‘मेट्रोमैन’ श्रीधरण को हराने के लिए वाम दल समर्थकों ने कांग्रेस का दिया था साथ : एलडीएफ उम्मीदवार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 20 Oct 2024 09:35 PM
‘मेट्रोमैन’ श्रीधरण को हराने के लिए वाम दल समर्थकों ने कांग्रेस का दिया था साथ : एलडीएफ उम्मीदवार

ऑडियो सुनें

पलक्कड़. केरल की पलक्कड़ विधानसभा सीट पर हो रहे उप चुनाव में कांग्रेस से निष्कासित और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) उम्मीदवार पी.सरीन ने रविवार को यह कहकर विवाद पैदा कर दिया कि 2021 के विधानसभा चुनाव में वाम दल समर्थकों के वोट की बदौलत कांग्रेस की यहां जीत हुई थी.

सरीन ने दावा किया कि वाम दल समर्थकों ने ‘मेट्रोमैन’ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार ई. श्रीधरन की जीत को रोकने के लिए तत्कालीन विधायक शफी परमबिल को वोट दिया था, नहीं तो केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी पिछले चुनावों के दौरान पलक्कड़ विधानसभा सीट जीत सकती थी. उन्होंने अपने प्रचार अभियान के इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस बार कांग्रेस उन नकारात्मक वोट को खो देगी जो 2021 के चुनावों में परमबिल को मिले थे.

एलडीएफ उम्मीदवार ने सवाल किया कि अगर वाम दल समर्थकों ने 2021 में परमबिल को नकारने का फैसला किया होता तो क्या होता? उन्होंने जानना चाहा कि क्या वह वामदल समर्थक वोट के बिना जीत सकते थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि वाम समर्थकों ने लोकतांत्रिक केरल के लिए ऐसा किया है (निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार की जीत को रोकने के लिए). एलडीएफ के निर्दलीय उम्मीदवार की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विरोधियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी.

कांग्रेस ने सरीन की टिप्पणियों को तूल नहीं देने की कोशिश की. परमिल ने कहा कि वे ऐसे बयानों पर प्रतिक्रिया देकर अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहते हैं, जबकि भाजपा ने कहा कि मौजूदा खुलासे से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस के बीच गुप्त राजनीतिक समझौता उजागर हो गया है.

इस विवाद के बारे में पूछे जाने पर परमबिल ने कहा, ”अब मुद्दा क्या है – मेरी जीत या पलक्कड़ में भाजपा की हार . उन्होंने कहा कि पलक्कड़ के लोगों द्वारा दिया जा रहा निरंतर समर्थन पार्टी उम्मीदवार को उपचुनाव में भी भारी मत से जीत दिलाने में मदद करेगा.
भाजपा उम्मीदवार सी. कृष्णकुमार ने कहा कि चुनाव के दौरान माकपा-कांग्रेस गठजोड़ और राजनीतिक सौदेबाजी के बारे में उनकी पार्टी द्वारा लंबे समय से किए जा रहे दावे सही साबित हुए हैं.

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ”हमने जो कहा वह सही था… पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान, माकपा ने श्रीधरन सर (ई श्रीधरन) को हराने के लिए शफी परमबिल को वोट दिया था.” कृष्णकुमार ने कहा कि कुछ समय से माकपा और कांग्रेस के बीच जारी ‘अपवित्र गठजोड़’ और ‘सौदा’ उजागर हो गया है. ‘मेट्रोमैन’ ई श्रीधरन 2021 के विधानसभा चुनाव में 3,000 से अधिक मतों से परमबिल से हार गए थे. सरीन ने विवाद बढ़ने पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने जो कहा वह परमबिल द्वारा धर्मनिरपेक्ष मतों को हासिल करने के लिए अंतिम समय में की गई ‘चालों’ के बारे में था, जो अन्यथा एलडीएफ के लिए वोट किए गए होते.

By Yogesh Kumar Sahu