पांच लाख रुपये से अधिक के वार्षिक प्रीमियम वाली जीवन बीमा पॉलिसी कर दायरे में : वित्त मंत्री

नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बुधवार को पेश किए गए बजट प्रस्ताव के अनुसार, अगर कुल वार्षिक प्रीमियम पांच लाख रुपये से अधिक है तो जीवन बीमा पॉलिसी की परिपक्वता राशि पर कर देय होगा. वित्त मंत्री ने बजट में प्रस्ताव किया कि एक अप्रैल, 2023 के बाद जारी की गई जीवन बीमा पॉलिसी (यूलिप के अतिरिक्त) के लिए कुल प्रीमियम अगर पांच लाख रुपये से अधिक है तो जिन पॉलिसी में कुल प्रीमियम पांच लाख रुपये तक है, उसे छूट दी जाएगी.

प्रस्ताव के अनुसार बीमित व्यक्ति की मृत्यु की स्थित में प्राप्त होने वाली राशि पर मौजूदा कर छूट बरकरार रहेगी. उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था 31 मार्च, 2023 तक जारी बीमा पॉलिसी पर लागू नहीं होगी. अर्थशास्त्री निधि मनचंदा ने कहा कि वित्त विधेयक से मिले झटकों में से एक, जीवन बीमा पॉलिसी की परिपक्वता आय पर कराधान से संबंधित है.

उन्होंने कहा कि यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि यदि किसी व्यक्ति के पास एक से अधिक जीवन बीमा पॉलिसी हैं जो एक अप्रैल 2023 के बाद जारी की गई हो और यदि ऐसी पॉलिसी के प्रीमियम की कुल राशि पांच लाख रुपये से अधिक है, तो परिपक्वता राशि कर योग्य होगी. बजट के बाद, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस के शेयर की कीमतों में 11 प्रतिशत और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस में 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.

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