह लाल किले की प्राचीर से महिला सम्मान पर ‘लेक्चर’ देते हैं, लेकिन असल में यौन शोषण के आरोपी को संरक्षण दे रहे हैं.

उन्होंने ट्वीट किया, ”भारत की बेटियां कह रही हैं कि ह्लपुलिस और तंत्रह्व अब पवित्र नहीं रहा. पिछले कई दिनों से देश का सम्मान बढ.ानेवाली बेटियों के साथ जो हुआ है, वो सबने देखा है. मोदी जी, लाल क.लिे से महिला सम्मान का लंबा लेक्चर देते हैं, पर यौन शोषण के आरोपी को पूरा संरक्षण है.”

खरगे ने सवाल किया, ”आख.रि क्या ज.दि है, बेटियों को न्याय क्यों नहीं मिल सकता ? क्यों बेटियों को ही कठघरे में खड़ा किया गया है ? क्यों वो मां गंगा में प्रदक प्रवाहित करने के लिए मजबूर हुईं ? ‘बेटी बचाओ’ नहीं, अपराधी बचाओ, देश के गौरव को ठेस पहुंचाओ ?” साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया सहित देश के शीर्ष पहलवानों ने मंगलवार को गंगा नदी में अपने पदक प्रवाहित करने की घोषणा की.

पहलवानों का अपने पदक गंगा में बहाने का फैसला देश के लिए शर्मनाक : भगवंत मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि यह देश के लिए शर्मनाक है कि पहलवानों ने अपने पदक गंगा नदी में बहाने का फैसला किया है क्योंकि वे केंद्र सरकार के रवैये से तंग आ गए हैं. उन्होंने कहा कि पहलवानों को भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये के कारण यह फैसला करना पड़ा. पहलवानों ने सिंह पर कई महिला खिलाड़ियों के यौन शोषण का आरोप लगाया है.

साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया सहित देश के शीर्ष पहलवान मंगलवार को गंगा नदी में अपने पदक बहाने सैकड़ों समर्थकों के साथ उत्तराखंड में ‘हर की पौड़ी’ पहुंचे. प्रदर्शन कर रहे पहलवान जैसे अपने विश्व और ओलंपिक पदक गंगा नदी में बहाने को तैयार हुए वैसे ही ‘हर की पौड़ी’ पर काफी भीड़ इकट्ठा हो गयी.

मुख्यमंत्री मान ने ट्वीट किया, ”हमारे देश के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता पहलवानों द्वारा केंद्र सरकार से दुखी होकर अपने पदकों को हरिद्वार गंगा जी में बहाने जाना देश के लिए बहुत शर्मनाक है..अगर समय रहते आवाज न उठायी गई तो अगली बारी देश के लोकतंत्र की अस्थियों को बहाने की होगी.”

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