पुणे. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था और विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए ज्ञान सबसे शक्तिशाली उपकरण है. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसके पास मौजूद भविष्योन्मुखी प्रौद्योगिकी पर आधारित होता है. उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी को जमीनी स्तर तक पहुंचाना, विशेष रूप से कृषि और ग्रामीण भारत में, देश को आत्मनिर्भर और वैश्विक शक्ति बनाने के लिए महत्वपूर्ण है.
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा, ”देश के विकास और प्रगति में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और उसके छात्रों का बहुत बड़ा योगदान रहा है. सरकार में काम करते समय अगर हमें कोई चुनौती आती है, तो हम सबसे पहले आईआईटी से सलाह लेते हैं. आईआईटी की विश्वसनीयता इतनी अच्छी है कि हमें जो समाधान मिलता है, वह व्यापक रूप से स्वीकार्य होता है. संक्षेप में कहें तो आप ज्ञान की राजधानी हैं.”
गडकरी ने कहा, ”देश की प्रगति, संसाधन और प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण हैं लेकिन इससे भी अधिक महत्वपूर्ण भविष्य की प्रौद्योगिकी और ज्ञान है. किसी भी देश का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि उसके पास किस प्रकार की भविष्यान्मुखी प्रौद्योगिकी है.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक मिशन के रूप में लक्ष्य निर्धारित किया है और वह है भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना.
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”अगर हम पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं, तो ज्ञान सबसे शक्तिशाली उपकरण होगा.” गडकरी ने कहा कि उद्यमिता, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, कौशल और सर्वोत्तम प्रथाओं को सामूहिक रूप से ज्ञान कहा जाता है और इस ज्ञान को धन संपदा में परिर्वितत करना ही भविष्य है. उन्होंने बताया कि भारत की लगभग 60 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है, लेकिन जीडीपी में इसका योगदान केवल लगभग 12 प्रतिशत है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”विनिर्माण क्षेत्र जीडीपी में लगभग 22 से 24 प्रतिशत का योगदान देता है, जबकि कृषि और संबद्ध गतिविधियां मिलकर केवल 12 प्रतिशत का योगदान देती हैं. जब तक हम किसानों, गरीबों और हाशिए पर रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं करते, देश सही मायने में प्रगति नहीं कर सकता.” शहरों की ओर पलायन को रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए गडकरी ने कहा कि अगर ग्रामीण भारत में उद्योग स्थापित किए जाते हैं, तो शहरी केंद्रों की ओर पलायन स्वत: कम हो जाएगा.
उन्होंने कहा, ”निर्यात बढ़ाना और आयात घटाना राष्ट्रीय प्राथमिकता होना चाहिए.” गडकरी ने प्रौद्योगिकी को विकास का प्रमुख चालक बताते हुए कहा कि भारत को उन नवाचारों का लाभ उठाना चाहिए जो निर्यात को बढ़ावा दे सकें. उन्होंने कहा, ”हम कृषि को ऊर्जा और बिजली क्षेत्रों की ओर विविधतापूर्ण बनाने के लिए काम कर रहे हैं.”