खराब फॉर्म से जूझ रहे कोहली ने कहा, असल में अपने जीवन के सबसे खुशनुमा चरण में

मुंबई. अपनी मौजूदा खराब फॉर्म को अधिक तवज्जो नहीं देते हुए स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने कहा कि वह ‘असल में’ अपने जीवन के ‘सबसे खुशनुमा चरण’ से गुजर रहे हैं जहां वह सफलता या विफलता को अधिक महत्व नहीं दे रहे. कोहली ने लगभग तीन साल से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में शतक नहीं जड़ा है और इंडियन प्रीमियर लीग का मौजूदा सत्र उनके लिए अब तक का सबसे बदतर सत्र रहा है.

कोहली ने ‘स्टार स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘‘मैं असल में अपने जीवन के सबसे खुशनुमा चरण से गुजर रहा हूं. मैं मैदान पर जो कर रहा हूं उसे अधिक तवज्जो नहीं दे रहा. मैं इस चरण से आगे निकल चुका हूं. यह मेरे लिए विकास का चरण है. ’’ पिछले सत्र के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) की कप्तानी छोड़ने वाले पूर्व भारतीय कप्तान कोहली बल्ले से अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं जिससे उनके करोड़ों प्रशंसक निराश हैं.

कोहली के लिए आईपीएल का 15वां सत्र बल्ले से बेहद निराशाजनक रहा है जिसमें वह आरसीबी के लिए 13 मैच में सिर्फ एक अर्धशतक जड़ पाए हैं. कोहली मौजूदा सत्र में तीन बार पहली गेंद पर आउट हो चुके हैं. वह सिर्फ 200 रन बना पाए हैं और उनका औसत तथा स्ट्राइक रेट उनकी क्षमता के अनुरूप नहीं है. इस 33 साल के खिलाड़ी ने हालांकि साथ ही कहा कि उनकी प्रेरणा खत्म नहीं हुई है.

उन्होंने कहा, ‘‘यह नहीं कहना चाहिए कि मेरी प्रेरणा पहले जैसी नहीं रही, मेरी प्रेरणा कभी खत्म नहीं होगी. जिस दिन मेरी भूख खत्म हो जाएगी मैं उस दिन यह खेल नहीं खेलूंगा.’’ कोहली ने कहा, ‘‘लेकिन समझना चाहिए कि कुछ चीजें आपके नियंत्रण में नहीं होती, आपके नियंत्रण में वही चीजें होती हैं जिन पर आप काम कर सकते हो, जो मैदान पर कड़ी मेहनत करना है और जीवन में भी यही नजरिया है. मुझे लगता है कि मैं जीवन में सबसे संतुलित स्थिति में हूं और मैं जो हूं तथा जैसे मेरा जीवन चल रहा है उससे मैं खुश हूं.’’ कोहली के लिए मैदान पर सफलता और विफलता तेजी से अप्रासंगिक होती जा रही हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘मैदान पर जो हो रहा है उसमें मुझे उत्साहित या निराश होने का कोई कारण नहीं मिल रहा.’’ कोहली की यह टिप्पणी हालांकि उसके अनुरूप नहीं है जो उनके करोड़ों प्रशंसक सहित क्रिकेट जगत महसूस कर रहा है. आधुनिक युग के दिग्गज कोहली के रन नहीं बना पाने से उनके प्रशंसक और विशेषज्ञ ंिचतित हैं. भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री तो उन्हें क्रिकेट से ब्रेक लेने की सलाह दे चुके हैं.

आधुनिक युग के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में गिने जाने वाले कोहली ने अपना पिछला अंतरराष्ट्रीय शतक 2019 में बनाया था. वह अपनी टीम को खिताबी जीत हासिल करने के लिए प्रेरित करने में नाकाम रहे हैं जिसके बाद उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम और आरसीबी तथा फिर टेस्ट टीम की कप्तानी भी छोड़ दी.

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