राजस्थान में लाखों स्कूली बच्चों ने एक साथ देशभक्ति तराने गाकर बनाया ‘रिकॉर्ड’

जयपुर. राजस्थान में सभी छोटे-बड़े स्­कूली मैदान व स्टेडियम शुक्रवार सुबह एक साथ देशभक्ति तरानों से गूंज उठे. अवसर था ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ अभियान के तहत देशभक्ति के गीत गाकर ‘विश्व रिकॉर्ड’ बनाने का. अधिकारियों का कहना है कि राज्­य भर में लगभग एक करोड़ स्­कूली बच्­चों ने एक साथ देशभक्ति तराने गाकर यह रिकॉर्ड बनाया. प्रांतीय राजधानी जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में आयोजित राज्­य स्­तरीय कार्यक्रम में मुख्­यमंत्री अशोक गहलोत भी शामिल हुए. उन्­होंने छात्र-छात्राओं को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी.

गहलोत ने इस अवसर पर कहा, “लंदन के प्रतिष्ठित संस्थान वर्ल्ड बुक आॅफ रिकॉर्ड्स ने एक करोड़ छात्रों द्वारा गाए गए गीतों को सुना और राज्य सरकार को एक प्रमाणपत्र द­यिा. मैं इस प्रमाणपत्र की भावना इस आयोजन में भाग लेने वाले सभी बच्चों को सर्मिपत करता हूं.” सुबह 10.15 बजे देशभक्ति तरानों की शुरुआत वंदेमातरम से हुई. इसके बाद विद्यार्थियों ने ‘सारे जहां से अच्­छा ंिहदुस्­तान हमारा’, ‘आओ बच्­चों तुम्­हें दिखाएं झांकी ंिहदुस्­तान की’, ‘विजयी विश्व तिरंगा प्यारा’ व ‘हम होंगे कामयाब एक दिन’ जैसे तराने गाए.

उन्होंने कहा कि देशभक्ति के गीत संविधान, भाईचारे और बलिदान की मूल भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं. नई पीढ़ी को मूल्यों को अंगीकृत करना चाहिए क्योंकि वे देश का भविष्य हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि राज्य विकास के पथ पर आगे बढ़े और समाज के सभी वर्ग शांति और भाईचारे के साथ रहें. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सोच है कि जहां शांति और भाईचारा होता है वहीं विकास होता है.

गहलोत ने कहा कि जिस परिवार, गांव, राज्य या देश में झगड़ा होता है जहां शांत­ िनहीं होती उसका विकास रुक जाता है. एक अधिकारी ने बताया कि ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में इस प्रयास का लक्ष्­य एक साथ एक करोड़ बच्चों की राष्ट्रभक्ति गीतों में भागीदारी करवाना था. उन्होंने कहा कि स्­कूली विद्यार्थियों में देश प्रेम की भावना जाग्रत करने के उद्देश्य से राज्य के समस्त राजकीय एवं गैर राजकीय विद्यालयों में 12 अगस्त को सुबह 10:15 बजे एक ही समय एक साथ देशभक्ति गीतों का सामूहिक गायन करवाया गया.

राज्य स्तर पर कार्यक्रम जयपुर स्थित सवाई मानंिसह स्टेडियम में हुआ जबकि जिला स्तरीय कार्यक्रम जि­ला मुख्­यालयों पर हुए जहां संबंधित जिला प्रभारी मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक स्तरीय प्रशासन द्वारा सबसे बड़े स्टेडियम, सबसे बड़े विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित करवाया गया तथा विद्यालय स्तरीय कार्यक्रम विद्यालय प्रांगण हुआ.

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